“कॉकरोच जनता पार्टी का विरोध प्रदर्शन LIVE: नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर CJP समर्थकों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। NEET-UG 2026 विवाद, पेपर लीक आरोप और शिक्षा व्यवस्था को लेकर छात्रों ने आवाज उठाई।“\
नई दिल्ली। राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट-यूजी 2026) समेत विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों और पेपर लीक के आरोपों को लेकर शनिवार को राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया। व्यंग्यात्मक डिजिटल संगठन ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (सीजेपी) के बैनर तले आयोजित इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में छात्र और समर्थक शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर नारेबाजी की और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग उठाई।
जंतर-मंतर पर गूंजे ‘कॉकरोच पार्टी जिंदाबाद’ के नारे
सुबह से ही जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों का जुटना शुरू हो गया था। करीब 10 बजे के बाद ‘कॉकरोच पार्टी जिंदाबाद’ और ‘शिक्षा व्यवस्था बचाओ’ जैसे नारे गूंजने लगे। संगठन ने सोशल मीडिया के माध्यम से समर्थकों से शांतिपूर्ण ढंग से विरोध दर्ज कराने की अपील की थी। प्रदर्शन में शामिल लोगों के हाथों में तिरंगा, किताबें और विभिन्न मांगों वाले प्लेकार्ड दिखाई दिए।
संस्थापक अभिजीत दिपके पहुंचे दिल्ली
सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दिपके शनिवार सुबह अमेरिका से दिल्ली पहुंचे। उन्होंने समर्थकों से जंतर-मंतर पर मिलने की अपील करते हुए कहा कि आंदोलन को पूरी तरह शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा। उन्होंने प्रदर्शनकारियों से पुलिसकर्मियों को सम्मान स्वरूप फूल भेंट करने तथा किसी भी प्रकार के टकराव से बचने की अपील की।
दिपके ने समर्थकों से कहा कि वे अपने साथ एक किताब और तिरंगा अवश्य लेकर आएं तथा पूरे कार्यक्रम को रिकॉर्ड करें ताकि आंदोलन की गतिविधियां पारदर्शी बनी रहें।
दिल्ली पुलिस ने दी प्रदर्शन की अनुमति
आयोजकों के अनुसार, दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति प्रदान कर दी है। इसके बावजूद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। प्रदर्शन स्थल और उसके आसपास एक हजार से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक इंतजाम किए गए हैं।

शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग पर अड़ा संगठन
सीजेपी लगातार केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहा है। संगठन का आरोप है कि प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार सामने आ रही अनियमितताओं और कथित पेपर लीक की घटनाओं ने करोड़ों छात्रों का भविष्य प्रभावित किया है। संगठन के प्रवक्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से हस्तक्षेप कर शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है।
सीजेपी के मुख्य प्रवक्ताओं का कहना है कि केवल अधिकारियों के तबादले या प्रशासनिक फेरबदल से समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार की आवश्यकता है।
क्या करें और क्या न करें की सूची जारी
प्रदर्शन से पहले संगठन ने समर्थकों के लिए दिशा-निर्देश भी जारी किए। इसमें तिरंगा और किताब साथ रखने, पानी पीते रहने, सनस्क्रीन लगाने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना देने की सलाह दी गई। वहीं उकसावे में न आने, किसी से विवाद न करने और फूल फेंकने के बजाय उन्हें सम्मानपूर्वक भेंट करने की अपील की गई।
व्यंग्य से आंदोलन तक का सफर
कॉकरोच जनता पार्टी की शुरुआत एक व्यंग्यात्मक डिजिटल अभियान के रूप में हुई थी। यह अभियान उस समय चर्चा में आया जब न्यायपालिका से जुड़ी एक टिप्पणी के बाद सोशल मीडिया पर ‘कॉकरोच’ शब्द को प्रतीक बनाकर अभियान चलाया गया। धीरे-धीरे यह अभियान संगठित डिजिटल आंदोलन में बदल गया और बड़ी संख्या में युवाओं तथा छात्रों का समर्थन मिलने लगा।
आंदोलन पर देशभर की नजर
जंतर-मंतर पर हो रहे इस प्रदर्शन को लेकर राजनीतिक और सामाजिक हलकों की नजरें दिल्ली पर टिकी हुई हैं। आयोजकों का दावा है कि यह केवल एक विरोध प्रदर्शन नहीं बल्कि शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही और पारदर्शिता की मांग को लेकर शुरू हुआ व्यापक अभियान है। वहीं प्रशासन का फोकस प्रदर्शन को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने पर है।
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