“Indian Army New Chief 2026: केंद्र सरकार ने लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ को भारतीय सेना का अगला प्रमुख नियुक्त किया है। वह वर्तमान सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी का स्थान लेंगे, जिनका कार्यकाल 30 जून 2026 को समाप्त हो रहा है।“
नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने भारतीय सेना के शीर्ष नेतृत्व में बड़ा बदलाव करते हुए लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ को देश का अगला सेना प्रमुख (Chief of Army Staff) नियुक्त करने का फैसला किया है। वर्तमान में उप सेना प्रमुख के पद पर कार्यरत धीरज सेठ, मौजूदा सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी का स्थान लेंगे।
सरकारी घोषणा के अनुसार जनरल उपेंद्र द्विवेदी का कार्यकाल 30 जून 2026 को समाप्त हो रहा है। इसके बाद लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ भारतीय थल सेना की कमान संभालेंगे।
सेना को मिलेगा नया नेतृत्व
लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ भारतीय सेना के वरिष्ठ और अनुभवी अधिकारियों में गिने जाते हैं। उन्होंने अपने लंबे सैन्य करियर के दौरान विभिन्न महत्वपूर्ण कमांड, स्टाफ और रणनीतिक जिम्मेदारियां निभाई हैं। वर्तमान में उप सेना प्रमुख के रूप में वह सैन्य संचालन, आधुनिकीकरण और रणनीतिक मामलों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
उनकी नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब भारतीय सेना सीमाओं पर सुरक्षा चुनौतियों, तकनीकी आधुनिकीकरण और भविष्य की युद्ध रणनीतियों पर तेजी से काम कर रही है।
30 जून को पूरा होगा जनरल उपेंद्र द्विवेदी का कार्यकाल
वर्तमान सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने 30 जून 2024 को भारतीय सेना प्रमुख का पद संभाला था। उनके नेतृत्व में सेना ने कई महत्वपूर्ण सैन्य और रणनीतिक पहलों को आगे बढ़ाया।
भारतीय सेना प्रमुख का कार्यकाल सामान्यतः तीन वर्ष या 62 वर्ष की आयु तक होता है, जो भी पहले पूरा हो।
राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए अहम जिम्मेदारी
सेना प्रमुख का पद भारतीय सशस्त्र बलों में सबसे महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों में से एक माना जाता है। सेना प्रमुख देश की जमीनी सुरक्षा रणनीति, सैन्य तैयारियों, सीमाई चुनौतियों और युद्धक क्षमता को मजबूत करने के लिए जिम्मेदार होते हैं।
लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ के सामने भी सेना के आधुनिकीकरण, स्वदेशी रक्षा प्रणालियों को बढ़ावा देने, नई तकनीकों को शामिल करने और सीमाओं पर सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां होंगी।
सैन्य नेतृत्व में निरंतरता का संकेत
रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि उप सेना प्रमुख के पद से सेना प्रमुख बनने के कारण सैन्य नेतृत्व में निरंतरता बनी रहेगी। इससे चल रही सैन्य परियोजनाओं, आधुनिकीकरण योजनाओं और रणनीतिक कार्यक्रमों को गति मिलने की संभावना है।
भारतीय सेना दुनिया की सबसे बड़ी और सबसे सक्षम सेनाओं में से एक मानी जाती है। ऐसे में नए सेना प्रमुख की नियुक्ति को राष्ट्रीय सुरक्षा और रक्षा नीति के दृष्टिकोण से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
“देश-दुनिया से जुड़े राजनीतिक, मनोरंजन और खेल और सामयिक घटनाक्रम की विस्तृत और सटीक जानकारी के लिए ‘राष्ट्रीय प्रस्तावना’ के साथ जुड़े रहें। ताज़ा खबरों, चुनावी बयानबाज़ी और विशेष रिपोर्ट्स के लिए हमारे साथ बने रहें।”









