“लखनऊ के बीबीडी क्षेत्र में BTech द्वितीय वर्ष के 18 वर्षीय छात्र आदर्श मिश्रा की मौत हो गई। कमरे से मिले सुसाइड नोट में उसने माता-पिता को परेशान नहीं करने की बात लिखी। पुलिस मोबाइल और लैपटॉप की जांच कर रही है।“
लखनऊ: राजधानी लखनऊ के बीबीडी क्षेत्र में बीटेक द्वितीय वर्ष के 18 वर्षीय छात्र आदर्श मिश्रा की मौत का मामला सामने आया है। आदर्श मूलरूप से संत कबीर नगर के महेरवा का रहने वाला था और लखनऊ में रहकर पढ़ाई कर रहा था। पुलिस को उसके कमरे से एक सुसाइड नोट मिला है, जिसके आधार पर मामले की जांच की जा रही है।
पुलिस के अनुसार, छात्र के कमरे की तलाशी के दौरान मिले नोट में उसने लिखा कि वह अपने मां-पिता को परेशान नहीं करना चाहता है और अपनी मौत के लिए खुद को जिम्मेदार बताया है। पुलिस ने छात्र का मोबाइल फोन और लैपटॉप कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।
गोयल इंस्टीट्यूट से कर रहा था BTech की पढ़ाई
आदर्श मिश्रा गोयल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट से बीटेक द्वितीय वर्ष की पढ़ाई कर रहा था। पढ़ाई के लिए उसने बीबीडी क्षेत्र में कमरा किराये पर लिया था। परिवार के मुताबिक, आदर्श तीन बहनों का इकलौता भाई था।
उसके पिता प्रमोद मिश्रा बिजली विभाग में संविदा लाइनमैन हैं, जबकि मां का नाम शीला मिश्रा है। बेटे की मौत की खबर मिलने के बाद परिवार में कोहराम मच गया।
घर से लौटने के कुछ दिन बाद हुई घटना
परिवार के अनुसार, शनिवार को घर में रुद्राभिषेक का कार्यक्रम था, जिसके चलते आदर्श संत कबीर नगर स्थित अपने घर आया था। रविवार को उसके पिता उसे बस पर बैठाकर वापस लखनऊ के लिए रवाना कर आए थे।
परिवार को उस समय अंदाजा भी नहीं था कि यह आदर्श से उनकी आखिरी मुलाकात होगी। ताऊ प्रदीप मिश्रा के मुताबिक, मंगलवार सुबह आदर्श ने अपने माता-पिता से फोन पर बातचीत भी की थी।
दोपहर में दोस्तों और पुलिस ने दी अस्पताल में भर्ती होने की सूचना
परिवार के मुताबिक, मंगलवार दोपहर पुलिस और आदर्श के दोस्तों की ओर से फोन आया। उन्हें बताया गया कि आदर्श की तबीयत खराब है और उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सूचना मिलते ही परिवार के लोग लखनऊ के लिए रवाना हो गए।
शाम को कमरे पर पहुंचने पर परिवार को पता चला कि आदर्श अस्पताल में भर्ती है। अस्पताल पहुंचने पर उसकी मौत की जानकारी मिली। इसके बाद कमरे की तलाशी के दौरान पुलिस को सुसाइड नोट मिला।
मोबाइल और लैपटॉप की जांच से कारण तलाश रही पुलिस
बीबीडी थाने के इंस्पेक्टर राम सिंह के अनुसार, छात्र दो दिन पहले ही घर से लखनऊ लौटा था। कमरे से मिले सुसाइड नोट में उसने अपने माता-पिता को अच्छा बताया और उन्हें परेशान नहीं करने की बात लिखी है। नोट में उसने अपनी मौत के लिए खुद को जिम्मेदार बताया है।
पुलिस अब छात्र के मोबाइल फोन और लैपटॉप की जांच कर रही है। इसके जरिए यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि घटना से पहले उसकी किन लोगों से बातचीत हुई थी और वह किन परिस्थितियों से गुजर रहा था। पुलिस आत्महत्या के पीछे की वास्तविक वजह का पता लगाने के लिए सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
परिवार में इकलौता बेटा था आदर्श
आदर्श अपने परिवार में इकलौता बेटा था। उसकी तीन बहनें हैं। पढ़ाई को लेकर परिवार को उससे काफी उम्मीदें थीं। बेटे की मौत की खबर के बाद परिवार सदमे में है।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। सुसाइड नोट, मोबाइल और लैपटॉप से मिलने वाले साक्ष्यों के आधार पर घटना के कारणों की तस्वीर साफ होने की उम्मीद है।
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