
कई लोगों को रात में सोते समय पेट या सीने में जलन महसूस होती है। कुछ लोग इसे सामान्य गैस या एसिडिटी समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन अगर यह परेशानी बार-बार हो रही है, तो इसके पीछे की वजह जानना जरूरी है।
दरअसल, रात में खाने का समय, भोजन की मात्रा और सोने का तरीका भी पेट की जलन बढ़ा सकता है। इसके अलावा कुछ स्वास्थ्य समस्याएं भी इसकी वजह बन सकती हैं। आइए जानते हैं रात में पेट और सीने में जलन होने के तीन प्रमुख कारण और इससे बचने के तरीके।
1. खाना खाने के तुरंत बाद लेटना और भारी भोजन करना
रात में पेट या सीने में जलन की सबसे आम वजह एसिड रिफ्लक्स हो सकती है। इस स्थिति में पेट का एसिड वापस भोजन नली की ओर आने लगता है, जिससे सीने और गले में जलन महसूस होती है।
खाना खाने के तुरंत बाद लेटने से यह परेशानी बढ़ सकती है। इसके अलावा रात में ज्यादा तेल, मिर्च-मसाले और तली हुई चीजें खाने से भी एसिडिटी की समस्या हो सकती है। जरूरत से ज्यादा भोजन करने पर भी पेट में एसिड रिफ्लक्स बढ़ सकता है।
चाय, कॉफी, चॉकलेट और कुछ खट्टे खाद्य पदार्थ भी कुछ लोगों में जलन की समस्या बढ़ा सकते हैं। इसलिए रात का खाना हल्का रखें और सोने से कम से कम तीन घंटे पहले भोजन कर लें।

2. पेट में सूजन, अल्सर या हाइटल हर्निया
पेट की अंदरूनी परत में सूजन को गैस्ट्राइटिस कहा जाता है। इसकी वजह से पेट के ऊपरी हिस्से में जलन, दर्द, भारीपन और मतली जैसी परेशानी हो सकती है।
वहीं, पेट या छोटी आंत के शुरुआती हिस्से में घाव होने पर पेप्टिक अल्सर की समस्या होती है। कुछ लोगों में इसका दर्द रात में या खाली पेट बढ़ सकता है। इसकी वजह एच. पाइलोरी नाम का बैक्टीरिया या लंबे समय तक कुछ दर्द निवारक दवाओं का इस्तेमाल हो सकता है।
इसके अलावा हाइटल हर्निया भी एसिड रिफ्लक्स और सीने में जलन की वजह बन सकती है। इस स्थिति में पेट का ऊपरी हिस्सा डायाफ्राम के रास्ते छाती की ओर आ जाता है। इससे सीने में जलन, खट्टी डकार और खाना वापस गले तक आने जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
3. रात में पेट की जलन से बचने के लिए क्या करें?
रात में पेट और सीने की जलन से बचने के लिए कुछ आदतों में बदलाव करना फायदेमंद हो सकता है।
- सोने से कम से कम तीन घंटे पहले खाना खा लें।
- रात का भोजन हल्का रखें और ज्यादा तली-भुनी चीजों से बचें।
- खाना खाने के तुरंत बाद बिस्तर पर न लेटें।
- भोजन के बाद हल्की चहलकदमी करें।
- चाय, कॉफी और ऐसे खाद्य पदार्थों से बचें जो आपकी जलन बढ़ाते हैं।
- लेटने पर परेशानी बढ़ती है तो बिस्तर के सिर वाले हिस्से को थोड़ा ऊंचा रखें।
अगर पेट या सीने में जलन बार-बार होती है, तो इसे सामान्य एसिडिटी समझकर नजरअंदाज न करें। लगातार परेशानी, निगलने में दिक्कत, बार-बार उल्टी या बिना वजह वजन कम होने पर डॉक्टर से सलाह लें। सीने में तेज दर्द, सांस लेने में परेशानी या पसीना आने पर तुरंत आपातकालीन चिकित्सा सहायता लें।









