जगन्नाथ रथ यात्रा 2026: AI कैमरे, ड्रोन और IPS अफसरों के भरोसे होगी करोड़ों श्रद्धालुओं की सुरक्षा

पुरी में लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए सरकार की हाईटेक तैयारी, भीड़ नियंत्रण पर विशेष फोकस

Jagannath Rath Yatra 2026 के लिए ओडिशा सरकार ने व्यापक सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन योजना तैयार की है। पुरी में AI कैमरे, ड्रोन, LED स्क्रीन और वरिष्ठ IPS अधिकारियों की निगरानी में लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी।

पुरी (ओडिशा)। भगवान जगन्नाथ की विश्व प्रसिद्ध रथ यात्रा 2026 को सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाने के लिए ओडिशा सरकार ने इस बार अभूतपूर्व सुरक्षा एवं भीड़ प्रबंधन व्यवस्था लागू करने का फैसला किया है। पिछले दो वर्षों में हुई दुर्घटनाओं और भगदड़ जैसी घटनाओं से सबक लेते हुए प्रशासन ने आधुनिक तकनीक और अनुभवी अधिकारियों की मदद से व्यापक योजना तैयार की है।

इस वर्ष रथ यात्रा के दौरान पुरी में लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। ऐसे में प्रशासन किसी भी तरह की अव्यवस्था से बचने के लिए विशेष सतर्कता बरत रहा है।

AI कैमरे और ड्रोन करेंगे हर गतिविधि की निगरानी

रथ यात्रा के दौरान पूरे पुरी शहर को AI आधारित CCTV निगरानी तंत्र से जोड़ा जाएगा। अधिकारियों के अनुसार, उत्तरा चौक से लेकर पुरी शहर, बड़ा डांडा और आसपास की गलियों तक सैकड़ों कैमरे लगाए जाएंगे।

इसके साथ ही ड्रोन के माध्यम से भीड़ की गतिविधियों पर रियल टाइम निगरानी रखी जाएगी। AI तकनीक की मदद से भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों की तुरंत पहचान कर प्रशासन को अलर्ट भेजा जाएगा ताकि समय रहते आवश्यक कदम उठाए जा सकें।

पिछले वर्ष लगाए गए 250 से अधिक AI कैमरों की संख्या इस बार और बढ़ाई जा रही है।

7 वरिष्ठ IPS अधिकारियों को मिली जिम्मेदारी

रथ यात्रा के सफल संचालन के लिए ओडिशा सरकार ने सात वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों को विशेष जिम्मेदारी सौंपी है।

पूरे आयोजन की निगरानी एडीजी सौमेंद्र प्रियदर्शी करेंगे। वहीं अग्निशमन सेवा महानिदेशक सुधांशु सारंगी, अनुप कुमार साहू, पिनाक मिश्रा, सार्थक सारंगी, संजीव पांडा और सत्यजीत नायक समेत कई वरिष्ठ अधिकारी विभिन्न व्यवस्थाओं की कमान संभालेंगे।

ये अधिकारी लगातार पुरी का दौरा कर तैयारियों की समीक्षा कर रहे हैं।

वन-वे ट्रैफिक और LED स्क्रीन से मिलेगी सुविधा

श्रद्धालुओं की सुगम आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए कई मार्गों को वन-वे घोषित किया गया है। बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और प्रमुख प्रवेश मार्गों से लेकर बड़ा डांडा और श्रीगुंडिचा मंदिर तक विशेष यातायात योजना लागू की जाएगी।

इसके अलावा पूरे शहर में 65 LED स्क्रीन लगाई जाएंगी, जिन पर श्रद्धालुओं को रियल टाइम ट्रैफिक अपडेट, दर्शन व्यवस्था, भीड़ की स्थिति और अन्य महत्वपूर्ण सूचनाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

स्वास्थ्य सेवाओं को भी किया गया मजबूत

पुरी जिला प्रशासन ने स्वास्थ्य सुविधाओं को भी प्राथमिकता दी है। बड़ा डांडा मार्ग पर आठ अस्थायी स्वास्थ्य केंद्र स्थापित किए जाएंगे।

इसके अलावा अतिरिक्त एंबुलेंस, डॉक्टर, प्राथमिक उपचार केंद्र और प्रशिक्षित स्वयंसेवकों की तैनाती की जाएगी। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए फायर सर्विस और रेस्क्यू टीमों को भी अलर्ट मोड पर रखा जाएगा।

पिछले वर्षों की घटनाओं से लिया गया सबक

वर्ष 2024 और 2025 की रथ यात्राओं के दौरान कई दुर्घटनाएं और भगदड़ की घटनाएं सामने आई थीं, जिनमें कई श्रद्धालुओं और सेवायतों की जान गई थी।

इन्हीं घटनाओं को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने इस बार सुरक्षा मानकों को और अधिक सख्त किया है। असुरक्षित इमारतों पर श्रद्धालुओं के चढ़ने पर प्रतिबंध रहेगा और संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया जाएगा।

प्रशासन का दावा—सुरक्षित और व्यवस्थित होगी रथ यात्रा

पुलिस और जिला प्रशासन का कहना है कि तकनीक, अनुभवी अधिकारियों और विस्तृत योजना के सहयोग से इस बार रथ यात्रा को सुरक्षित, व्यवस्थित और श्रद्धालु-अनुकूल बनाया जाएगा।

हालांकि स्थानीय विशेषज्ञों का मानना है कि तकनीक के साथ-साथ जमीनी स्तर पर बेहतर प्रबंधन और पुलिस का सहयोगात्मक व्यवहार भी उतना ही महत्वपूर्ण होगा।

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