CBSE को मिला नया चेयरमैन: लोखंडे प्रशांत सीताराम संभालेंगे कमान, वरुण भारद्वाज बने सचिव

केंद्र सरकार का बड़ा फैसला, राहुल सिंह और हिमांशु गुप्ता हटाए गए; OSM टेंडर मामले की जांच के लिए एक सदस्यीय समिति गठित

CBSE Chairman Appointment 2026 में केंद्र सरकार ने लोखंडे प्रशांत सीताराम को नया चेयरमैन और वरुण भारद्वाज को सचिव नियुक्त किया है। राहुल सिंह और हिमांशु गुप्ता को हटाया गया है। OSM टेंडर और मूल्यांकन मामले की जांच के लिए एक सदस्यीय समिति भी गठित की गई है।

नई दिल्ली। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए केंद्र सरकार ने वरिष्ठ आईएएस अधिकारी लोखंडे प्रशांत सीताराम को बोर्ड का नया चेयरमैन नियुक्त किया है। इसके साथ ही वरुण भारद्वाज को CBSE का नया सचिव बनाया गया है। सरकार की ओर से जारी आदेश के अनुसार दोनों नियुक्तियां तत्काल प्रभाव से लागू हो गई हैं।

शिक्षा प्रशासन में अनुभव के आधार पर मिली जिम्मेदारी

2001 बैच के आईएएस अधिकारी लोखंडे प्रशांत सीताराम को शिक्षा प्रशासन, नीति निर्माण और संस्थागत प्रबंधन में लंबे अनुभव के आधार पर यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। माना जा रहा है कि उनके नेतृत्व में CBSE नई शिक्षा नीति (NEP), डिजिटल शिक्षा और परीक्षा सुधारों से जुड़े कार्यक्रमों को और गति देगा।

देश के सबसे बड़े स्कूली शिक्षा बोर्ड CBSE के अंतर्गत भारत और विदेशों में हजारों स्कूल संबद्ध हैं। बोर्ड हर वर्ष कक्षा 10वीं और 12वीं की परीक्षाओं का आयोजन करता है तथा करोड़ों छात्रों के शैक्षणिक भविष्य से सीधे जुड़ा हुआ है।

राहुल सिंह और हिमांशु गुप्ता को हटाया गया

सरकारी आदेश के अनुसार CBSE के तत्कालीन अध्यक्ष राहुल सिंह और सचिव हिमांशु गुप्ता को उनके पदों से तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया है।

यह फैसला ऐसे समय में आया है जब बोर्ड से जुड़े OSM (ऑन-स्क्रीन मार्किंग) टेंडर और मूल्यांकन प्रक्रिया को लेकर सवाल उठ रहे हैं। सूत्रों के अनुसार इस मामले की रिपोर्ट हाल ही में प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) को सौंपी गई थी।

OSM टेंडर मामले की होगी जांच

केंद्र सरकार ने OSM से जुड़े टेंडर और मूल्यांकन प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं की जांच के लिए एक सदस्यीय समिति का गठन किया है। जांच की जिम्मेदारी एस. राधा चौहान को सौंपी गई है।

समिति को एक महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) को सौंपनी होगी। जांच में मूल्यांकन प्रक्रिया, टेंडर आवंटन और प्रशासनिक निर्णयों से जुड़े विभिन्न पहलुओं की समीक्षा की जाएगी।

PMO ने मांगी थी रिपोर्ट

सूत्रों के मुताबिक प्रधानमंत्री कार्यालय ने OSM के माध्यम से कराए गए मूल्यांकन कार्यों और उससे जुड़े टेंडर मामलों पर विस्तृत रिपोर्ट तलब की थी। यह रिपोर्ट सोमवार देर रात पीएमओ को सौंपी गई, जिसके बाद उच्च स्तर पर समीक्षा हुई और प्रशासनिक कार्रवाई का निर्णय लिया गया।

रिपोर्ट मिलने के बाद ही CBSE में बड़े बदलाव और संभावित जवाबदेही तय किए जाने के संकेत मिलने लगे थे। अब जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

परीक्षा और शिक्षा सुधारों पर रहेगी नजर

CBSE में हुए इस बदलाव को शिक्षा क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक कदम माना जा रहा है। नए चेयरमैन लोखंडे प्रशांत सीताराम के सामने परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता बढ़ाने, डिजिटल मूल्यांकन को मजबूत करने, नई शिक्षा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन और छात्रों की सुविधाओं को बेहतर बनाने जैसी प्रमुख चुनौतियां होंगी।

केंद्र सरकार की इस कार्रवाई को CBSE की कार्यप्रणाली में जवाबदेही और पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जा रहा है।

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