सड़क सुरक्षा में लापरवाही पर बड़ा एक्शन— राजीव कृष्ण ने 5 थानेदार लाइन हाजिर किए

2 सीओ के खिलाफ जांच के आदेश, ‘जीरो फैटलिटी डिस्ट्रिक्ट’ योजना में खराब प्रदर्शन पर सख्त कार्रवाई

"यूपी डीजीपी की सड़क सुरक्षा पर कार्रवाई: राजीव कृष्णा ने सड़क सुरक्षा में सेक्टरों पर बड़ी कार्रवाई करते हुए 5 स्टेशनों को लाइन हाजिर और 2 सीओ के खिलाफ जांच के आदेश दिए। जानें पूरी खबर, उत्तर प्रदेश।"

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में सड़क सुरक्षा को लेकर बड़ी कार्रवाई करते हुए डीजीपी राजीव कृष्ण ने लापरवाही बरतने वाले पुलिस अधिकारियों पर कड़ा रुख अपनाया है। ‘जीरो फैटलिटी डिस्ट्रिक्ट’ (ZFD) योजना की समीक्षा के बाद दुर्घटनाओं पर नियंत्रण में असफल रहे 5 थाना प्रभारियों को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर कर दिया गया है।

इसके साथ ही दो क्षेत्राधिकारियों (CO) के खिलाफ प्रारंभिक जांच के आदेश भी जारी किए गए हैं। डीजीपी ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि कानून-व्यवस्था और जन सुरक्षा में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

इन थानेदारों पर गिरी गाज:
समीक्षा में उन थानों को चिन्हित किया गया, जहां ZFD योजना लागू होने के बावजूद सड़क हादसों में बढ़ोतरी हुई। इसके आधार पर जिन थाना प्रभारियों को लाइन हाजिर किया गया, उनमें—

  • दीपक कुमार (चोलापुर, वाराणसी)
  • जितेंद्र सिंह (कैम्पियरगंज, गोरखपुर)
  • विष्णुकांत तिवारी (छिबरामऊ, कन्नौज)
  • जगदीश प्रसाद शुक्ला (रामसनेही घाट, बाराबंकी)
  • उदय प्रताप सिंह (सिकरारा, जौनपुर)

वहीं, बाराबंकी के यातायात क्षेत्राधिकारी आलोक कुमार पाठक और जौनपुर के यातायात क्षेत्राधिकारी गिरेन्द्र कुमार सिंह के खिलाफ जांच के निर्देश दिए गए हैं।

ट्रैफिक और जाम से निपटने के निर्देश:
बैठक में ट्रैफिक प्रबंधन को लेकर भी सख्त निर्देश दिए गए। डीजीपी ने पीक आवर्स में ट्रैवल टाइम कम करने और जाम से राहत दिलाने के लिए लक्षित कार्रवाई करने को कहा। साथ ही ‘यक्ष एप’ के जरिए बीट स्तर की सूचनाओं पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

डिजिटल पुलिसिंग पर जोर:
विवेचनाओं में पारदर्शिता और गुणवत्ता बढ़ाने के लिए ‘ई-साक्ष्य एप’ के प्रभावी उपयोग पर जोर दिया गया। Amit Kumar Anand ने इस एप के तकनीकी पहलुओं पर प्रस्तुति दी और सभी अधिकारियों को प्रशिक्षण देने के निर्देश दिए गए।

जनसुनवाई और मीडिया समन्वय:
डीजीपी ने IGRS के तहत अधिकारियों को खुद जनसुनवाई करने और शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही मीडिया सेल को निर्देश दिया गया कि किसी भी घटना की आधिकारिक और तथ्यात्मक जानकारी समय पर साझा की जाए, ताकि अफवाहों पर रोक लग सके।

त्योहारों पर सुरक्षा के निर्देश:
आगामी त्योहारों और महापुरुषों की जयंती को देखते हुए सभी जिलों को सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने, आयोजकों से समन्वय बनाने और संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।

इस कार्रवाई से साफ संकेत है कि प्रदेश में सड़क सुरक्षा और पुलिसिंग को लेकर अब किसी भी स्तर पर ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी।

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