“आज से कांवड़ यात्रा शुरू हो गई है। हरिद्वार, दिल्ली और उत्तर प्रदेश में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। करीब 6 हजार सुरक्षाकर्मी तैनात हैं, ड्रोन और CCTV से निगरानी होगी। 5 से 11 अगस्त तक कई हाईवे पर भारी वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध रहेगा।“
नई दिल्ली/हरिद्वार। श्रावण मास की आस्था का सबसे बड़ा पर्व कांवड़ यात्रा गुरुवार से विधिवत शुरू हो गया। देशभर से करोड़ों शिवभक्त गंगाजल लेने हरिद्वार पहुंचेंगे और अपने-अपने गंतव्य तक पैदल, बाइक और अन्य वाहनों से यात्रा करेंगे। यात्रा को शांतिपूर्ण और सुरक्षित बनाने के लिए उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और दिल्ली पुलिस ने संयुक्त सुरक्षा व्यवस्था लागू की है। करीब छह हजार सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई है, जबकि ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों से पूरे मेला क्षेत्र और प्रमुख मार्गों की 24 घंटे निगरानी की जाएगी।
हरिद्वार में सुरक्षा का अभेद्य घेरा
प्रशासन ने इस बार कांवड़ मेले को कई स्तरों पर बांटकर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की है। पूरे मेला क्षेत्र को 18 सुपर जोन, 40 जोन और 141 सेक्टरों में विभाजित किया गया है। प्रत्येक सेक्टर में मजिस्ट्रेट, पुलिस अधिकारी और सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं। सभी प्रमुख प्रवेश मार्गों पर बैरिकेडिंग कर वाहनों और श्रद्धालुओं की सघन जांच की जाएगी।
सुरक्षा एजेंसियों को विशेष रूप से अराजक तत्वों और अफवाह फैलाने वालों पर कड़ी नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं ताकि यात्रा के दौरान किसी प्रकार की अप्रिय घटना न हो।
ड्रोन और CCTV से होगी 24 घंटे निगरानी
पूरे कांवड़ मेला क्षेत्र में आधुनिक निगरानी प्रणाली लागू की गई है। प्रमुख मार्गों, घाटों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जबकि ड्रोन के जरिए लगातार हवाई निगरानी की जाएगी।
केंद्रीय नियंत्रण कक्ष (सीसीआर) से सुरक्षा, सफाई, पेयजल, बिजली, ट्रैफिक और अन्य नागरिक सुविधाओं की चौबीसों घंटे मॉनिटरिंग होगी। किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई के लिए विशेष टीमें भी तैनात रहेंगी।
दिल्ली और यूपी में ट्रैफिक प्लान लागू
कांवड़ यात्रा को देखते हुए दिल्ली यातायात पुलिस ने विशेष ट्रैफिक एडवाइजरी जारी की है। यमुनापार और उत्तर प्रदेश सीमा से जुड़े क्षेत्रों में यात्रा का अधिक प्रभाव रहने के कारण कांवड़ मार्गों पर भारी वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया गया है।
हरिद्वार-दिल्ली, हरिद्वार-नजीबाबाद और हरिद्वार-रुड़की हाईवे पर 30 जुलाई से 4 अगस्त तक रात के समय ही भारी वाहनों का संचालन होगा। वहीं 5 अगस्त से 11 अगस्त तक इन मार्गों पर भारी वाहनों का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।
इसके अलावा दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे पर कांवड़ वाहनों का प्रवेश भी पूरी तरह बंद रखा गया है, ताकि सामान्य यातायात प्रभावित न हो।
कांवड़ की ऊंचाई भी तय
प्रशासन ने इस वर्ष कांवड़ यात्रा के लिए कुछ मानक भी निर्धारित किए हैं। पैदल कांवड़ की अधिकतम ऊंचाई छह फीट, जबकि झांकी की अधिकतम ऊंचाई दस फीट तय की गई है। इसका उद्देश्य यात्रा मार्ग पर सुगम आवागमन बनाए रखना और सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
5.5 करोड़ श्रद्धालुओं के आने का अनुमान
हरिद्वार प्रशासन के अनुसार इस वर्ष करीब 5.5 करोड़ कांवड़ यात्रियों के आने की संभावना है। पिछले वर्ष लगभग 4.52 करोड़ श्रद्धालु हरिद्वार पहुंचे थे। बढ़ती संख्या को देखते हुए करीब 70 हजार वाहनों की पार्किंग की व्यवस्था की गई है।
स्नान घाटों पर जल पुलिस, एनडीआरएफ और आपदा राहत दलों को भी तैनात किया गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।
श्रद्धालुओं के लिए QR कोड सुविधा
कांवड़ यात्रियों की सुविधा और त्वरित सहायता के लिए पुलिस ने QR कोड आधारित सूचना प्रणाली शुरू की है। इसे स्कैन कर श्रद्धालु मार्ग, पार्किंग, चिकित्सा सहायता, हेल्पलाइन और अन्य जरूरी जानकारियां प्राप्त कर सकेंगे। प्रशासन का कहना है कि इस व्यवस्था से यात्रियों को बेहतर सुविधा मिलेगी और आपात स्थिति में तेजी से मदद पहुंचाई जा सकेगी।
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