फ्रांस में क्यों भड़के प्रदर्शन? ट्रंप ने आव्रजन नीति को ठहराया जिम्मेदार, बोले- शिक्षा के लिए नहीं हो रहा विरोध

वॉशिंगटन : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फ्रांस में हो रहे प्रदर्शनों को लेकर वहां की आव्रजन नीति पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि फ्रांस ऐसे लोगों को देश में आने दे रहा है, जो फ्रांस और उसके नागरिकों से नफरत करते हैं। ट्रंप ने दावा किया कि इसी वजह से वहां अशांति बढ़ रही है। उन्होंने इन प्रदर्शनों को शिक्षा से जुड़े मुद्दों से जोड़ने पर भी सवाल उठाया।

जॉर्जिया के पेरी में रिपब्लिकन उम्मीदवारों के समर्थन में आयोजित चुनावी रैली में ट्रंप ने कहा कि फ्रांस में पुलिस मौजूद है, लेकिन उसे अपना काम करने की पूरी छूट नहीं है। उन्होंने फ्रांस के हालात का हवाला देते हुए कहा कि अमेरिका को भी अपनी सीमाओं और आव्रजन नीति को लेकर सख्त रहना चाहिए।

अमेरिकी आव्रजन नीति का किया बचाव

ट्रंप ने अमेरिकी सीनेटर जॉन ओसॉफ पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वह तीसरी दुनिया के देशों से बड़ी संख्या में प्रवासियों को अमेरिका लाने के पक्ष में हैं। ट्रंप ने कहा कि ऐसे लोगों को देश में प्रवेश नहीं दिया जाना चाहिए, जिनसे देश की सुरक्षा और व्यवस्था को खतरा हो सकता है।

उन्होंने कहा कि उनका प्रशासन आव्रजन के मामले में सख्त नीति अपना रहा है और अमेरिका में ऐसे लोगों के प्रवेश को रोकने की कोशिश कर रहा है, जिन्हें वह देश के लिए नुकसानदायक मानते हैं।

तीन लाख से ज्यादा वीजा रद्द करने का दावा

अमेरिका में आव्रजन नियमों को सख्त करते हुए ट्रंप प्रशासन ने राष्ट्रपति के दोबारा पद संभालने के बाद तीन लाख से अधिक वीजा रद्द किए हैं। अमेरिकी विदेश विभाग ने इसकी पुष्टि की है।

इसके अलावा, प्रशासन ने आठ कंपनियों से जुड़े कुछ ग्रीन कार्ड आवेदनों पर रोक लगाई थी। इनमें भारत की टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) और इन्फोसिस भी शामिल हैं। वहीं, नौ प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों के खिलाफ कथित धोखाधड़ी और अमेरिकी नागरिकों की नौकरियों पर पड़ने वाले संभावित असर को लेकर जांच शुरू की गई।

फ्रांस में महंगाई और शिक्षा के मुद्दों पर प्रदर्शन

फ्रांस में महंगाई और शिक्षा के लिए पर्याप्त बजट नहीं मिलने जैसे मुद्दों को लेकर कई शहरों में प्रदर्शन हुए। शुरुआत में प्रदर्शन अपेक्षाकृत शांतिपूर्ण रहे, लेकिन बाद में कुछ जगहों पर प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच झड़पें हुईं।

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, पेरिस में हालात बिगड़ने के बाद दंगा रोधी पुलिस ने आंसू गैस और पानी की बौछारों का इस्तेमाल किया। हिंसा की आशंका को देखते हुए देश के कई हिस्सों में सुरक्षा बढ़ाई गई।

लियोन, लील, मार्सिले, मोंपेलिये, नांत और टूलूज समेत कई शहरों में भी प्रदर्शन और पुलिस के साथ टकराव की खबरें सामने आईं।

चार लाख से ज्यादा लोगों के प्रदर्शन में शामिल होने का दावा

फ्रांस 24 की रिपोर्ट के मुताबिक, फ्रांस सरकार ने देशभर में करीब 4.10 लाख प्रदर्शनकारियों के मार्च में शामिल होने की जानकारी दी। वहीं, प्रदर्शन के आयोजकों ने यह संख्या लगभग आठ लाख बताई।

फ्रांस के गृह मंत्री लॉरेंट नुनेज के अनुसार, प्रदर्शनों के दौरान करीब 100 लोगों को गिरफ्तार किया गया। फ्रांस में हुए इन प्रदर्शनों के बीच ट्रंप ने आव्रजन नीति को लेकर अपनी राय दोहराई और अमेरिका में सख्त सीमा नियंत्रण की जरूरत पर जोर दिया।

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