लखनऊ अग्निकांड: सीएम योगी ने LDA वीसी को किया तलब, अवैध निर्माणों पर मांगी पूरी रिपोर्ट

लखनऊ अग्निकांड के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अवैध निर्माणों पर सख्त रुख अपनाया है। LDA वीसी प्रथमेश कुमार को तलब कर सीलिंग, ध्वस्तीकरण और अवैध इमारतों पर हुई कार्रवाई की विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है। अलीगंज कोचिंग अग्निकांड में 15 छात्रों की मौत के बाद सरकार एक्शन मोड में है।

लखनऊ। लखनऊ के अलीगंज स्थित कोचिंग संस्थान में हुए भीषण अग्निकांड के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अवैध निर्माणों के खिलाफ बड़ा अभियान छेड़ दिया है। हादसे में 15 छात्रों की दर्दनाक मौत के बाद मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक अधिकारियों को जवाबदेह बनाने और अवैध भवनों पर कड़ी कार्रवाई के संकेत दिए हैं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) के उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार को मंगलवार शाम पांच बजे तलब किया है। मुख्यमंत्री ने राजधानी के सभी सात जोनों में 1 जनवरी 2026 से अब तक जारी किए गए सीलिंग नोटिस, उन पर हुई कार्रवाई, ध्वस्तीकरण अभियान और जमीनी स्तर पर हुए अनुपालन की पूरी रिपोर्ट मांगी है।

अवैध इमारत में चल रहे थे कई व्यवसाय

जानकारी के अनुसार अलीगंज स्थित जिस भवन में आग लगी थी, वहां कोचिंग संस्थान के साथ पेट शॉप, क्लीनिक और एनिमेशन सेंटर भी संचालित किए जा रहे थे। प्रारंभिक जांच में भवन के निर्माण और संचालन से जुड़े कई नियमों के उल्लंघन की आशंका जताई जा रही है।

इस दर्दनाक हादसे में जहां 15 छात्रों की जान चली गई, वहीं भवन में मौजूद कई पालतू जानवर भी जिंदा जल गए। घटना ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है।

एसआईटी ने शुरू की गहन जांच

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को ही मामले की जांच के लिए दो सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) का गठन कर दिया था। एसआईटी की टीम मंगलवार को घटनास्थल पर पहुंची और वैज्ञानिक साक्ष्यों के संग्रहण सहित तकनीकी जांच प्रक्रिया को आगे बढ़ाया।

जांच दल भवन निर्माण की वैधता, अग्निशमन सुरक्षा मानकों के पालन, व्यवसायिक गतिविधियों की अनुमति और संबंधित विभागों की भूमिका की पड़ताल कर रहा है।

अवैध निर्माणों पर चलेगा व्यापक अभियान

सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री कार्यालय ने प्रदेश के अन्य शहरों में भी अवैध व्यावसायिक भवनों और कोचिंग संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा के निर्देश दिए हैं। माना जा रहा है कि लखनऊ अग्निकांड के बाद अवैध निर्माणों, फायर एनओसी और भवन मानकों के उल्लंघन पर व्यापक स्तर पर कार्रवाई हो सकती है।

जवाबदेही तय करने की तैयारी

सरकार का फोकस केवल हादसे की जांच तक सीमित नहीं है, बल्कि उन अधिकारियों और विभागों की जिम्मेदारी तय करने पर भी है जिनकी लापरवाही से यह त्रासदी हुई। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों, भवन मालिकों और संबंधित लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।

लखनऊ अग्निकांड ने एक बार फिर शहरी क्षेत्रों में अवैध निर्माण, अग्नि सुरक्षा मानकों की अनदेखी और प्रशासनिक निगरानी की कमजोरियों को उजागर किया है। अब पूरे प्रदेश की निगाहें एसआईटी की जांच रिपोर्ट और सरकार द्वारा उठाए जाने वाले अगले कदमों पर टिकी हैं।

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