“लखनऊ में MSME मंत्री भूपेन्द्र चौधरी ने अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि सपा सरकार में उद्यमी पलायन को मजबूर थे। योगी सरकार छोटे कारोबारियों, रेहड़ी-पटरी वालों और कारीगरों को सम्मान व सुविधाएं दे रही है। पढ़ें पूरी राजनीतिक खबर।“
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में छोटे कारोबारियों और उद्यमियों की स्थिति को लेकर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव द्वारा राज्य सरकार पर सवाल उठाए जाने के बाद प्रदेश के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) मंत्री भूपेन्द्र चौधरी ने तीखा पलटवार किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी की सरकार के दौरान प्रदेश का कारोबारी माहौल ऐसा था कि उद्यमी पलायन करने को मजबूर हो जाते थे, जबकि वर्तमान सरकार उन्हें सुरक्षा, सम्मान और प्रोत्साहन देने का कार्य कर रही है।
“सपा सरकार में होता था उत्पीड़न”
भूपेन्द्र चौधरी ने कहा कि सपा शासनकाल में छोटे कारोबारियों, रेहड़ी-पटरी संचालकों और उद्यमियों का शोषण किया जाता था। व्यापारियों को भय और असुरक्षा के माहौल में काम करना पड़ता था, जिसके कारण कई उद्यमी प्रदेश छोड़कर दूसरे राज्यों में कारोबार स्थापित करने के लिए मजबूर हुए।
उन्होंने कहा कि आज जो लोग छोटे व्यापारियों और गरीब वर्ग की चिंता का दावा कर रहे हैं, उन्हें अपने शासनकाल की स्थितियों को भी याद करना चाहिए। मंत्री ने तंज कसते हुए कहा कि अखिलेश यादव विदेश यात्राओं से लौटने के बाद गरीबों, पिछड़ों और छोटे कारोबारियों की बात तो करते हैं, लेकिन जब उनकी सरकार थी तब इन्हीं वर्गों को सबसे अधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ा था।
डबल इंजन सरकार की नीतियों का किया उल्लेख
एमएसएमई मंत्री ने कहा कि केंद्र और प्रदेश की डबल इंजन सरकार की नीतियों के कारण आज छोटे उद्यमियों को नई पहचान मिली है। सरकार ने उद्यम पंजीकरण, ऋण सुविधा और क्रेडिट गारंटी जैसी योजनाओं के माध्यम से छोटे कारोबारियों को आगे बढ़ाने का प्रयास किया है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में निवेश और उद्योगों के लिए बेहतर माहौल तैयार किया गया है, जिससे युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिल रहे हैं और स्वरोजगार को भी बढ़ावा मिला है।
कारीगरों और लघु उद्यमियों को मिल रहे नए बाजार
भूपेन्द्र चौधरी ने दावा किया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश के कारीगरों, हस्तशिल्पियों और लघु उद्यमियों को नए बाजार उपलब्ध कराए गए हैं। विभिन्न सरकारी योजनाओं और विपणन प्लेटफॉर्मों के जरिए उनके उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य छोटे उद्योगों को मजबूत बनाकर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई गति देना है। इसके लिए उद्यमियों को वित्तीय सहायता, तकनीकी प्रशिक्षण और विपणन सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
राजनीतिक बयानबाजी के बीच उद्योग और रोजगार पर चर्चा तेज
अखिलेश यादव और भूपेन्द्र चौधरी के बीच हुए इस बयानबाजी के बाद प्रदेश में उद्योग, रोजगार और छोटे कारोबारियों की स्थिति को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। एक ओर विपक्ष सरकार की नीतियों पर सवाल उठा रहा है, वहीं सरकार अपने कार्यकाल में उद्योग और उद्यमिता के क्षेत्र में हुए बदलावों को उपलब्धि के रूप में पेश कर रही है।
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