यूपी में अक्टूबर से खनन पट्टों का संचालन, VTS से होगी उपखनिजों की लोडिंग; माला श्रीवास्तव ने दिए सख्त निर्देश

मानसून सत्र के बाद अक्टूबर से उत्तर प्रदेश में खनन पट्टों का संचालन नियमानुसार सुनिश्चित किया जाएगा। माला श्रीवास्तव ने अधिकारियों को VTS के तहत जियो-रेफरेंस्ड क्षेत्र से ही उपखनिज लोडिंग कराने के निर्देश दिए।

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में मानसून सत्र के बाद खनन गतिविधियों को नियमानुसार शुरू कराने की तैयारी तेज हो गई है। भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग की सचिव एवं निदेशक माला श्रीवास्तव ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि मानसून सत्र समाप्त होने के बाद अक्टूबर से खनन पट्टों का संचालन निर्धारित नियमों के तहत सुनिश्चित कराया जाए।

बुधवार को विभागीय जनपदीय और क्षेत्रीय अधिकारियों के साथ वीडियो कान्फ्रेंसिंग के जरिए हुई समीक्षा बैठक में खनन गतिविधियों, पट्टा विलेख, नए क्षेत्रों की विज्ञप्ति और VTS व्यवस्था समेत विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा की गई।

अक्टूबर से खनन पट्टों के संचालन की तैयारी

माला श्रीवास्तव ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि मानसून सत्र समाप्त होने के बाद अक्टूबर से खनन पट्टों का संचालन नियमानुसार कराया जाए। उन्होंने कहा कि खनन पट्टों के संचालन से पहले आवश्यक प्रक्रियाओं को निर्धारित समय-सीमा में पूरा किया जाए।

इसके तहत पट्टा विलेख, नए क्षेत्रों की विज्ञप्ति और खनन पट्टों के संचालन से संबंधित अन्य जरूरी कार्यवाही समय से पूरी कराने के निर्देश दिए गए हैं। इसका उद्देश्य खनन गतिविधियों के संचालन में अनावश्यक देरी से बचना है।

21 तारीख तक जमा करनी होगी पट्टे की किश्त

बैठक में बालू, मोरम और अन्य उपखनिजों के पट्टों से संबंधित किश्त जमा करने की समय-सीमा की भी समीक्षा की गई।

अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि पट्टाधारकों से निर्धारित समय के भीतर किश्त जमा कराना सुनिश्चित करें। विभाग के अनुसार संबंधित पट्टों की किश्त प्रत्येक माह की 21 तारीख तक जमा किया जाना निर्धारित है।

निर्धारित तारीख के बाद किश्त जमा करने पर नियमानुसार ब्याज देय होगा। अधिकारियों से कहा गया कि पट्टाधारकों को किश्त जमा करने की समय-सीमा और संबंधित नियमों की स्पष्ट जानकारी दी जाए तथा नियमों के अनुरूप आवश्यक कार्रवाई की जाए।

VTS के तहत जियो-रेफरेंस्ड क्षेत्र से ही लोडिंग

खनन गतिविधियों की तकनीकी निगरानी के लिए इस्तेमाल की जा रही VTS यानी व्हीकल ट्रैकिंग सिस्टम व्यवस्था की भी बैठक में समीक्षा की गई।

माला श्रीवास्तव ने स्पष्ट निर्देश दिए कि VTS प्रणाली के अनुसार उपखनिजों की लोडिंग केवल जियो-रेफरेंस्ड क्षेत्र से ही सुनिश्चित कराई जाए। अधिकारियों को खनन और परिवहन से जुड़ी गतिविधियों में निर्धारित तकनीकी व्यवस्था और नियमों का प्रभावी अनुपालन कराने को कहा गया।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि इस व्यवस्था में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए।

विभागीय कार्यों की नियमित निगरानी के निर्देश

समीक्षा बैठक में अधिकारियों को विभागीय कार्यों की नियमित निगरानी करने के निर्देश भी दिए गए। सचिव एवं निदेशक ने कहा कि शासन और विभाग की ओर से जारी निर्देशों का निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार पालन सुनिश्चित किया जाए।

खनन पट्टों के संचालन से लेकर उपखनिजों की लोडिंग और परिवहन तक प्रत्येक स्तर पर नियमों के अनुपालन पर निगरानी रखने को कहा गया है।

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