NEET Paper Leak 2026: सवाल याद कर पर्चियों पर लिखे, NCERT किताबों से हुआ पेपर लीक का खुलासा

CBI का दावा- NTA के तीन विषय विशेषज्ञों ने मॉडरेशन प्रक्रिया के दौरान सवाल याद किए, होटल में लिखे और कोचिंग नेटवर्क के जरिए छात्रों तक पहुंचाए; 13 आरोपी न्यायिक हिरासत में।

नई दिल्ली। देशभर में विवाद का कारण बने NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की चार्जशीट ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। जांच एजेंसी द्वारा अदालत में दाखिल 94 पन्नों की चार्जशीट के अनुसार, पेपर लीक का तरीका किसी हाईटेक हैकिंग से नहीं, बल्कि सवालों को याद करने, कागज की पर्चियों पर लिखने और NCERT की किताबों में संबंधित अध्यायों पर निशान लगाने जैसे साधारण तरीकों पर आधारित था।

CBI का आरोप है कि यह पूरी साजिश राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) की गोपनीय प्रक्रिया में शामिल कुछ विशेषज्ञों, कोचिंग संचालकों और बिचौलियों के गठजोड़ से अंजाम दी गई।

NTA के तीन विषय विशेषज्ञों पर सबसे गंभीर आरोप

चार्जशीट के मुताबिक, NTA की पेपर निर्माण प्रक्रिया से जुड़े तीन विषय विशेषज्ञ इस पूरे नेटवर्क के मुख्य स्रोत थे। इनमें केमिस्ट्री विशेषज्ञ पी.वी. कुलकर्णी, बॉटनी विशेषज्ञ मनीषा मंधारे और फिजिक्स विशेषज्ञ मनीषा हवलदार के नाम शामिल हैं।

CBI का आरोप है कि इन विशेषज्ञों को प्रश्नपत्र तैयार करने, मॉडरेशन और अनुवाद प्रक्रिया के दौरान आधिकारिक पहुंच प्राप्त थी। इसी पहुंच का दुरुपयोग करते हुए उन्होंने परीक्षा के प्रश्नों को याद किया और बाद में उन्हें लिखकर आगे पहुंचाया।

मॉडरेशन के दौरान याद किए सवाल, होटल में लिखीं पर्चियां

जांच एजेंसी के अनुसार, विशेषज्ञ मॉडरेशन प्रक्रिया के दौरान प्रश्नों को याद कर लेते थे। बाद में होटल के कमरों में कागज की पर्चियों पर उन सवालों को लिखते थे। जिन प्रश्नों को पूरी तरह याद रखना कठिन होता था, उनके लिए संबंधित NCERT अध्यायों और पैराग्राफ पर विशेष निशान लगा दिए जाते थे, ताकि आगे उन्हें आसानी से पहचाना जा सके।

इसके बाद इन जानकारियों को भरोसेमंद बिचौलियों और कोचिंग संस्थानों के माध्यम से चुनिंदा छात्रों तक पहुंचाया जाता था।

कोचिंग संस्थानों का सक्सेस रेट बढ़ाना और मोटी कमाई था उद्देश्य

CBI की जांच में सामने आया है कि इस पूरे नेटवर्क का मकसद दोहरा था। पहला, मोटी रकम कमाना और दूसरा, निजी कोचिंग संस्थानों का चयन प्रतिशत (Success Rate) बढ़ाकर उनकी बाजार में साख मजबूत करना।

जांच में यह भी पता चला कि कई छात्रों से लीक हुए प्रश्न हाथ से लिखवाए गए थे ताकि किसी डिजिटल रिकॉर्ड या इलेक्ट्रॉनिक सबूत का जोखिम न रहे। तलाशी के दौरान ऐसे कई हस्तलिखित नोट भी बरामद किए गए हैं।

NTA की सुरक्षा व्यवस्था पर भी उठे सवाल

चार्जशीट में NTA की गोपनीय परीक्षा प्रणाली में गंभीर खामियों का भी उल्लेख किया गया है। CBI के अनुसार, गोपनीय सेक्शन में कार्यरत विशेषज्ञों की न तो तलाशी ली जाती थी और न ही उनकी निगरानी के लिए कोई प्रभावी व्यवस्था थी।

जांच में सामने आया कि आरोपी विशेषज्ञ पी.वी. कुलकर्णी ने 31 मार्च से 2 अप्रैल के बीच तीन दिनों में 135 प्रश्नों का बैक-ट्रांसलेशन किया था। इस दौरान उनके पास प्रश्नों तक आधिकारिक पहुंच थी।

13 आरोपी, 360 गवाह और 20 हजार पन्नों के दस्तावेज

CBI ने इस मामले में कुल 13 लोगों को आरोपी बनाया है। इनमें तीन NTA विशेषज्ञों के अलावा कोचिंग संचालक, बिचौलिए और कथित रूप से लाभ उठाने वाले कुछ अभ्यर्थी भी शामिल हैं। सभी आरोपी फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं।

जांच एजेंसी ने अदालत में 20,000 पन्नों के दस्तावेज, 360 गवाहों के बयान, 422 दस्तावेजी साक्ष्य और 43 भौतिक सबूत पेश किए हैं। मामला भारतीय न्याय संहिता (BNS), भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम तथा Public Examinations (Prevention of Unfair Means) Act, 2024 के तहत दर्ज किया गया है।

72 अधिकारियों और साइबर टीमों ने की जांच

CBI ने 12 मई को एफआईआर दर्ज करने के बाद बड़े स्तर पर जांच शुरू की। जांच के लिए 72 अधिकारियों और 8 साइबर फोरेंसिक विशेषज्ञों की टीम गठित की गई। महाराष्ट्र, राजस्थान, हरियाणा, दिल्ली सहित पांच राज्यों में 92 स्थानों पर छापेमारी की गई।

इस दौरान डिजिटल डिवाइस, बैंक रिकॉर्ड, दस्तावेज और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य जब्त किए गए। साथ ही आरोपियों के बैंक खाते, लॉकर और डीमैट खाते भी फ्रीज कर दिए गए। मामले में पहली गिरफ्तारी 13 मई को हुई थी।

अभी अदालत में साबित होने हैं आरोप

CBI ने स्पष्ट किया है कि चार्जशीट में लगाए गए सभी आरोप जांच के आधार पर हैं और इनकी अंतिम पुष्टि न्यायालय में साक्ष्यों के परीक्षण के बाद ही होगी। फिलहाल मामला अदालत में विचाराधीन है और आगे की सुनवाई के दौरान सभी पक्षों को अपना पक्ष रखने का अवसर मिलेगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button