“सहारनपुर की दिशा बैठक में कांग्रेस सांसद इमरान मसूद और सपा विधायक आशु मलिक के बीच विकास कार्यों को लेकर तीखी बहस हो गई। चाय-पकौड़ी वाली टिप्पणी के बाद माहौल गरमा गया। सांसद ने अधिकारी को सड़क-नाले की समस्या पर एक सप्ताह में रिपोर्ट देने के निर्देश दिए।“
सहारनपुर। सहारनपुर में जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति यानी दिशा की बैठक के दौरान बुधवार को कांग्रेस सांसद इमरान मसूद और समाजवादी पार्टी के विधायक आशु मलिक के बीच राजनीतिक तल्खी खुलकर सामने आ गई। विकास कार्यों से जुड़े एक मुद्दे पर सवाल-जवाब के दौरान दोनों नेताओं के बीच तीखी बहस हुई। इस दौरान विधायक की ‘चाय-पकौड़ी’ वाली टिप्पणी और सांसद के जवाब के बाद बैठक का माहौल कुछ देर के लिए गरमा गया।
बैठक की अध्यक्षता कांग्रेस सांसद इमरान मसूद कर रहे थे। बैठक में जनप्रतिनिधियों के अलावा जिलाधिकारी समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी भी मौजूद थे। इसी दौरान सहारनपुर देहात से सपा विधायक आशु मलिक ने बेहड़ा संदल गांव में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बनी सड़क से जुड़ी समस्या का मुद्दा उठाया।
चार साल पहले बनी सड़क का उठाया मुद्दा
विधायक आशु मलिक ने बताया कि बेहड़ा संदल गांव में करीब चार वर्ष पहले सड़क का निर्माण कराया गया था। सड़क निर्माण के दौरान नाला अधूरा छोड़ दिया गया, जिसके कारण बारिश का पानी कब्रिस्तान और खेतों की ओर जा रहा है।
विधायक ने नाले का निर्माण पूरा कराने की मांग करते हुए अधिकारियों से पूछा कि इस मामले में अब तक क्या कार्रवाई की गई है। संबंधित अधिकारी ने जवाब दिया कि नाले का निर्माण प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत नहीं आता है।
अधिकारी के जवाब पर विधायक ने जताई नाराजगी
अधिकारी के जवाब से आशु मलिक संतुष्ट नहीं हुए। उन्होंने कहा कि यह मामला पिछली दिशा बैठक में भी उठाया गया था, लेकिन उस समय भी उन्हें संतोषजनक जानकारी नहीं दी गई थी। इसी मुद्दे पर सवाल-जवाब के दौरान सांसद इमरान मसूद और विधायक आशु मलिक के बीच बहस शुरू हो गई।
सांसद ने बैठक की प्रक्रिया और नियमों के तहत अपनी बात रखने की बात कही, जबकि विधायक का कहना था कि वह जनता की समस्या लेकर बैठक में पहुंचे हैं और अधिकारी के जवाब से संतुष्ट नहीं हैं।
‘चाय-पकौड़ी खाने नहीं आए हैं’
बहस के दौरान आशु मलिक ने कहा कि वह जनता की समस्याएं उठाने के लिए बैठक में आए हैं, चाय-पकौड़ी खाने के लिए नहीं। विधायक की इस टिप्पणी पर सांसद इमरान मसूद ने पलटकर पूछा कि चाय-पकौड़ी कौन खिला रहा है?
सांसद ने विधायक से बैठक की प्रक्रिया के तहत अपनी बात रखने और संबंधित अधिकारियों को जवाब देने का अवसर देने को कहा। दोनों नेताओं के बीच हुई इस नोकझोंक का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
सांसद ने अधिकारी को दिए एक सप्ताह में रिपोर्ट देने के निर्देश
मामला बढ़ता देख सांसद इमरान मसूद ने हस्तक्षेप किया और संबंधित अधिकारी को बेहड़ा संदल गांव में सड़क और नाले से जुड़े पूरे मामले की बिंदुवार जानकारी तैयार करने के निर्देश दिए।
सांसद ने कहा कि पूरे मामले की जानकारी तैयार कर एक सप्ताह के भीतर विधायक आशु मलिक को उपलब्ध कराई जाए। इसके बाद बैठक की कार्यवाही आगे बढ़ी।
इमरान मसूद बोले- बैठकों में ऐसी बातें होती रहती हैं
बैठक के वीडियो के वायरल होने के बाद राजनीतिक गलियारों में भी इसे लेकर चर्चा शुरू हो गई। हालांकि बाद में सांसद इमरान मसूद ने विवाद को ज्यादा तूल नहीं दिया। उन्होंने कहा कि बैठकों में इस तरह की बातें होती रहती हैं।
सांसद ने यह भी कहा कि बैठक के दौरान सबसे ज्यादा सवाल आशु मलिक ने ही पूछे थे। उनके मुताबिक, बैठक का उद्देश्य जनसमस्याओं और विकास कार्यों पर चर्चा करना है और सभी जनप्रतिनिधियों को अपनी बात रखने का अधिकार है।
धर्म और राष्ट्रगान को लेकर भी दिया बयान
बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में इमरान मसूद ने धर्म और राष्ट्रगान से जुड़े सवालों पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि वह सभी धर्मों और संविधान का सम्मान करते हैं।
उन्होंने कहा कि संविधान ने उन्हें मौलिक अधिकार दिए हैं और इसी के तहत वह राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत के सम्मान में खड़े हो सकते हैं, लेकिन उनका कहना है कि वह इन्हें गाएंगे नहीं। उन्होंने अपने धार्मिक विश्वास का हवाला देते हुए कहा कि उनके मजहब में केवल अल्लाह की इबादत की जाती है।
कांवड़ यात्रा और दशहरा पर भी रखी राय
कांवड़ यात्रा और दशहरा पर्व में शामिल होने को लेकर पूछे गए सवाल पर इमरान मसूद ने कहा, “तू मेरे धर्म का सम्मान कर, मैं तेरे धर्म का सम्मान करूंगा।”
उनके इस बयान के बाद भी राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। हालांकि दिशा बैठक में हुई मूल बहस विकास कार्यों और बेहड़ा संदल गांव की सड़क-नाले की समस्या को लेकर थी।
विकास के मुद्दे पर राजनीतिक खींचतान
दिशा बैठक में हुई इस बहस ने एक बार फिर यह दिखाया कि विकास कार्यों से जुड़े स्थानीय मुद्दे कई बार राजनीतिक खींचतान का रूप ले लेते हैं। बेहड़ा संदल गांव की सड़क और नाले की समस्या पर अब संबंधित विभाग को एक सप्ताह के भीतर रिपोर्ट देनी है। इसके बाद यह स्पष्ट होगा कि नाले के अधूरे निर्माण की जिम्मेदारी किस विभाग की है और समस्या के समाधान के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।









