पीएम मोदी की ‘चिंतन बैठक’ पर कांग्रेस का तंज, जयराम रमेश बोले- ‘यह ज्यादा चिंता बैठक जैसी’

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 23 और 24 सितंबर को केंद्रीय मंत्रियों के साथ ‘चिंतन बैठक’ करेंगे। बैठक में शासन, सुधार, सरकारी योजनाओं की प्रगति और नीति क्रियान्वयन पर चर्चा संभावित है। कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने बैठक को लेकर सरकार पर तंज कसा है।

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में 23 और 24 सितंबर को होने वाली केंद्रीय मंत्रिपरिषद की दो दिवसीय ‘चिंतन बैठक’ को लेकर कांग्रेस ने सरकार पर निशाना साधा है। कांग्रेस महासचिव और संचार प्रभारी जयराम रमेश ने बैठक के नाम पर तंज कसते हुए इसे ‘चिंता बैठक’ बताया।

कांग्रेस नेता ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि प्रधानमंत्री ने अगले सप्ताह सभी केंद्रीय मंत्रियों की बैठक बुलाई है। उनके मुताबिक, यह बैठक ऐसे समय में हो रही है जब केंद्र सरकार को विभिन्न मुद्दों पर सवालों और आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा है।

23 और 24 सितंबर को होगी बैठक

सूत्रों के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 23 और 24 सितंबर को नई दिल्ली में सभी केंद्रीय मंत्रियों के साथ ‘चिंतन बैठक’ करेंगे। बैठक में शासन और नीति निर्माण से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श किया जाएगा।

सभी कैबिनेट मंत्रियों को अगले सप्ताह राष्ट्रीय राजधानी में रहने के लिए कहा गया है, ताकि वे बैठक की तैयारी और उसमें भाग ले सकें। बैठक का मुख्य उद्देश्य सरकार के कामकाज, सुधारों और जनसेवा से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करना बताया गया है।

सुधार और जनसुविधा पर हो सकती है चर्चा

बैठक में केंद्र सरकार के विभिन्न सुधारों और नीतियों की प्रगति पर चर्चा होने की संभावना है। प्रधानमंत्री मोदी पहले भी मंत्रियों से शासन व्यवस्था में सुधार के साथ लोगों की समस्याओं के समाधान और ईज ऑफ लिविंग को प्राथमिकता देने पर जोर देते रहे हैं।

सूत्रों के अनुसार, बैठक में सरकारी योजनाओं की प्रगति, नीतियों के क्रियान्वयन, समय प्रबंधन और मंत्रालयों के बीच बेहतर समन्वय जैसे मुद्दे शामिल हो सकते हैं। सार्वजनिक सेवाओं की डिलीवरी और आगे की नीतिगत दिशा पर भी चर्चा संभावित है।

जयराम रमेश ने ‘चिंतन’ को बताया ‘चिंता बैठक’

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने प्रधानमंत्री की प्रस्तावित बैठक पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इसे ‘चिंतन बैठक’ कहा जा रहा है, लेकिन उनके अनुसार मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों में यह अधिक ‘चिंता बैठक’ जैसी है।

रमेश ने प्रधानमंत्री पर विभिन्न मुद्दों को लेकर विपक्ष और अन्य पक्षों की ओर से सवाल उठाए जाने का दावा किया। उन्होंने केंद्र सरकार और भाजपा के राजनीतिक रुख पर भी टिप्पणी की।

अमित शाह को लेकर भी कांग्रेस नेता का दावा

जयराम रमेश ने अपने बयान में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का भी जिक्र किया। उन्होंने लोकसभा में दो-तिहाई बहुमत को लेकर भाजपा की रणनीति पर सवाल उठाया और सरकार पर विपक्षी एकजुटता को प्रभावित करने के प्रयास का आरोप लगाया।

रमेश ने 17 अप्रैल की एक राजनीतिक घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि उस दिन विपक्ष की एकजुटता ने कुछ विधेयकों के पारित होने को रोका था। उन्होंने दावा किया कि विपक्ष की एकजुटता आगे भी बनी रहेगी।

कांग्रेस नेता की ये टिप्पणियां विपक्षी दल की राजनीतिक प्रतिक्रिया हैं। वहीं, प्रस्तावित ‘चिंतन बैठक’ के आधिकारिक एजेंडे में शासन, सुधार, नीति क्रियान्वयन और जनसेवा से जुड़े विषयों पर चर्चा को प्रमुखता दिए जाने की बात सामने आई है।

मानसून सत्र को लेकर भी कांग्रेस ने उठाया मुद्दा

कांग्रेस ने संसद के मानसून सत्र को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाया। जयराम रमेश ने कहा कि मानसून सत्र समाप्त हुए 35 दिन बीत चुके हैं, लेकिन संसद का सत्र अभी तक औपचारिक रूप से स्थगित यानी प्रोरोग नहीं किया गया है।

संसदीय सत्र के औपचारिक समापन और मंत्रियों की बैठक के मुद्दे को कांग्रेस ने एक ही बयान में उठाया। हालांकि, दोनों विषयों का संवैधानिक और प्रशासनिक संदर्भ अलग है।

बैठक से आगे की नीति का रोडमैप तैयार होने की संभावना

केंद्रीय मंत्रियों की बैठक में सरकार के मौजूदा कार्यक्रमों की समीक्षा के साथ आगे की प्राथमिकताओं पर भी चर्चा होने की संभावना है। सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन, मंत्रालयों के बीच समन्वय और नागरिकों तक सार्वजनिक सेवाओं की पहुंच जैसे विषय बैठक में प्रमुख हो सकते हैं।

23 और 24 सितंबर को होने वाली इस बैठक पर इसलिए भी नजर रहेगी क्योंकि इसमें प्रधानमंत्री और केंद्रीय मंत्रियों के बीच सरकार की आगामी प्राथमिकताओं तथा सुधारों को लेकर विचार-विमर्श होगा।

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