इजराइल के 200 ठिकानों पर हमले, दुबई एयरपोर्ट के पास ड्रोन हमला

Iran War Updates: अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच युद्ध का 17वां दिन जारी है। दुबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के पास ड्रोन हमला हुआ, जबकि इजराइल ने ईरान के 200 से ज्यादा सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। बढ़ते तनाव के बीच तेल की कीमतें 105 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गईं।

नई दिल्ली। अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान पर किए जा रहे संयुक्त हमले का सोमवार को 17वां दिन है। युद्ध लगातार तेज होता जा रहा है और इसका असर पूरे खाड़ी क्षेत्र में दिखाई दे रहा है। इस बीच दुबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के पास ड्रोन हमले की खबर सामने आई है, जिसके बाद कई उड़ानों को रद्द कर दिया गया।

इजराइली वायु सेना (IAF) ने दावा किया है कि पिछले 24 घंटों के दौरान उसने पश्चिमी और मध्य ईरान में 200 से ज्यादा ठिकानों पर हवाई हमले किए हैं। इन हमलों में मिसाइल सिस्टम, रक्षा प्रतिष्ठान और सैन्य मुख्यालय जैसे अहम ठिकानों को निशाना बनाया गया है।

दुबई एयरपोर्ट के पास ड्रोन हमला

ईरानी ड्रोन हमले के बाद दुबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के परिसर के पास आग लग गई। इसके बाद सुरक्षा कारणों से एयरपोर्ट पर उड़ानों का संचालन अस्थायी रूप से रोक दिया गया। एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस ने दुबई आने-जाने वाली अपनी सभी उड़ानें रद्द कर दी हैं।

अबू धाबी में मिसाइल हमला, एक व्यक्ति की मौत

संयुक्त अरब अमीरात की राजधानी अबू धाबी के बाहरी इलाके अल बहिया में एक नागरिक की कार पर मिसाइल हमला किया गया, जिसमें एक फिलिस्तीनी नागरिक की मौत हो गई। यह हमला ऐसे समय हुआ जब ईरान खाड़ी क्षेत्र में जवाबी हमले तेज कर रहा है।

ईरान ने दागे सैकड़ों मिसाइल और ड्रोन

भारत में इजराइल के राजदूत रूवेन अजार ने कहा कि ईरान ने जवाबी कार्रवाई में इजराइल पर सैकड़ों बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन दागे हैं। इन हमलों में करीब 12 लोगों की मौत हुई है और कई लोग घायल हुए हैं। कई इमारतों को भी नुकसान पहुंचा है।

तेल की कीमतों में उछाल

युद्ध के कारण वैश्विक ऊर्जा बाजार में भी हलचल है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत 105 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गई है। युद्ध शुरू होने के बाद से तेल की कीमतों में 40 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

ट्रम्प ने NATO को दी चेतावनी

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि यदि नाटो देश होर्मुज जलडमरूमध्य को खुला रखने में अमेरिका की मदद नहीं करते हैं, तो गठबंधन का भविष्य खतरे में पड़ सकता है। उन्होंने कई देशों से इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग की सुरक्षा के लिए युद्धपोत भेजने की अपील की है।

ईरान ने ट्रम्प की अपील को बताया ‘भीख’

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने ट्रम्प की अपील की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने कहा कि पड़ोसी देशों को विदेशी हमलावरों को अपने क्षेत्र से बाहर निकालना चाहिए। अराघची ने ट्रम्प की मांग को “भीख मांगने जैसा” बताया।

खाड़ी देशों में बढ़ी चिंता

सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान और यूएई के राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने फोन पर बातचीत कर क्षेत्रीय हालात पर चर्चा की। दोनों नेताओं ने कहा कि ईरान के लगातार हमले क्षेत्रीय सुरक्षा और स्थिरता के लिए गंभीर खतरा हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि युद्ध इसी तरह जारी रहा तो इसका असर न केवल मध्य पूर्व बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था और ऊर्जा आपूर्ति पर भी पड़ सकता है।

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