“अलीगढ़ एनकाउंटर में पुलिस ने दो कुख्यात बदमाश राज मोहम्मद और मोमीन को ढेर कर दिया। दोनों पर लूट, दुष्कर्म, जानलेवा हमला और गैंगस्टर एक्ट समेत 67 मुकदमे दर्ज थे। बदमाशों ने 80 महिलाओं को निशाना बनाया था। पढ़ें अलीगढ़ पुलिस मुठभेड़ की पूरी खबर।“
अलीगढ़ में पुलिस और बदमाशों के बीच हुई मुठभेड़ में दो कुख्यात अपराधी राज मोहम्मद और मोमीन ढेर हो गए। दोनों बदमाशों का लंबा आपराधिक इतिहास रहा है और उन पर लूट, जानलेवा हमला, गैंगस्टर एक्ट, एनडीपीएस एक्ट समेत कई गंभीर धाराओं में कुल 67 मुकदमे दर्ज थे। पुलिस के अनुसार दोनों ने मिलकर करीब 80 महिलाओं को अपना शिकार बनाया था। इनमें एक महिला से दुष्कर्म का मामला भी शामिल है।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक मारे गए बदमाशों में हापुड़ निवासी राज मोहम्मद अप्रैल 2026 में ही जेल से बाहर आया था। जेल से छूटने के बाद उसने अपने साथी मोमीन के साथ मिलकर फिर से लूट की वारदातों को अंजाम देना शुरू कर दिया। दोनों बदमाश खासतौर पर खेतों में काम करने वाली महिलाओं को निशाना बनाते थे। सुनसान इलाकों में महिलाओं से कुंडल, चेन और अन्य जेवरात लूटना इनका तरीका था।

हेलमेट लगाकर करते थे वारदात
पुलिस जांच में सामने आया कि दोनों बदमाश नई अपाचे बाइक से वारदात को अंजाम देते थे। बाइक का रंग काला और लाल बताया गया है। आशंका है कि बाइक चोरी या लूट की हो सकती है, जिसकी जांच की जा रही है।
राज मोहम्मद ट्रैफिक पुलिस और स्थानीय लोगों की नजर से बचने के लिए हेलमेट पहनता था ताकि उसकी पहचान न हो सके। बाइक पर मोमीन पीछे बैठता था और मौका मिलते ही महिलाओं से लूटपाट करता था।
महिलाओं में दहशत का कारण बने थे बदमाश
एसएसपी के अनुसार राज मोहम्मद ने करीब 27 लूट की घटनाओं को अंजाम दिया था, जिनमें 40 से 50 महिलाओं से लूट शामिल है। गौतमबुद्धनगर के दनकौर थाना क्षेत्र में डकैती के दौरान एक महिला से दुष्कर्म का मुकदमा भी उसके खिलाफ दर्ज था।
वहीं मोमीन पर करीब 18 लूट की घटनाओं का आरोप है। उसने लगभग 30 महिलाओं को निशाना बनाया था। दोनों बदमाशों की वजह से अलीगढ़ और आसपास के जिलों में महिलाओं के बीच भय का माहौल बना हुआ था।
कई जिलों में दर्ज थे मुकदमे
राज मोहम्मद के खिलाफ बुलंदशहर, मेरठ, गौतमबुद्धनगर, गाजियाबाद, बागपत, अमरोहा और अलीगढ़ समेत कई जिलों में मुकदमे दर्ज थे। उस पर लूट, जानलेवा हमला, गैंगस्टर एक्ट और एनडीपीएस एक्ट के करीब 40 मामले दर्ज बताए गए हैं।
वहीं मोमीन के खिलाफ हापुड़, बुलंदशहर और अलीगढ़ के कई थानों में लूट, चोरी और अन्य अपराधों के 27 मुकदमे दर्ज थे। पुलिस लंबे समय से दोनों बदमाशों की तलाश में जुटी हुई थी।
अलीगढ़ को इसलिए बनाया था ठिकाना
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दोनों बदमाशों ने अलीगढ़ को इसलिए चुना क्योंकि यहां के लोग उन्हें पहचानते नहीं थे। इसी का फायदा उठाकर दोनों लगातार महिलाओं को निशाना बना रहे थे। ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं के जेवर लूटने की घटनाओं के बाद पुलिस लगातार इनकी तलाश कर रही थी।
हालिया मुठभेड़ में दोनों बदमाश पुलिस कार्रवाई में मारे गए, जिसके बाद पुलिस ने राहत की सांस ली है। इलाके के ग्रामीणों और महिलाओं ने भी पुलिस कार्रवाई की सराहना की है।
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