
नई दिल्ली। दिल्ली सरकार में मंत्री और बीजेपी नेता प्रवेश वर्मा के मानहानि मामले में आम आदमी पार्टी के नेता सौरभ भारद्वाज की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। राउज एवेन्यू सेशन कोर्ट ने मामले में सौरभ भारद्वाज को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। यह नोटिस प्रवेश वर्मा की उस याचिका पर दिया गया है, जिसमें उन्होंने निचली अदालत के फैसले को चुनौती दी है। निचली अदालत ने उनकी मानहानि शिकायत खारिज कर दी थी। मामले की अगली सुनवाई 28 नवंबर को होगी।
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, मई 2026 में दिल्ली AAP के अध्यक्ष और पूर्व मंत्री सौरभ भारद्वाज ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर प्रवेश वर्मा को लेकर कुछ आरोप लगाए थे। उन्होंने दावा किया था कि प्रवेश वर्मा ने ‘एस.एस. मोटा सिंह स्कूल ट्रस्ट’ में अपने पद का दुरुपयोग करते हुए अपने सहयोगियों को नियुक्त किया। भारद्वाज ने यह भी दावा किया था कि इस ट्रस्ट के पास करीब 500 करोड़ रुपये की संपत्ति है।
इसके अलावा उन्होंने स्कूल के एक कर्मचारी को लेकर भी सवाल उठाए थे, जिस पर पॉक्सो मामले में आरोपी होने का आरोप बताया गया था।

प्रवेश वर्मा ने आरोपों को बताया मानहानिकारक
प्रवेश वर्मा ने सौरभ भारद्वाज के इन आरोपों को झूठा, बेबुनियाद और मानहानिकारक बताया था। उन्होंने आरोप लगाया कि 15 और 16 मई को सोशल मीडिया पर किए गए पोस्ट के जरिए उनकी छवि और प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई।
इसी आधार पर प्रवेश वर्मा ने सौरभ भारद्वाज के खिलाफ आपराधिक मानहानि की शिकायत दर्ज कराई थी। हालांकि, निचली अदालत ने उनकी शिकायत खारिज कर दी थी। अब प्रवेश वर्मा ने इस फैसले को सेशन कोर्ट में चुनौती दी है। कोर्ट ने सौरभ भारद्वाज से जवाब मांगा है और मामले की अगली सुनवाई 28 नवंबर को तय की है।








