शिल्पी हत्याकांड में बड़ी कार्रवाई, मल्लावां थानाध्यक्ष सस्पेंड

पुलिस लापरवाही पर गिरी गाज, अखिलेश यादव के दौरे से पहले हरदोई एसपी का सख्त कदम

हरदोई के शिल्पी कुशवाहा हत्याकांड में पुलिस लापरवाही पर मल्लावां थानाध्यक्ष शिवाकांत पाण्डेय सस्पेंड कर दिए गए। एसपी अशोक कुमार मीणा ने विभागीय जांच के आदेश दिए। पढ़ें पूरी खबर।

हरदोई। जिले के चर्चित शिल्पी कुशवाहा हत्याकांड में पुलिस की कथित लापरवाही पर बड़ी कार्रवाई करते हुए मल्लावां थानाध्यक्ष शिवाकांत पाण्डेय को निलंबित कर दिया गया है। हरदोई पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार मीणा ने यह कदम उठाते हुए विभागीय जांच के भी आदेश दिए हैं। यह कार्रवाई समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के प्रस्तावित दौरे से ठीक पहले होने से राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा का विषय बन गई है।

13 अप्रैल को हुई थी शिल्पी की हत्या

मामला मल्लावां थाना क्षेत्र के गढ़ी रसूलपुर गांव का है, जहां 13 अप्रैल को शिल्पी कुशवाहा की निर्मम हत्या कर दी गई थी। बताया गया कि ऋषभ नामक युवक ने उस समय हमला किया, जब शिल्पी घर के बाहर पशुओं को बांध रही थी। हमले में उसकी मौके पर ही मौत हो गई थी। घटना के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया, जबकि उसके पिता को भी हिरासत में लिया गया है।

पहले भी दर्ज थी छेड़छाड़ की शिकायत

इस हत्याकांड ने उस समय और तूल पकड़ लिया, जब यह जानकारी सामने आई कि पीड़िता ने वर्ष 2025 में आरोपी के खिलाफ छेड़छाड़ की शिकायत दर्ज कराई थी। परिजनों का आरोप है कि शिकायत के बाद कई बार पुलिस से सुरक्षा और कार्रवाई की मांग की गई, लेकिन समय रहते कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।

परिवार और ग्रामीणों का कहना है कि यदि पुलिस पहले सख्ती दिखाती तो शिल्पी की जान बचाई जा सकती थी।

एसपी ने माना गंभीर मामला

पुलिस की इसी कथित लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए एसपी अशोक कुमार मीणा ने मल्लावां थानाध्यक्ष को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। साथ ही पूरे मामले की विभागीय जांच शुरू करा दी गई है, ताकि जिम्मेदारी तय की जा सके।

अखिलेश यादव के दौरे से पहले हलचल

सूत्रों के मुताबिक, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव 30 अप्रैल को पीड़ित परिवार से मुलाकात करने हरदोई आ सकते हैं। ऐसे में इस कार्रवाई को प्रशासन की सक्रियता और जवाबदेही तय करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।

लापरवाही बर्दाश्त नहीं: एसपी

पुलिस अधीक्षक ने साफ संदेश दिया है कि ड्यूटी में लापरवाही बरतने वाले किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा। कानून व्यवस्था और पीड़ितों को न्याय दिलाने में किसी तरह की ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी।

ग्रामीणों की मांग, दोषियों पर हो कड़ी कार्रवाई

गांव और आसपास के लोगों ने मांग की है कि सिर्फ निलंबन ही नहीं, बल्कि मामले में जिन-जिन स्तरों पर चूक हुई है, उन सभी जिम्मेदारों पर कठोर कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

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