
राष्ट्रीय प्रस्तावना न्यूज़ नेटवर्क खीरी : गोला शिव काशी क्षेत्र के गाँव कोटवारा मे चल रही राम कथा के अवसर पर कथा ब्यास पंडित पियूष दिक्षित ने भगवान राम के जन्म की पावन कथा भक्तो को श्रवण कराई। कथा ब्यास ने राम जन्म की पावन कथा भक्तो को कथा श्रवण कराते हुये बताया कि जब एक बार राज दशरथ को ग्लानि हुई कि मेरे जीवन चौथा पन आ गया है मेरे कोई भी संतान नही है मै एक मृग को भी नही मार सकता अब मेरा बंश कैसे चलेगा मेरा कोई आगे चलकर नाम लेने बाला नही है। तो वह अपनी तीनो रानिंयो के साथ अपने कूलगुरू वशिस्ठ के पास नंगे पैरो चलकर उनके आश्रम मे पहुचे जाकर और उनसे अनुनय-विनय की और अपनी सारी ब्यथा गुरू को सुनाई।
तब गुरू ने कहा कि जाओ राजन अब आपके एक नही चार चार पुत्र होगे, लेकिन आप लोग अपने भवन मे जाकर श्रृंगी रिषि को बुलाकर पूत्रेस्ठि यज्ञ कराओ,गुरू की आज्ञा पाकर राजा दशरथ ने श्रृंगी रिषि को बुलाकर यज्ञ कराया गया। यज्ञ की पूर्ण आहूति के पश्चात यज्ञ भगवान ने राजा दशरथ को खीर कटोरा प्रदान करते हुये कहते है कि इस खीर को तीनो रानियो को बराबर भाग कर के बांट देना, खीर खाने के पश्चात तीनो रानियां गर्भवती हो जाती है और नौ महीने के पश्चात राजा दशरथ के यहां चार पुत्रो का जन्म होता है। जिनका नाम राम लक्ष्मण भरत और शत्रुघ्न रखा जाता है। यह कथा सुनकर भक्तगण भाव विभोर हो जाते है। इस अवसर पर कथा ब्यवस्थापक भाजपा नेता मिथिलेश मिश्र, राहुल मिश्र, व शिवपूजन शर्मा, नैमिष मिश्र, राहुल कुमार, रमेश दिक्षित, मुकेश, नवनीत अवस्थी शैलेन्द्र अवस्थी,रामदुलारे पांडे,जयराम यादव, रामकिशोर, राम सरन यादव सहित तमाम भक्त व ग्रामीण मौजूद रहे।







