कानपुर में करोड़पति ससुर की हत्या की साजिश, बहू ने नौकर को दी छह लाख की सुपारी

कानपुर में दवा कारोबारी विपिन मिनोचा की हत्या का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। आरोप है कि बहू शालू ने संपत्ति के लालच में पुराने नौकर को छह लाख रुपये की सुपारी दी और हत्या के बाद पति का नाम लेने को कहा।

कानपुर। कानपुर में दवा कारोबारी विपिन मिनोचा की चाकू से गोदकर हत्या के मामले में पुलिस ने सनसनीखेज राजफाश किया है। पुलिस की जांच में सामने आया है कि कारोबारी की बहू शालू ने ही छह लाख रुपये की सुपारी देकर पुराने नौकर विशाल गौतम से अपने ससुर की हत्या करवाई थी। हत्या की साजिश इस तरह रची गई थी कि घटना को सामान्य मौत या हार्ट अटैक का रूप दिया जा सके।

पुलिस ने मामले में दो हत्यारोपितों को रविवार को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया। इसके बाद साजिश में शामिल बहू शालू को भी गिरफ्तार कर लिया गया। सोमवार को तीनों आरोपितों को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया। पुलिस अब मामले में कारोबारी के बेटे सुब्रत की भूमिका समेत अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है।

संपत्ति पर थी बहू की नजर

पुलिस की पूछताछ में सामने आया कि शालू की नजर अपने ससुर की संपत्ति पर थी। बताया गया कि उसके पति सुब्रत परिवार के इकलौते बेटे हैं, लेकिन कारोबारी अपने बेटे को भी अन्य कर्मचारियों की तरह ही अनुशासन में रखते थे। आरोप के मुताबिक, सुब्रत को 35 हजार रुपये प्रतिमाह वेतन मिलता था, जबकि शालू को घर खर्च के लिए 10 हजार रुपये दिए जाते थे और उसका भी हिसाब लिया जाता था।

शालू को यह व्यवहार पसंद नहीं था। पुलिस के अनुसार, इसी के चलते उसने ससुर की हत्या की साजिश रची। इसके लिए उसने अपने पुराने परिचित और कारोबारी की दुकान पर करीब छह वर्ष पहले काम कर चुके नौकर विशाल गौतम से संपर्क किया।

छह लाख रुपये में तय हुई हत्या की सुपारी

पुलिस के मुताबिक, शालू ने विशाल को छह लाख रुपये में हत्या की सुपारी दी थी। सौदा तय होने के बाद रकम देने का तरीका भी पहले से तय किया गया था। आरोपितों को घटना के बाद दो लाख रुपये देने और शेष चार लाख रुपये 15 दिन बाद देने की बात तय हुई थी।

हत्या को अंजाम देने के लिए शालू ने करीब 15 दिन पहले फ्लैट की डुप्लीकेट चाबी भी बनवाकर विशाल को उपलब्ध कराई थी। इससे आरोपितों के लिए फ्लैट में प्रवेश करना आसान हो गया। पुलिस के अनुसार, शालू ने सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी भी आरोपितों को दी थी।

पहले तकिये से दम घोंटकर हत्या की थी योजना

पूछताछ में आरोपित ने पुलिस को बताया कि शुरुआत में कारोबारी की हत्या तकिये से मुंह और नाक दबाकर करने की योजना बनाई गई थी। मकसद हत्या को इस तरह दिखाना था कि विपिन मिनोचा की मौत हार्ट अटैक से हुई है और किसी को हत्या का शक न हो।

हालांकि, घटना वाली रात योजना के मुताबिक सब कुछ नहीं हुआ। विशाल और उसका साथी राजकिशोर कारोबारी के बेटे सुब्रत के बेडरूम में छिपे हुए थे। इसी दौरान विपिन मिनोचा वहां पहुंच गए और उन्होंने लाइट जलाने के लिए स्विच ऑन कर दिया। अचानक आमना-सामना होने पर आरोपितों को पकड़े जाने का डर सताने लगा।

पहचान उजागर होने के डर से चाकू से किया हमला

पुलिस के अनुसार, कारोबारी के आरोपितों को पहचान लेने के डर से राजकिशोर ने उनके हाथ पकड़ लिए। इसके बाद विशाल ने चाकू से उन पर वार कर दिया। हमले में कारोबारी की मौत हो गई।

हत्या के बाद आरोपित वहां से निकल गए। घटना के बाद पुलिस ने जांच शुरू की तो सीसीटीवी फुटेज में दो युवकों की आवाजाही सामने आई। जांच आगे बढ़ने पर पुलिस को पुराने नौकर विशाल पर शक हुआ।

गार्ड को भी दी गई थी खास हिदायत

डीसीपी पश्चिम एसएम कासिम आबिदी के अनुसार, जांच में एक महत्वपूर्ण कड़ी तब सामने आई जब पता चला कि शालू ने गार्ड को निर्देश दिया था कि विशाल के आने पर उसकी एंट्री रजिस्टर में न की जाए। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई तो साजिश की परतें खुलती चली गईं।

पूछताछ के दौरान विशाल से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने शालू को भी हिरासत में लिया। इसके बाद हत्या की पूरी साजिश का खुलासा हुआ।

पकड़े जाने पर पति का नाम बताने को कहा था

पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि शालू ने विशाल को पहले से यह निर्देश दिया था कि यदि वह हत्या के मामले में पकड़ा जाए तो अपने पति सुब्रत का नाम बता दे। इस निर्देश के पीछे साजिश को पति की ओर मोड़ने की कोशिश की आशंका जताई जा रही है।

पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि हत्या की साजिश में सुब्रत की वास्तविक भूमिका क्या थी और क्या उसे इसकी जानकारी थी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस बिंदु समेत मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी गहनता से जांच की जा रही है।

लखनऊ के ठाकुरगंज की रहने वाली है शालू

पुलिस के मुताबिक, हत्या की साजिश रचने वाली शालू मूल रूप से लखनऊ के ठाकुरगंज की रहने वाली है। पुलिस अब उसके पुराने संपर्कों, नौकर विशाल से बातचीत और हत्या से पहले हुई गतिविधियों की भी जांच कर रही है। सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल संपर्क और अन्य साक्ष्यों को जांच का आधार बनाया जा रहा है।

इस पूरे मामले में पुलिस के सामने अब यह पता लगाना भी अहम है कि संपत्ति को लेकर शालू ने हत्या की साजिश कब से शुरू की थी और इसमें अन्य किसी व्यक्ति की भूमिका तो नहीं थी। पुलिस इसी दिशा में आगे की जांच कर रही है।

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