ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान ने दी थी न्यूक्लियर हमले की धमकी? विदेश सचिव विक्रम मिस्री का चौंकाने वाला खुलासा”

राष्ट्रीय प्रस्तावना न्यूज़ नेटवर्क

विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने हाल ही में ऑपरेशन सिंदूर के संदर्भ में पाकिस्तान द्वारा न्यूक्लियर हमले की धमकी देने के आरोपों को खारिज किया है। उन्होंने इसे पाकिस्तान का झूठा प्रचार बताया और कहा कि भारत ने केवल आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाया, न कि किसी सैन्य या नागरिक संरचना को।

ऑपरेशन सिंदूर: पाकिस्तान के खिलाफ भारत की रणनीति

ऑपरेशन सिंदूर भारत की सेना द्वारा पाकिस्तान के विभिन्न क्षेत्रों में स्थित आतंकवादी ठिकानों पर की गई सटीक हवाई हमलों की एक श्रृंखला थी। यह कार्रवाई 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में की गई, जिसमें 26 लोग मारे गए थे।

विदेश सचिव ने बताया कि भारत की खुफिया एजेंसियों ने पाकिस्तान में सक्रिय आतंकवादी समूहों की गतिविधियों पर नजर रखी थी और हमलों को रोकने के लिए यह कार्रवाई आवश्यक थी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पाकिस्तान द्वारा लगाए गए आरोपों में कोई सच्चाई नहीं है।

पाकिस्तान की न्यूक्लियर धमकी पर भारत की प्रतिक्रिया

पाकिस्तान ने ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत पर न्यूक्लियर हमले की धमकी दी थी। इस पर विदेश सचिव ने कहा कि पाकिस्तान का यह दावा पूरी तरह से निराधार है और यह उसकी ओर से की गई एक और झूठी बयानबाजी है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि पाकिस्तान इस तरह के आरोपों के माध्यम से भारत के खिलाफ किसी आक्रामक कार्रवाई की योजना बनाता है, तो उसके गंभीर परिणाम होंगे।

भारत की नीति: आतंकवाद के खिलाफ सख्त कार्रवाई

विदेश सचिव ने यह भी कहा कि भारत की नीति स्पष्ट है: आतंकवाद के खिलाफ सख्त कार्रवाई। भारत ने हमेशा आतंकवाद के खिलाफ अपनी सीमाओं के भीतर और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर आवाज उठाई है। उन्होंने पाकिस्तान को आतंकवाद का गढ़ बताते हुए कहा कि दुनिया अब इसकी सच्चाई जान चुकी है।

इस बीच, भारतीय संसद की स्थायी समिति को ऑपरेशन सिंदूर और पाकिस्तान नीति पर जानकारी देने के लिए विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने बैठक की। इस बैठक में उन्होंने पहलगाम हमले के संदर्भ में पाकिस्तान के आतंकवादी समूहों के साथ संबंधों और भारत की प्रतिक्रिया पर विस्तार से जानकारी दी।

इस घटनाक्रम ने भारत-पाकिस्तान संबंधों में एक नई जटिलता को जन्म दिया है, और यह देखना होगा कि भविष्य में दोनों देशों के बीच तनाव को कम करने के लिए कौन से कदम उठाए जाते हैं।

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