केरल में कांग्रेस विधायक राम्या हरिदास से मारपीट का आरोप, WhatsApp पोस्ट को लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं से भिड़ीं

केरल के तिरुवनंतपुरम में कांग्रेस विधायक राम्या हरिदास और पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच WhatsApp पोस्ट को लेकर विवाद हो गया। विधायक ने हमले और धमकी का आरोप लगाया, जबकि दूसरे पक्ष ने अलग कहानी बताई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की है।

तिरुवनंतपुरम। केरल में कांग्रेस की अंदरूनी कलह एक बार फिर सामने आई है। तिरुवनंतपुरम जिले के चिरयिनकीझु में शुक्रवार रात कांग्रेस विधायक राम्या हरिदास और स्थानीय पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच विवाद के बाद हाथापाई हो गई। घटना में विधायक के घायल होने की बात सामने आई है। इलाज के लिए उन्हें चिरयिनकीझु तालुक अस्पताल ले जाया गया।

विधायक राम्या हरिदास ने आरोप लगाया कि स्थानीय कांग्रेस नेताओं ने उनके साथ मारपीट की और उन्हें धमकाया। वहीं, जिला पंचायत सदस्य साजित मुट्टमबलम और पार्टी नेता सज्जाद ने घटना को लेकर अलग पक्ष रखा। उनका दावा है कि विवाद एक WhatsApp पोस्ट और विधायक के स्टाफ सदस्य की ब्लॉक पंचायत समिति की बैठक में मौजूदगी को लेकर शुरू हुआ था।

WhatsApp पोस्ट से शुरू हुआ विवाद

बताया जा रहा है कि विवाद की शुरुआत कांग्रेस के एक WhatsApp ग्रुप में किए गए पोस्ट और टिप्पणी को लेकर हुई। विधायक राम्या हरिदास का आरोप है कि पार्टी नेता सज्जाद लगातार WhatsApp और सोशल मीडिया पर उनके खिलाफ नकारात्मक टिप्पणियां कर रहे थे।

विधायक के मुताबिक, उन्होंने सज्जाद से इन पोस्ट के बारे में सवाल किया। इस दौरान सज्जाद ने कथित तौर पर कहा कि उन्होंने साजित और विश्वनाथन के कहने पर ऐसी टिप्पणियां की थीं।

विवाद बढ़ने के बाद दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और मामला हाथापाई तक पहुंच गया।

विधायक ने लगाया हमले और धमकी का आरोप

राम्या हरिदास ने आरोप लगाया कि सज्जाद ने उन्हें बातचीत के लिए अपने घर बुलाया था। वह कुछ अन्य लोगों के साथ वहां पहुंचीं। उनके मुताबिक, इसके बाद साजित, अधीश, बिनॉय समेत कई अन्य लोग वहां पहुंचे और माहौल तनावपूर्ण हो गया।

विधायक ने आरोप लगाया कि साजित ने उनके साथ आक्रामक व्यवहार किया और उन्हें धमकी दी। उन्होंने दावा किया कि उन्हें जिस रास्ते से आने दिया गया, उसी रास्ते से वापस जाने को लेकर भी धमकी दी गई।

हालांकि, दूसरे पक्ष ने विधायक के इन आरोपों से अलग तस्वीर पेश की है।

कांग्रेस नेताओं ने बताया विवाद का दूसरा कारण

कांग्रेस नेता सज्जाद ने आरोप लगाया कि विवाद एक WhatsApp ग्रुप में उनके द्वारा उठाए गए सवाल के बाद शुरू हुआ। उन्होंने सवाल किया था कि विधायक का स्टाफ सदस्य पलायम प्रदीप ब्लॉक पंचायत समिति की बैठक में किस हैसियत से शामिल हुआ था।

सज्जाद का दावा है कि प्रदीप विधायक के क्षेत्र में अनुचित प्रभाव डाल रहे हैं और इसी वजह से उनकी बैठक में मौजूदगी पर सवाल उठाया गया था।

