“कुंडा में राजा भैया की ओर से धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की श्रीराम कथा का आयोजन 17 से 19 नवंबर तक होगा। अखिलेश यादव ने यूपी में उनके सार्वजनिक कार्यक्रमों को अनुमति नहीं देने की अपील की, जिससे सियासी हलचल तेज हो गई है।“
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले के कुंडा में कथावाचक धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की प्रस्तावित श्रीराम कथा को लेकर सियासी माहौल गरमा गया है। जनसत्ता दल (लोकतांत्रिक) के अध्यक्ष और विधायक रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सवाल उठाए हैं। अखिलेश ने प्रदेश सरकार और प्रशासन से धीरेंद्र शास्त्री के सार्वजनिक आयोजनों को अनुमति नहीं देने की अपील की है।
कुंडा में यह तीन दिवसीय श्रीराम कथा 17 से 19 नवंबर तक आयोजित होनी है। कार्यक्रम में धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री कथा सुनाएंगे। अखिलेश यादव की अपील के बाद इस आयोजन को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं। अब निगाहें प्रशासन के रुख और विभिन्न राजनीतिक दलों की प्रतिक्रियाओं पर टिकी हैं।
अखिलेश यादव ने एक्स पर पोस्ट कर की अपील
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने बुधवार शाम सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर उत्तर प्रदेश के कई शहरों में प्रस्तावित धीरेंद्र शास्त्री के कार्यक्रमों का उल्लेख किया। उन्होंने अंबेडकरनगर, कुंडा, गोंडा, झांसी, लखनऊ और आगरा में नवंबर-दिसंबर के दौरान होने वाले आयोजनों का हवाला देते हुए प्रशासन से इन्हें अनुमति नहीं देने की अपील की।
अखिलेश की इस पोस्ट में कुंडा का कार्यक्रम विशेष रूप से चर्चा में है, क्योंकि इसका आयोजन राजा भैया की पार्टी जनसत्ता दल (लोकतांत्रिक) की ओर से कराया जा रहा है। ऐसे में इस मुद्दे पर सपा और राजा भैया के बीच राजनीतिक बयानबाजी की संभावना भी जताई जा रही है।
भगवान राम और कृष्ण की तुलना वाले वीडियो पर विवाद
धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री को लेकर विवाद की शुरुआत भगवान राम और भगवान कृष्ण की तुलना से जुड़े एक कथित विवादित वीडियो के प्रसारित होने के बाद हुई। इस वीडियो को लेकर अखिलेश यादव लगातार विरोध जता रहे हैं। सपा अध्यक्ष ने कथावाचक पर धार्मिक भावनाएं आहत करने का आरोप लगाते हुए तीखी प्रतिक्रिया दी है।
अखिलेश ने बुधवार सुबह एक्स पर पोस्ट कर कहा था कि कथावाचक को न ब्रज में प्रवेश मिलेगा और न अवध में। उन्होंने उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश की सीमा पर उनकी नाकाबंदी का बोर्ड लगाने जैसी टिप्पणी भी की थी। हालांकि, इस पूरे विवाद के बीच उन्होंने यह सवाल भी उठाया कि आपसी राजनीतिक टकराव में भगवान को क्यों शामिल किया जा रहा है।
राजा भैया के कार्यक्रम पर टिकी नजरें
कुंडा राजा भैया का राजनीतिक क्षेत्र है और यहां उनकी ओर से आयोजित श्रीराम कथा में धीरेंद्र शास्त्री के शामिल होने का कार्यक्रम है। 17 से 19 नवंबर तक होने वाले इस आयोजन को लेकर अखिलेश यादव की आपत्ति ने राजनीतिक बहस को नया मोड़ दे दिया है।
एक ओर जनसत्ता दल (लोकतांत्रिक) की ओर से कथा की तैयारी प्रस्तावित है, वहीं दूसरी ओर सपा प्रमुख ने प्रदेश के विभिन्न जिलों में होने वाले आयोजनों को अनुमति न देने की मांग की है। ऐसे में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि स्थानीय प्रशासन इस मामले में क्या निर्णय लेता है और क्या प्रस्तावित कार्यक्रम निर्धारित तारीखों पर आयोजित हो पाता है।
यूपी की राजनीति में क्यों अहम हुआ मामला?
उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक दलों के बीच बयानबाजी तेज है। ऐसे समय में धार्मिक आयोजनों और कथावाचकों को लेकर उठे विवाद का राजनीतिक असर भी चर्चा का विषय बन गया है। कुंडा में राजा भैया के आयोजन पर अखिलेश यादव की आपत्ति ने इस मुद्दे को केवल धार्मिक कार्यक्रम तक सीमित न रखकर सियासी बहस के केंद्र में ला दिया है।
फिलहाल उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, अखिलेश यादव ने आयोजनों पर रोक लगाने की अपील की है। प्रशासन की ओर से कार्यक्रमों को लेकर किसी निर्णय की जानकारी सामने नहीं आई है।
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