
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में मानसून की सक्रियता फिलहाल कमजोर पड़ गई है। मौसम विभाग के अनुसार अगले 48 घंटों के दौरान प्रदेश में किसी प्रभावी मौसम तंत्र के सक्रिय नहीं होने के कारण व्यापक वर्षा की संभावना कम है। हालांकि स्थानीय मौसमी परिस्थितियों के प्रभाव से कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। कुछ जिलों में गरज-चमक के साथ छिटपुट वर्षा होने के भी आसार हैं।
दक्षिण की ओर खिसकी मानसूनी द्रोणी
मौसम विज्ञानी अतुल कुमार सिंह के अनुसार उत्तर-पश्चिमी और पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना निम्न दबाव क्षेत्र पिछले 24 घंटे के दौरान पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ा है। यह दक्षिणी ओडिशा और उत्तरी आंध्र प्रदेश के तट को पार करने के बाद अब दक्षिणी छत्तीसगढ़ के ऊपर केंद्रित है।
निम्न दबाव क्षेत्र की स्थिति में बदलाव का सीधा असर मानसून की गतिविधियों पर पड़ा है। इसके प्रभाव से मानसूनी द्रोणी अपनी सामान्य स्थिति से दक्षिण की ओर खिसककर मध्य भारत की तरफ पहुंच गई है। ऐसे में उत्तर प्रदेश में अगले दो दिनों के दौरान मानसूनी गतिविधियों के अपेक्षाकृत कमजोर रहने की संभावना है।
तेज बारिश के बजाय छिटपुट वर्षा
मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक सोमवार और मंगलवार के दौरान प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में व्यापक और तेज बारिश की स्थिति बनने की संभावना कम है। कुछ इलाकों में स्थानीय परिस्थितियों के कारण हल्की से मध्यम वर्षा हो सकती है।
इसके साथ ही कुछ जिलों में बादलों की आवाजाही के बीच गरज-चमक के साथ बारिश देखने को मिल सकती है। हालांकि इसे पूरे प्रदेश में मानसून के किसी बड़े सक्रिय दौर के रूप में नहीं देखा जा रहा है। बारिश का स्वरूप मुख्य रूप से स्थानीय और छिटपुट रहने की संभावना है।
दो दिन बाद बढ़ सकती है बारिश की गतिविधि
मौसम विभाग के अनुसार अगले दो दिनों के बाद प्रदेश में वर्षा गतिविधियों में आंशिक बढ़ोतरी होने की संभावना है। यानी फिलहाल कमजोर पड़ा मानसून पूरी तरह निष्क्रिय नहीं हुआ है और मौसम तंत्र में बदलाव के साथ कुछ क्षेत्रों में बारिश का दौर फिर बढ़ सकता है।
ऐसे में प्रदेश के लोगों को अगले कुछ दिनों के दौरान मौसम में होने वाले बदलाव पर नजर रखने की सलाह दी गई है। विशेष रूप से गरज-चमक के दौरान खुले स्थानों पर सावधानी बरतना जरूरी होगा।
लखनऊ समेत अवध में तापमान में उतार-चढ़ाव
मानसून की कमजोर गतिविधि का असर प्रदेश के तापमान पर भी दिखाई दे रहा है। लखनऊ समेत अवध के अधिकांश जिलों में दिन के तापमान में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। बादलों और स्थानीय बारिश के कारण कुछ इलाकों में तापमान में थोड़ी राहत मिल सकती है, जबकि बारिश नहीं होने वाले क्षेत्रों में दिन के समय गर्मी महसूस हो सकती है।
राजधानी लखनऊ में रविवार को अधिकतम तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई। यहां अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 0.6 डिग्री सेल्सियस अधिक था।
अयोध्या में सबसे अधिक 36 डिग्री तापमान
प्रदेश में रविवार को अयोध्या सबसे गर्म शहर रहा। यहां अधिकतम तापमान 36 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके बाद बस्ती और मेरठ में 35 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान रिकॉर्ड किया गया।
मौसम विभाग के अनुसार मानसून की सक्रियता में कमी के बीच तापमान में यह उतार-चढ़ाव आने वाले दिनों में भी बना रह सकता है। बारिश वाले इलाकों में तापमान अपेक्षाकृत कम रह सकता है, जबकि शुष्क परिस्थितियों वाले क्षेत्रों में दिन के तापमान में वृद्धि देखने को मिल सकती है।
किसानों के लिए भी मौसम पर नजर रखना जरूरी
प्रदेश में मानसून की कमजोर गतिविधि का असर कृषि क्षेत्र पर भी पड़ सकता है। जिन क्षेत्रों में हाल के दिनों में पर्याप्त बारिश हुई है, वहां तत्काल स्थिति पर ज्यादा प्रभाव नहीं पड़ सकता, लेकिन जिन इलाकों में बारिश की जरूरत बनी हुई है, वहां किसानों को स्थानीय मौसम पूर्वानुमान पर नजर रखनी होगी।
फिलहाल अगले 48 घंटे में व्यापक बारिश की संभावना कम है। इसके बाद वर्षा गतिविधियों में संभावित बढ़ोतरी से प्रदेश के कुछ हिस्सों में बारिश का नया दौर देखने को मिल सकता है।
क्या है अगले दो दिनों का मौसम पूर्वानुमान?
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार:
अगले 48 घंटे तक उत्तर प्रदेश में मानसून की सक्रियता कमजोर रहने की संभावना है।
प्रदेश में व्यापक वर्षा की संभावना फिलहाल कम है।
कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।
स्थानीय मौसमी परिस्थितियों के कारण गरज-चमक के साथ वर्षा संभव है।
लखनऊ और अवध क्षेत्र में तापमान में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।
दो दिन बाद वर्षा गतिविधियों में आंशिक बढ़ोतरी के आसार हैं।
दक्षिणी छत्तीसगढ़ के ऊपर केंद्रित निम्न दबाव क्षेत्र और मानसूनी द्रोणी की स्थिति मौसम को प्रभावित करेगी।








