मक्का-मदीना की तरफ दागी गईं मिसाइलें? सऊदी के दावे पर हूती विद्रोहियों ने कहा- सब झूठ

“सऊदी अरब ने हूती विद्रोहियों पर मक्का और मदीना की ओर दो बैलिस्टिक मिसाइलें दागने का आरोप लगाया है। सऊदी का दावा है कि मिसाइलें रोक ली गईं, जबकि हूतियों ने इसे झूठ बताया है।“

रियाद। पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच सऊदी अरब और हूती विद्रोहियों के बीच एक नया विवाद सामने आया है। सऊदी अरब ने दावा किया है कि हूती विद्रोहियों ने इस्लाम के दो सबसे पवित्र शहरों मक्का और मदीना के इलाकों को निशाना बनाकर मिसाइलें दागी हैं। सऊदी अधिकारियों के अनुसार, इन मिसाइलों को बीच रास्ते में ही रोक लिया गया और उनके टुकड़े अलग-अलग स्थानों पर गिरे।

हालांकि, हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के इन आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सरी ने कहा कि मक्का और मदीना को निशाना बनाने का दावा गलत है और सऊदी अरब उनकी सेनाओं के खिलाफ झूठा प्रचार कर रहा है।

इस घटनाक्रम ने क्षेत्र में पहले से जारी तनाव को और बढ़ा दिया है। फिलहाल दोनों पक्षों की ओर से किए गए दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

सऊदी अरब का दावा- दो बैलिस्टिक मिसाइलें दागी गईं

सऊदी अरब की नागरिक सुरक्षा महानिदेशालय ने शनिवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी साझा करते हुए हूती विद्रोहियों पर मिसाइल हमले का आरोप लगाया।

एजेंसी के मुताबिक, मक्का अल-मुकर्रमा और मदीना अल-मुनव्वरा के इलाकों को निशाना बनाकर मिसाइलें दागी गई थीं। सऊदी अधिकारियों ने दावा किया कि जवाबी कार्रवाई में दो बैलिस्टिक मिसाइलों को रोक लिया गया।

अधिकारियों के अनुसार, मिसाइलों को हवा में ही निष्क्रिय किए जाने के बाद उनका मलबा अलग-अलग स्थानों पर गिरा। सऊदी पक्ष ने इसे सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मामला बताया है।

मक्का, जेद्दा और ताइफ के आसपास मिला मलबा

सऊदी नागरिक सुरक्षा एजेंसी ने मिसाइलों के मलबे को लेकर कई स्थानों का उल्लेख किया है। उसके मुताबिक, मक्का के बाहर वादी मुघमास, जेद्दा के अल-नुझा इलाके, ताइफ के वादी जलील और राबिघ में मिसाइलों के टुकड़े मिले हैं।

सऊदी अधिकारियों का कहना है कि मलबा जिन स्थानों पर गिरा, वे वीरान इलाके हैं। इसलिए इन घटनाओं में किसी बड़े नुकसान या नागरिकों के हताहत होने की जानकारी सामने नहीं आई है।

हालांकि, इस मामले में मिसाइलों के वास्तविक लक्ष्य और हमले की परिस्थितियों को लेकर अभी स्वतंत्र पुष्टि का इंतजार है।

हूती विद्रोहियों ने सऊदी के आरोपों को बताया झूठ

सऊदी अरब के आरोपों के बाद हूती विद्रोहियों ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। हूती सेना के प्रवक्ता याह्या सरी ने मक्का और मदीना को निशाना बनाने की बात को पूरी तरह गलत बताया।

उन्होंने कहा कि इस्लाम के दो सबसे पवित्र शहरों को निशाना बनाने का आरोप निराधार है। सऊदी अरब उनकी सेनाओं के बारे में गलत जानकारी फैलाकर दुनिया के सामने झूठा प्रचार कर रहा है।

हूतियों ने स्पष्ट किया कि मक्का और मदीना पर हमले से संबंधित सऊदी दावे वास्तविकता पर आधारित नहीं हैं। इस तरह दोनों पक्षों के बयान एक-दूसरे के बिल्कुल विपरीत हैं।

हमले की आशंका के बीच सऊदी नागरिकों के लिए जारी हुई चेतावनी

इस घटनाक्रम से पहले शनिवार को सऊदी अरब के कुछ प्रभावित इलाकों के निवासियों के लिए सुरक्षा चेतावनी जारी की गई थी।

सऊदी सिविल डिफेंस ने लोगों को संभावित खतरे को देखते हुए सुरक्षित स्थानों पर जाने के निर्देश दिए थे। यह एजेंसी सऊदी अरब के गृह मंत्रालय के अधीन काम करती है और आपातकालीन परिस्थितियों में नागरिकों की सुरक्षा तथा राहत-बचाव की जिम्मेदारी संभालती है।

सुरक्षा चेतावनी जारी होने के बाद क्षेत्र में सतर्कता बढ़ा दी गई थी। मिसाइलों के मलबे मिलने की जानकारी ने सुरक्षा चिंताओं को और गंभीर बना दिया।

हूतियों का दावा- हवाई अड्डों और तेल प्रतिष्ठानों को भी बनाया निशाना

इस विवाद के बीच हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के कई अन्य महत्वपूर्ण ठिकानों पर हमले करने का दावा भी किया है।

हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सरी के मुताबिक, शुक्रवार और शनिवार को सऊदी अरब के तीन हवाई अड्डों, तेल से जुड़ी दो सुविधाओं, एक पाइपलाइन और एक एयरबेस को निशाना बनाया गया।

हूतियों ने दावा किया कि रियाद स्थित किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को दो चरणों में निशाना बनाया गया। इसके अलावा दम्मम और नजरान क्षेत्र के हवाई अड्डों को भी लक्ष्य बनाने की बात कही गई।

उन्होंने यह भी दावा किया कि कच्चे तेल के पंपिंग स्टेशन और पूर्व से पश्चिम तक जाने वाली तेल पाइपलाइन पर हमले किए गए।

हालांकि, इन हमलों से संबंधित दावों की भी स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।

पश्चिम एशिया में बढ़ सकता है तनाव

मक्का और मदीना की ओर मिसाइलें दागे जाने के सऊदी आरोप और हूतियों के इनकार ने क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर नई बहस छेड़ दी है। खास बात यह है कि विवाद में धार्मिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण शहरों का नाम सामने आया है।

एक तरफ सऊदी अरब मिसाइल हमले और उन्हें रोकने का दावा कर रहा है, वहीं हूती विद्रोही इसे झूठा प्रचार बता रहे हैं। इसके अलावा सऊदी अरब के तेल प्रतिष्ठानों और हवाई अड्डों पर हमले के हूती दावों ने भी स्थिति को संवेदनशील बना दिया है।

अब इस पूरे घटनाक्रम में दोनों पक्षों के दावों की पुष्टि, सुरक्षा एजेंसियों की जांच और क्षेत्र में आगे होने वाली सैन्य गतिविधियों पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर रहेगी।

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