
“मैनपुरी में तीन साल पहले ग्रामीणों के चंदे से खरीदा गया भैंसा ‘मुन्ना’ तीन दिन से लापता है। ग्रामीणों ने एसपी कार्यालय पहुंचकर बरामदगी की गुहार लगाई। आरोप है कि नशीला पदार्थ खिलाकर मुन्ना को 1.20 लाख रुपये में बेच दिया गया।“
मैनपुरी। आमतौर पर पुलिस के पास लोग अपने परिवार, संपत्ति या किसी सामान के चोरी होने की शिकायत लेकर पहुंचते हैं, लेकिन मैनपुरी में ग्रामीणों की एक अनोखी फरियाद सामने आई है। यहां गांव वालों ने अपने लापता भैंसे ‘मुन्ना’ को वापस दिलाने के लिए पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर गुहार लगाई है। ग्रामीणों का कहना है कि मुन्ना उनके लिए सिर्फ एक भैंसा नहीं, बल्कि पूरे गांव की साझा संपत्ति और भावनाओं से जुड़ा हुआ है।
ग्रामीणों ने एसपी कार्यालय में शिकायती पत्र देकर मुन्ना को सकुशल बरामद कराने और मामले में कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि कुछ लोगों ने चारे में नशीला पदार्थ मिलाकर भैंसे को अचेत किया और इसके बाद उसे 1.20 लाख रुपये में बेच दिया।
तीन साल पहले चंदा जुटाकर रोहतक से लाए थे मुन्ना
ग्रामीणों के अनुसार, करीब तीन साल पहले राजेंद्र सिंह ने गांव के लोगों से चंदा एकत्र किया था। इसी रकम से हरियाणा के रोहतक से एक भैंसा खरीदकर गांव लाया गया था। गांव में आने के बाद ग्रामीणों ने उसका नाम प्यार से मुन्ना रख दिया।
कुछ समय तक राजेंद्र सिंह ने मुन्ना को अपने पास रखा। इसके बाद उसे गांव में खुला छोड़ दिया जाता था। ग्रामीणों के बीच मुन्ना की अच्छी पहचान बन गई थी। गांव के लोग उसकी देखभाल और खानपान का भी ध्यान रखते थे।
चारे में नशीला पदार्थ खिलाने का आरोप
ग्रामीणों का आरोप है कि गत दो सितंबर को पड़ोसी गांव के कुछ अराजकतत्वों ने मुन्ना को चारे में नशीला पदार्थ खिला दिया। इसके बाद वह अचेत हो गया। ग्रामीणों के मुताबिक, इसी का फायदा उठाकर आरोपितों ने मुन्ना को करीब 1.20 लाख रुपये में बेच दिया।
जब ग्रामीणों को मुन्ना के गायब होने की जानकारी हुई तो उन्होंने उसकी तलाश शुरू की। आसपास के गांवों और संभावित स्थानों पर काफी खोजबीन की गई, लेकिन उसका कोई पता नहीं चल सका। इसके बाद ग्रामीणों ने पुलिस से शिकायत करने का फैसला किया।
एसपी कार्यालय पहुंचे ग्रामीण
सोमवार को बड़ी संख्या में ग्रामीण एसपी कार्यालय पहुंचे। उन्होंने शिकायती पत्र देकर मुन्ना की बरामदगी और आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। ग्रामीणों ने पुलिस अधिकारियों के सामने अपनी समस्या रखते हुए कहा कि मुन्ना को जल्द से जल्द सकुशल वापस कराया जाए।
इस दौरान ग्रामीणों और दूसरे गांव के लोगों के बीच भी बातचीत हुई। ग्रामीणों का कहना है कि बातचीत में तीन दिन के भीतर मुन्ना को वापस कराने की बात कही गई है।
बुधवार तक मुन्ना नहीं मिला तो धरने की चेतावनी
ग्रामीणों ने पुलिस को चेतावनी दी है कि यदि बुधवार तक मुन्ना को सकुशल वापस नहीं कराया गया तो वे धरना-प्रदर्शन करेंगे। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने सामूहिक रूप से चंदा जुटाकर मुन्ना को खरीदा था, इसलिए उसकी बरामदगी उनके लिए बेहद महत्वपूर्ण है।
ग्रामीणों की इस अनोखी शिकायत ने पूरे मामले को चर्चा में ला दिया है। अब सभी की नजर पुलिस की कार्रवाई पर है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि पुलिस जांच कर मुन्ना का पता लगाएगी और उसे सकुशल गांव वापस लाएगी।
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