“बसपा के इकलौते विधायक उमाशंकर सिंह का कैंसर से निधन होने के बाद शुक्रवार को बलिया के बयासी घाट पर राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार होगा। उनके पार्थिव शरीर के अंतिम दर्शन के लिए हजारों समर्थक पहुंचे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, मायावती, अखिलेश यादव समेत कई नेताओं ने श्रद्धांजलि अर्पित की।“
बलिया/लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजनीति के चर्चित और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के इकलौते विधायक उमाशंकर सिंह को शुक्रवार को अंतिम विदाई दी जाएगी। उनका अंतिम संस्कार बलिया के बयासी घाट पर पूरे राजकीय सम्मान और धार्मिक रीति-रिवाज के साथ किया जाएगा। गुरुवार देर शाम उनका पार्थिव शरीर लखनऊ से बलिया स्थित पैतृक गांव खनवर लाया गया, जहां अंतिम दर्शन के लिए हजारों की संख्या में समर्थक और स्थानीय लोग पहुंचे।
कैंसर से लंबे समय तक जूझने के बाद 5 अगस्त की देर शाम दिल्ली में इलाज के दौरान उनका निधन हो गया। उनके निधन से प्रदेश की राजनीति में शोक की लहर है। सत्ता और विपक्ष के लगभग सभी प्रमुख नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
अंतिम दर्शन के लिए उमड़ा जनसैलाब
बलिया के खनवर स्थित आवास पर दिवंगत विधायक के अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में समर्थक, शुभचिंतक और क्षेत्रीय लोग पहुंचे। लोगों ने उन्हें “गरीबों का मसीहा” बताते हुए भावभीनी श्रद्धांजलि दी। पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल रहा और अंतिम यात्रा में भारी भीड़ जुटने की संभावना है।
लखनऊ में नेताओं ने दी श्रद्धांजलि
गुरुवार सुबह लखनऊ स्थित आवास पर उमाशंकर सिंह का पार्थिव शरीर अंतिम दर्शन के लिए रखा गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, बसपा प्रमुख मायावती, केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह, डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक, जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, वित्त मंत्री सुरेश खन्ना, विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना सहित विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने पहुंचकर श्रद्धासुमन अर्पित किए।
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव और केंद्रीय मंत्री पंकज चौधरी सहित कई नेताओं ने सोशल मीडिया के माध्यम से भी शोक व्यक्त किया।
मायावती ने परिवार को दिया भरोसा
बसपा सुप्रीमो मायावती ने उमाशंकर सिंह के निधन को पार्टी की अपूरणीय क्षति बताया। उन्होंने कहा कि पार्टी पूरे परिवार के साथ मजबूती से खड़ी रहेगी। मायावती ने यह भी घोषणा की कि उमाशंकर सिंह के पुत्र को राजनीति में आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी पार्टी निभाएगी।
तीन बार जीते रसड़ा विधानसभा का चुनाव
उमाशंकर सिंह का जन्म 2 जनवरी 1971 को बलिया जिले के खनवर गांव में हुआ था। छात्र राजनीति से सार्वजनिक जीवन की शुरुआत करने वाले उमाशंकर सिंह सतीश चंद्र महाविद्यालय के छात्रसंघ महामंत्री भी रहे। वर्ष 2002-03 में जिला पंचायत सदस्य चुने गए और 2012 में पहली बार बसपा के टिकट पर रसड़ा विधानसभा सीट से विधायक बने।
उन्होंने 2012, 2017 और 2022 में लगातार तीन बार रसड़ा विधानसभा से जीत दर्ज की। वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में वे बसपा के एकमात्र विजयी विधायक बने और प्रदेश विधानसभा में पार्टी का प्रतिनिधित्व करते रहे।
सादगी और जनसेवा के लिए थे लोकप्रिय
राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर सभी दलों के नेताओं से उनके अच्छे संबंध थे। अपने सरल स्वभाव, सहज व्यवहार और क्षेत्र की समस्याओं के प्रति संवेदनशीलता के कारण उन्होंने जनता के बीच अलग पहचान बनाई। यही कारण रहा कि उनके निधन पर राजनीतिक दलों से लेकर आम लोगों तक ने गहरा शोक व्यक्त किया।
आज होगा राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार
शुक्रवार को बलिया के बयासी घाट पर राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। प्रशासन ने सुरक्षा और यातायात की व्यापक व्यवस्था की है। अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधियों, पार्टी कार्यकर्ताओं और आम लोगों के शामिल होने की संभावना है।









