India Russia Big Deal: मेडिकल एजुकेशन, फूड सेफ्टी और मैरीटाइम कोऑपरेशन पर बड़े करार

“भारत रूस बड़ी डील पर मोदी-पुतिन की प्रेस कॉन्फ्रेंस शुरू। माइग्रेशन, हेल्थकेयर, फूड सेफ्टी, पोलर शिपिंग और फर्टिलाइज़र सहित कई अहम समझौते साइन।”

हाइलाइट्स :

  • यह बैठक रणनीतिक, आर्थिक और मानव संसाधन क्षेत्रों में साझेदारी को नई दिशा देगी।
  • भारत और रूस के बीच 6 बड़े समझौतों का आदान-प्रदान पूरा।
  • पीएम नरेंद्र मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन की साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस शुरू
  • कोऑपरेशन और माइग्रेशन एग्रीमेंट पर साइन, प्रोफेशनल एक्सचेंज को मिलेगा बढ़ावा।
  • हेल्थकेयर और मेडिकल एजुकेशन के क्षेत्र में नई रणनीतिक साझेदारी।
  • दोनों देशों ने फूड सेफ्टी और स्टैंडर्ड्स पर संयुक्त सिस्टम विकसित करने पर सहमति जताई।
  • आर्कटिक क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए पोलर शिप्स और मैरिटाइम कोऑपरेशन पर करार।
  • कृषि सेक्टर को मजबूत करने के लिए फर्टिलाइज़र सप्लाई और टेक्नोलॉजी पर बड़ा समझौता।
  • मोदी-पुतिन वार्ता के बाद भारत-रूस संबंधों में नया मील का पत्थर स्थापित।

नई दिल्ली। भारत और रूस के बीच रणनीतिक साझेदारी को नई मजबूती देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन की साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस शुरू हो गई है। दोनों नेताओं की उच्च-स्तरीय वार्ता के बाद कई महत्वपूर्ण समझौतों का आदान-प्रदान किया गया।

माइग्रेशन और कोऑपरेशन पर बड़ी सहमति

भारत-रूस ने श्रमिकों और प्रोफेशनल्स के सुरक्षित आवागमन पर केंद्रित कोऑपरेशन और माइग्रेशन एग्रीमेंट साइन किया। यह MoU दोनों देशों के बीच मानव संसाधन विनिमय को नई दिशा देगा।

हेल्थकेयर और मेडिकल एजुकेशन में नई साझेदारी

दोनों देशों ने मेडिकल एजुकेशन, हेल्थ रिसर्च और हेल्थकेयर सेवाओं को बढ़ाने पर सहमति जताई है। मेडिकल छात्रों के एक्सचेंज प्रोग्राम और संयुक्त रिसर्च इसका मुख्य हिस्सा रहेगा।

फूड सेफ्टी और स्टैंडर्ड्स पर संयुक्त फ्रेमवर्क

खाद्य सुरक्षा को लेकर फूड क्वालिटी, निरीक्षण व्यवस्था और खाद्य मानकों पर दोनों देशों ने साझा प्रोटोकॉल विकसित करने का फैसला लिया।

पोलर शिप्स और मैरिटाइम कोऑपरेशन मजबूत होगा

आर्कटिक क्षेत्र में समुद्री गतिविधियों के विस्तार के लिए पोलर शिप डिजाइन, क्षमताओं के विकास और मैरिटाइम एक्सचेंज पर समझौता किया गया है।

फर्टिलाइज़र सप्लाई पर बड़ा करार

देश की कृषि जरूरतों को देखते हुए भारत और रूस ने फर्टिलाइज़र सप्लाई, टेक्नोलॉजी और उत्पादन सहयोग पर महत्वपूर्ण समझौता किया है। इससे उर्वरक आपूर्ति श्रृंखला मजबूत होगी।

भारत-रूस संबंधों में नया मील का पत्थर

मोदी-पुतिन की यह बैठक दोनों देशों के संबंधों को नई दिशा देती है। इन छह समझौतों से रणनीतिक, मानव संसाधन, हेल्थ और व्यापारिक क्षेत्रों में बड़ा प्रभाव देखने को मिलेगा।

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विशेष संवाददाता – मनोज शुक्ल

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