
उत्तर प्रदेश के सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में टीजीटी भर्ती की तैयारी कर रहे शारीरिक शिक्षा के अभ्यर्थियों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। शारीरिक शिक्षा विषय के अभ्यर्थियों को शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) से छूट देने की तैयारी है। इससे बीपीएड (बैचलर ऑफ फिजिकल एजुकेशन) की डिग्री रखने वाले उम्मीदवार बिना टीईटी के भी टीजीटी भर्ती के लिए आवेदन कर सकेंगे।
इस संबंध में उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग ने अपर मुख्य सचिव (बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा) को पत्र भेजकर भर्ती की अर्हता में संशोधन करने का अनुरोध किया है। इस फैसले से तीन लाख से अधिक अभ्यर्थियों को राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

TGT के 17,735 पदों पर निकली है भर्ती
दरअसल, 23 अक्टूबर को आयोग ने प्रदेश के 4,512 अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में टीजीटी के 17,735 पदों पर भर्ती निकाली थी। इनमें शारीरिक शिक्षा विषय के 849 पद शामिल हैं। इन पदों में 784 बालकों और 65 बालिकाओं के लिए निर्धारित हैं।
भर्ती प्रक्रिया में शारीरिक शिक्षा विषय के अभ्यर्थियों के लिए भी टीईटी अनिवार्य कर दिया गया था। इससे बीपीएड डिग्रीधारकों के सामने परेशानी खड़ी हो गई, क्योंकि प्रदेश में अब तक आयोजित टीईटी परीक्षाओं में बीपीएड अभ्यर्थियों को शामिल होने का अवसर नहीं मिला था।
अभ्यर्थियों ने किया था विरोध
टीईटी की अनिवार्यता को लेकर शारीरिक शिक्षा के अभ्यर्थियों ने विरोध जताया था। उनका कहना है कि शारीरिक शिक्षकों की भर्ती में टीईटी अनिवार्य करने का नियम दूसरे संस्थानों में लागू नहीं है। केंद्रीय विद्यालयों और नवोदय विद्यालयों में भी शारीरिक शिक्षकों की भर्ती के लिए टीईटी अनिवार्य नहीं है।
अभ्यर्थियों का यह भी कहना है कि राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (NCTE) की ओर से शारीरिक शिक्षकों की भर्ती के लिए टीईटी अनिवार्य करने का कोई प्रावधान नहीं है।
आयोग ने शासन को भेजा पत्र
अभ्यर्थियों की मांग और विरोध के बीच उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग ने भर्ती की अर्हता में बदलाव के लिए शासन को पत्र भेजा है। अब इस पर शासन के फैसले का इंतजार है।
यदि टीईटी से छूट देने के प्रस्ताव को मंजूरी मिल जाती है, तो बीपीएड डिग्रीधारक शारीरिक शिक्षा के अभ्यर्थियों को बड़ी राहत मिल सकती है। हालांकि, फिलहाल इसे अंतिम फैसला नहीं माना जा सकता।








