“ED डायरेक्टर राहुल नवीन का कार्यकाल केंद्र की मोदी सरकार ने एक साल के लिए बढ़ा दिया है। अब वह 13 अगस्त 2027 तक प्रवर्तन निदेशालय के निदेशक रहेंगे। जानिए उनके कार्यकाल और सेवा विस्तार से जुड़ी पूरी जानकारी।“
नई दिल्ली। केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) के निदेशक राहुल नवीन का कार्यकाल एक साल के लिए बढ़ा दिया है। कैबिनेट की नियुक्ति समिति (ACC) की मंजूरी के बाद जारी आदेश के मुताबिक राहुल नवीन अब 13 अगस्त 2027 तक ED निदेशक के पद पर बने रहेंगे।
राहुल नवीन को पहली बार सेवा विस्तार दिया गया है। 1993 बैच के भारतीय राजस्व सेवा (IRS) अधिकारी नवीन सितंबर 2023 से प्रवर्तन निदेशालय का नेतृत्व कर रहे हैं। उन्हें 15 सितंबर 2023 को ED निदेशक का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया था। इसके बाद 14 अगस्त 2024 को उन्हें पूर्णकालिक निदेशक नियुक्त किया गया था।
रिटायरमेंट के बाद भी जारी रहेगा कार्यकाल
सरकारी आदेश के अनुसार नवीन का कार्यकाल 13 अगस्त 2026 के बाद एक साल के लिए बढ़ाया गया है। हालांकि इसमें उनकी 31 जुलाई 2027 की निर्धारित सेवानिवृत्ति तिथि के बाद सेवा में विस्तार भी शामिल है। यह विस्तार 13 अगस्त 2027 तक या अगले आदेश तक, जो भी पहले हो, प्रभावी रहेगा।
नियमों के तहत ED निदेशक की नियुक्ति शुरुआती दो साल के लिए की जा सकती है। इसके बाद तीन बार एक-एक साल का सेवा विस्तार दिए जाने का प्रावधान है।
2019 में ED से जुड़े थे राहुल नवीन
राहुल नवीन नवंबर 2019 में ED में स्पेशल डायरेक्टर (OSD) के तौर पर शामिल हुए थे। उन्हें मुख्य रूप से फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) से जुड़े भारत के पारस्परिक मूल्यांकन के संबंध में एजेंसी के काम का नेतृत्व करने की जिम्मेदारी दी गई थी।
उनके कार्यकाल के दौरान ED ने कई हाई-प्रोफाइल मामलों में जांच आगे बढ़ाई। इनमें राजनीतिक कंसल्टेंसी फर्म I-PAC, अनिल अंबानी समूह और ऑनलाइन मनी गेमिंग कंपनियों से जुड़े मामले शामिल हैं। एजेंसी ने रियल एस्टेट कंपनियों से जुड़े कथित धोखाधड़ी के मामलों में भी कार्रवाई की और मनी लॉन्ड्रिंग रोधी कानून के तहत संपत्तियों की जब्ती एवं पीड़ितों को राहत दिलाने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई।
इंटरनेशनल टैक्सेशन के विशेषज्ञ हैं नवीन
बिहार के रहने वाले राहुल नवीन ने भारतीय राजस्व सेवा में करीब तीन दशक तक काम किया है। इंटरनेशनल टैक्सेशन और ट्रांसफर प्राइसिंग उनके विशेषज्ञता वाले क्षेत्रों में शामिल रहे हैं। उन्होंने IIT कानपुर से बीटेक और एमटेक की पढ़ाई की है, जबकि मेलबर्न स्थित स्विनबर्न यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी से MBA किया है।
ED वित्तीय अपराधों की जांच प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) और फ्यूजिटिव इकोनॉमिक ऑफेंडर्स एक्ट (FEOA) के तहत करता है। इसके अलावा एजेंसी FEMA से जुड़े मामलों पर भी कार्रवाई करती है।









