“NEET Protest News: दिल्ली पुलिस ने CJP प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा के मामले में दर्ज 21 एफआईआर वापस लेने से इनकार कर दिया है। पुलिस का कहना है कि मुकदमे छात्रों पर नहीं बल्कि अज्ञात उपद्रवियों के खिलाफ दर्ज हैं। जानिए पूरा मामला।“
नई दिल्ली। नीट पेपर लीक के विरोध में आयोजित काकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा और तोड़फोड़ के मामलों में दिल्ली पुलिस ने अपना रुख स्पष्ट कर दिया है। पुलिस मुख्यालय में हुई उच्चस्तरीय बैठक के बाद निर्णय लिया गया कि प्रदर्शन के दौरान उपद्रव और हिंसा फैलाने वाले अज्ञात आरोपियों के खिलाफ दर्ज 21 एफआईआर वापस नहीं ली जाएंगी।
दिल्ली पुलिस का कहना है कि इन मामलों में किसी भी छात्र को नामजद नहीं किया गया है, इसलिए छात्रों पर मुकदमे वापस लेने की मांग तथ्यात्मक रूप से सही नहीं है। सभी मुकदमे अज्ञात उपद्रवियों के खिलाफ दर्ज किए गए हैं।
पुलिस ने CJP के दावे को किया खारिज
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, CJP के प्रवक्ता सौरभ दास लगातार यह दावा कर रहे थे कि केंद्र सरकार से बातचीत के दौरान छात्रों के खिलाफ दर्ज सभी मुकदमे वापस लेने पर सहमति बनी थी। इस पर दिल्ली पुलिस ने कहा कि जब किसी छात्र को किसी एफआईआर में नामजद ही नहीं किया गया, तो मुकदमे वापस लेने का प्रश्न ही नहीं उठता।
पुलिस ने स्पष्ट किया कि यदि जांच में कोई छात्र केवल शांतिपूर्ण प्रदर्शन में शामिल पाया जाता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई नहीं होगी। हालांकि, हिंसा, तोड़फोड़ या अन्य आपराधिक गतिविधियों में शामिल पाए जाने वाले व्यक्तियों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला
दिल्ली पुलिस ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले छात्रों के खिलाफ कार्रवाई न करने की बात कही है। वहीं, हिंसा और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वाले तत्वों के खिलाफ कार्रवाई पर कोई रोक नहीं है।
20 से 25 जुलाई के बीच हुई थी हिंसा
पुलिस के अनुसार, 20 से 25 जुलाई के बीच नई दिल्ली जिले में प्रदर्शन के दौरान कई स्थानों पर हिंसा, पथराव और तोड़फोड़ की घटनाएं हुईं। जंतर-मंतर, संसद मार्ग, जनपथ, रायसीना मार्ग, अशोक रोड और टॉलस्टॉय मार्ग पर सरकारी एवं निजी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया गया।
पुलिस का दावा है कि इस दौरान:
- 16 पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों के वाहन क्षतिग्रस्त हुए।
- 100 से अधिक बैरिकेड तोड़े गए।
- 35 आईपीएस और DANIPS अधिकारियों सहित 240 पुलिसकर्मी घायल हुए।
- एक एसीपी पर हमला कर उन्हें गंभीर रूप से घायल किया गया।
21 एफआईआर में कौन-कौन से आरोप?
दिल्ली पुलिस के मुताबिक, दर्ज 21 एफआईआर में विभिन्न गंभीर आरोप शामिल हैं।
- 12 एफआईआर – आपराधिक साजिश और दंगा।
- 2 एफआईआर – महिला पत्रकारों से छेड़छाड़।
- 1 एफआईआर – संवेदनशील क्षेत्र में ड्रोन उड़ाने का मामला।
- 1 एफआईआर – सीसीटीवी कैमरा चोरी।
- 3 एफआईआर – डीपफेक वीडियो प्रसारित करने के आरोप।
- 2 एफआईआर – चोरी और अन्य आपराधिक घटनाएं।
पुलिस का कहना है कि कई वीडियो फुटेज और डिजिटल साक्ष्य जुटाए गए हैं, जिनके आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
जांच जारी, दोषियों पर होगी कार्रवाई
दिल्ली पुलिस ने कहा कि जांच निष्पक्ष तरीके से जारी है। जो लोग हिंसा, पुलिस पर हमले, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने या आपराधिक साजिश में शामिल पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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