पैतृक गांव पंचूर पहुंचे CM योगी आदित्यनाथ, बच्चों को दुलारकर बोले– हम भी तुम्हारे दादा

CM Yogi Adityanath Native Village Visit के दौरान उत्तराखंड के पंचूर गांव पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बच्चों को दुलारा और ग्रामीणों से संवाद किया। पढ़ें पूरी खबर।

हाइलाइट्स :

  • उत्तराखंड के दो दिवसीय दौरे पर पैतृक गांव पंचूर पहुंचे CM योगी
  • बच्चों को टॉफी-चॉकलेट देकर बोले– हम भी तुम्हारे दादा
  • नाते-रिश्तेदारों और ग्रामीणों से आत्मीय मुलाकात
  • गांव में बसने और खेती को बढ़ावा देने का दिया संदेश
  • अपने पुराने स्कूल के नवनिर्मित कक्षों का किया उद्घाटन

पौड़ी गढ़वाल। CM Yogi Adityanath Native Village Visit के दौरान उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने पैतृक गांव पंचूर पहुंचे, जहां भावुक कर देने वाली तस्वीरें सामने आईं। पौड़ी गढ़वाल जिले के यमकेश्वर क्षेत्र में स्थित पंचूर गांव में मुख्यमंत्री का ग्रामीणों और बच्चों ने आत्मीय स्वागत किया।

बच्चों से बोले – हम भी तुम्हारे दादा

शनिवार सुबह गांव भ्रमण के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बच्चों को टॉफी-चॉकलेट देकर दुलार किया। बच्चों से स्नेहपूर्वक बातचीत करते हुए उन्होंने कहा, “हम भी तुम्हारे दादा हैं।” मुख्यमंत्री की यह सहज और आत्मीय शैली वहां मौजूद लोगों को भावुक कर गई।

नाते-रिश्तेदारों और ग्रामीणों से मिले

गांव भ्रमण के दौरान मुख्यमंत्री अपने कई नाते-रिश्तेदारों और ग्रामीणों से मिले। उन्होंने हालचाल जाना और गांव के विकास को लेकर चर्चा की। ग्रामीणों ने भी अपने बीच मुख्यमंत्री को पाकर गर्व और खुशी जाहिर की।

खेती और गांव में बसने का आह्वान

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ग्रामीणों को अपनी जड़ों से जुड़े रहने का संदेश दिया। उन्होंने युवाओं को गांव में रहकर खेती-बाड़ी को बढ़ावा देने और पहाड़ों की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का आह्वान किया।

पुराने स्कूल का उद्घाटन

शुक्रवार को मुख्यमंत्री ने उस स्कूल के नवनिर्मित कक्षों का उद्घाटन किया, जहां से उन्होंने कक्षा नौ तक शिक्षा प्राप्त की थी। यह क्षण उनके शिक्षा के प्रति लगाव और अपने जन्मस्थान के प्रति जिम्मेदारी को दर्शाता है।

साधारण पृष्ठभूमि से मुख्यमंत्री तक का सफर

पंचूर गांव, पौड़ी गढ़वाल के पहाड़ों में स्थित है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पारिवारिक पृष्ठभूमि अत्यंत साधारण रही है। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने शिक्षा प्राप्त की, गोरखनाथ मठ के उत्तराधिकारी बने और जनसेवा के माध्यम से उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य के मुख्यमंत्री बने।

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