
भोपाल: केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी अब मध्य प्रदेश से राज्यसभा के सदस्य होंगे। भाजपा ने उन्हें पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. एम. मुरुगन के इस्तीफे से खाली हुई सीट पर उपचुनाव के लिए अपना उम्मीदवार बनाया था। नामांकन वापस लेने की समय सीमा समाप्त होने के बाद उनके निर्विरोध निर्वाचन की औपचारिक घोषणा कर दी गई।
हरदीप सिंह पुरी की ओर से अधिकृत भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और विधायक हेमंत खंडेलवाल को रिटर्निंग ऑफिसर उमेश शर्मा ने निर्वाचन प्रमाण पत्र सौंपा। इस मौके पर मध्य प्रदेश के उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा, विधायक रामेश्वर शर्मा समेत पार्टी के कई पदाधिकारी मौजूद रहे।
दो निर्दलीय उम्मीदवारों के नामांकन हुए निरस्त
इस उपचुनाव में हरदीप सिंह पुरी के अलावा दो निर्दलीय उम्मीदवारों ने भी नामांकन दाखिल किया था। इनमें कांग्रेस समर्थित निर्दलीय प्रत्याशी राजकुमार लोहानी का नामांकन शपथ पत्र जमा नहीं करने के कारण निरस्त कर दिया गया। वहीं, दूसरे उम्मीदवार कांते सायन्ना का नामांकन आवश्यक प्रस्तावक नहीं होने की वजह से खारिज हुआ।

दोनों निर्दलीय उम्मीदवारों के नामांकन निरस्त होने के बाद हरदीप सिंह पुरी के निर्विरोध निर्वाचन का रास्ता साफ हो गया था।
उत्तर प्रदेश की जगह मध्य प्रदेश से राज्यसभा भेजा
हरदीप सिंह पुरी फिलहाल उत्तर प्रदेश से राज्यसभा सांसद हैं। उनका मौजूदा कार्यकाल 25 नवंबर 2026 को समाप्त होना था। भाजपा ने इस बार उन्हें उत्तर प्रदेश के बजाय मध्य प्रदेश से राज्यसभा भेजने का फैसला किया है।
इस सीट से निर्विरोध चुने जाने के बाद उनका नया कार्यकाल अप्रैल 2030 तक रहेगा।