उन्होंने आरोप लगाया कि इसके बाद विधायक राम्या हरिदास अपने समर्थकों के साथ उनकी दुकान पर पहुंचीं और उन्हें अपने घर ले गईं। सज्जाद के मुताबिक, वहां उनके सहयोगी प्रदीप ने उनकी बेटी से कथित विवादित पोस्ट पढ़वाई। इसके बाद दोनों पक्षों में तीखी बहस हुई।

स्टाफ सदस्य की भूमिका को लेकर भी मतभेद

पूरे विवाद में विधायक के स्टाफ सदस्य की भूमिका भी चर्चा में है। मामला ब्लॉक पंचायत समिति की उस बैठक से जुड़ा बताया जा रहा है, जिसमें विधायक, निर्वाचित प्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद थे।

राम्या हरिदास का कहना है कि पलायम प्रदीप उनके पर्सनल असिस्टेंट (PA) के तौर पर काम कर रहे थे। दूसरी ओर, सज्जाद ने इस दावे का खंडन करते हुए कहा कि विधायक के PA के रूप में विमल नाम का दूसरा व्यक्ति काम करता था।

यही मुद्दा कथित तौर पर कांग्रेस के स्थानीय नेताओं और विधायक के बीच मतभेद की एक प्रमुख वजह बना।

बैंक चुनाव को लेकर भी बढ़ी थी गुटबाजी

विधायक राम्या हरिदास ने बताया कि हाल ही में क्षेत्र में बैंक चुनाव हुए थे। कांग्रेस के सदस्य अलग-अलग पैनल से चुनाव लड़ रहे थे। उन्होंने कहा कि उन्होंने किसी भी पैनल के सम्मेलन में शामिल होने से इनकार किया था, क्योंकि वह किसी एक गुट का समर्थन करती हुई नजर नहीं आना चाहती थीं।

उनके मुताबिक, इसके बाद से ही कुछ स्थानीय कांग्रेस नेताओं की ओर से उनके खिलाफ सोशल मीडिया और WhatsApp पर टिप्पणियां की जा रही थीं। इसी विवाद ने शुक्रवार रात हुए टकराव का रूप ले लिया।

घटना का वीडियो सामने आया

झड़प का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें राम्या हरिदास कुछ लोगों के साथ बहस करती हुई दिखाई दे रही हैं। वीडियो में उन्हें अपना हाथ छुड़ाने की कोशिश करते हुए कुछ कहते सुना जा सकता है।

वीडियो सामने आने के बाद मामले ने और तूल पकड़ लिया है। हालांकि, वीडियो के आधार पर घटना की पूरी परिस्थितियों और दोनों पक्षों की भूमिका का स्वतंत्र रूप से निष्कर्ष निकालना संभव नहीं है।

पुलिस ने दर्ज किया मामला

पुलिस के अनुसार, राम्या हरिदास के बयान के आधार पर साजित मुट्टमबलम, सज्जाद समेत सात कांग्रेस कार्यकर्ताओं के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की है।

पुलिस ने यह भी बताया कि सज्जाद की शिकायत के आधार पर अलग मामला दर्ज किया जाएगा। यानी इस विवाद में दोनों पक्षों की शिकायतों की जांच की जा रही है।

कांग्रेस ने शुरू की प्रारंभिक जांच

घटना के बाद केरल कांग्रेस ने भी मामले को गंभीरता से लिया है। पार्टी ने प्रारंभिक जांच शुरू करने और दोनों पक्षों की बात सुनने का फैसला किया है।

विधायक और स्थानीय पार्टी नेताओं के बीच सार्वजनिक तौर पर सामने आए इस विवाद ने कांग्रेस की स्थानीय गुटबाजी को लेकर सवाल खड़े किए हैं। अब पुलिस जांच और पार्टी की आंतरिक जांच से यह स्पष्ट होगा कि झड़प की वास्तविक परिस्थितियां क्या थीं और विवाद की शुरुआत किस वजह से हुई।

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