
“ओपी राजभर ने अखिलेश यादव पर तंज कसते हुए इंद्रजीत सरोज के मंत्री बनने वाले बयान पर सवाल उठाए। राजभर ने 2027 चुनाव से पहले ही मंत्री पद और विभाग बांटने की बात कही।“
लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले नेताओं के बीच बयानबाजी तेज हो गई है। सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष और प्रदेश सरकार में मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव इंद्रजीत सरोज के बयान को लेकर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तंज कसा है।
इंद्रजीत सरोज का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें वह 2027 में सपा की सरकार बनने की स्थिति में मंत्री बनने की बात कहते सुनाई दे रहे हैं। यह वीडियो 17 सितंबर को कौशांबी के सिराथू में आयोजित सपा के बूथ स्तरीय कार्यकर्ता सम्मेलन से संबंधित बताया जा रहा है।
इसी बयान को लेकर ओपी राजभर ने सवाल उठाते हुए कहा कि विधानसभा चुनाव अभी दूर है और जनता का फैसला भी नहीं आया है, लेकिन सपा में अभी से मंत्री पद और विभाग को लेकर चर्चा शुरू हो गई है।
‘बड़े मंत्री हम ही बनेंगे’ वाले बयान पर निशाना
रिपोर्टों के मुताबिक, इंद्रजीत सरोज ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा था कि यदि 2027 में सपा की सरकार बनती है तो उन्हें मंत्री बनने से कोई नहीं रोक पाएगा। उन्होंने खुद को पार्टी के मुश्किल समय का साथी बताते हुए बड़े मंत्री बनने की बात कही थी।
सरोज ने अपने संबोधन में कार्यकर्ताओं के लिए रोजगार और जिले के विकास की भी बात की। इसी दौरान जेसीबी, डंपर और बालू को लेकर की गई उनकी टिप्पणी भी वीडियो में सुनाई देती है, जिसके बाद बयान राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया।
राजभर ने पूछा- कौन सा विभाग किसे मिलेगा?
ओपी राजभर ने इसी को आधार बनाकर अखिलेश यादव पर निशाना साधा। उन्होंने सवाल किया कि जब अभी चुनाव ही नहीं हुआ है तो सपा में मंत्री कौन बनेगा और किसे कौन सा विभाग मिलेगा, इसकी तैयारी कैसे शुरू हो गई?
राजभर ने तंज करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश की जनता कोई खाली कुर्सी नहीं है कि किसी के चाहने मात्र से कोई उस पर बैठ जाए। उनके मुताबिक, पहले जनता का फैसला आना चाहिए और उसके बाद सरकार तथा मंत्रिमंडल की बात होनी चाहिए।
जेसीबी-डंपर और बालू पर भी राजभर का तंज
राजभर ने इंद्रजीत सरोज की जेसीबी, डंपर और बालू से जुड़ी टिप्पणी को भी अपने निशाने पर लिया। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, सरोज के वायरल वीडियो में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए जेसीबी और डंपर वालों से बालू निकालने-बेचने की बात कही गई थी।
राजभर ने इसी संदर्भ में सवाल उठाया कि क्या चुनाव की तैयारी चल रही है या सरकार बनने से पहले ही मंत्री पद और बालू-मिट्टी से जुड़े कामों का हिसाब लगाया जाने लगा है।
हालांकि, उपलब्ध रिपोर्टों में सरोज की टिप्पणी को किसी आधिकारिक सरकारी खनन नीति या घोषणा के रूप में दर्ज नहीं किया गया है। यह उनके एक राजनीतिक कार्यक्रम में दिए गए संबोधन का हिस्सा बताया गया है।
‘चच्चू को कौन सा विभाग देंगे?’
ओपी राजभर ने अपनी पोस्ट में अखिलेश यादव से यह भी पूछा कि 2027 के लिए और किन नेताओं को कौन-कौन से विभाग सपने में बांटकर रखे गए हैं।
उन्होंने व्यंग्यात्मक अंदाज में ‘चच्चू’ का जिक्र करते हुए पूछा कि उन्हें पीडब्ल्यूडी मिलेगा या सिंचाई विभाग। राजभर की इस टिप्पणी का मकसद सपा में चुनाव से पहले ही मंत्री पद और विभागों को लेकर कथित चर्चा पर कटाक्ष करना था।
2027 से पहले तेज हुई सियासी बयानबाजी
उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों की तैयारियां और बयानबाजी लगातार तेज हो रही है। इसी क्रम में नेताओं के बीच एक-दूसरे के बयानों पर प्रतिक्रिया का दौर भी जारी है।
इंद्रजीत सरोज के बयान के बाद ओपी राजभर की प्रतिक्रिया सामने आई है। दोनों नेताओं के बयानों ने चुनाव से पहले संभावित सत्ता और मंत्रिमंडल को लेकर राजनीतिक बहस को नया मुद्दा दिया है। फिलहाल अंतिम फैसला मतदाताओं का होगा और चुनाव परिणाम के बाद ही यह तय होगा कि किस दल को सरकार बनाने का जनादेश मिलता है।
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