एसटीपी टैंक की जहरीली गैस बनी काल, सफाईकर्मी और सिक्योरिटी गार्ड की मौत

ग्रेटर नोएडा के सेक्टर-150 स्थित एल्डिको सोसायटी में STP टैंक की सफाई के दौरान जहरीली गैस से सफाईकर्मी और सिक्योरिटी गार्ड की मौत हो गई। जानिए पूरा मामला, पुलिस जांच, मृतकों की पहचान और Greater Noida STP Tank Accident की पूरी अपडेट।

ग्रेटर नोएडा। ग्रेटर नोएडा STP टैंक हादसा शनिवार देर रात सेक्टर-150 स्थित एल्डिको सोसायटी में हुआ, जहां सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) के टैंक की सफाई के दौरान जहरीली गैस की चपेट में आने से दो लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। हादसे के बाद सोसायटी में अफरा-तफरी मच गई। पुलिस और फायर सर्विस की टीम ने मौके पर पहुंचकर दोनों को बाहर निकाला, लेकिन अस्पताल में डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

पुलिस के अनुसार, राजस्थान के करौली निवासी शशिकांत शर्मा (40 वर्ष) एसटीपी टैंक की सफाई के लिए नीचे उतरे थे। सफाई के दौरान टैंक में मौजूद जहरीली गैस के कारण वह बेहोश होकर गिर पड़े।

बचाने उतरे सिक्योरिटी गार्ड की भी गई जान

शशिकांत को टैंक में बेहोश देख सोसायटी के सिक्योरिटी गार्ड आकाश, निवासी इटहारी (फिरोजाबाद), बिना सुरक्षा उपकरणों के उन्हें बचाने के लिए नीचे उतर गए। जहरीली गैस की चपेट में आने से वह भी बेहोश हो गए और दोनों की मौके पर ही हालत गंभीर हो गई।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और फायर विभाग की टीम मौके पर पहुंची। रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर दोनों को बाहर निकाला गया और अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

पुलिस जांच में जुटी

पुलिस ने दोनों शवों का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। प्रारंभिक जांच में जहरीली गैस को हादसे का कारण माना जा रहा है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि सफाई कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं तथा संबंधित एजेंसी की कोई लापरवाही तो नहीं हुई।

STP टैंक में क्यों होता है खतरा?

विशेषज्ञों के अनुसार, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) के टैंकों में हाइड्रोजन सल्फाइड (H₂S), मीथेन (CH₄), कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂) जैसी जहरीली और दम घोंटने वाली गैसें जमा हो सकती हैं। ऐसे स्थानों में बिना गैस जांच, ऑक्सीजन स्तर की पुष्टि, सुरक्षा उपकरण और प्रशिक्षित रेस्क्यू टीम के प्रवेश करना जानलेवा साबित हो सकता है।

सुरक्षा नियमों का पालन क्यों जरूरी?

औद्योगिक एवं सीवर सफाई कार्यों में कर्मचारियों के लिए गैस डिटेक्टर, ऑक्सीजन मीटर, सेफ्टी हार्नेस, रेस्पिरेटर, हेलमेट और प्रशिक्षित स्टैंडबाय टीम की व्यवस्था अनिवार्य मानी जाती है। विशेषज्ञों का कहना है कि बंद टैंकों या सीमित स्थानों (Confined Space) में बिना सुरक्षा मानकों के प्रवेश गंभीर दुर्घटनाओं का कारण बन सकता है।

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