लखनऊ में बड़े आतंकी हमले की साजिश! विधानसभा और बड़ा इमामबाड़ा थे निशाने पर

लखनऊ में सिलसिलेवार धमाकों की थी तैयारी, आरोपियों ने कई संवेदनशील इलाकों की रेकी की; 7500 पेज की चार्जशीट में सामने आई साजिश

NIA जांच में खुलासा हुआ है कि लखनऊ में विधानसभा, बापू भवन, बड़ा इमामबाड़ा और अमीनाबाद समेत कई संवेदनशील इलाकों पर आतंकी हमलों की साजिश रची गई थी। आरोपियों ने शहर आकर रेकी की और विस्फोटक तैयार करने के लिए सुनसान जगह तलाश की।

लखनऊ। राष्ट्रीय जांच एजेंसी की जांच में राजधानी लखनऊ को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। जांच एजेंसी के मुताबिक, विधानभवन, बापू भवन, बड़ा इमामबाड़ा, लालबाग और अमीनाबाद जैसे महत्वपूर्ण इलाकों में सिलसिलेवार आतंकी हमलों की साजिश रची जा रही थी।

बताया जा रहा है कि दिल्ली के लालकिला क्षेत्र में हुए कार बम विस्फोट मामले की जांच के दौरान यह इनपुट सामने आए। जांच एजेंसियों को मिले दस्तावेजों और तकनीकी साक्ष्यों से पता चला है कि आरोपी लखनऊ में बड़े धमाकों की तैयारी कर रहे थे और इसके लिए कई संवेदनशील स्थानों की रेकी भी की गई थी।

विधानभवन और पुराने लखनऊ के इलाके थे निशाने पर

आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, आरोपियों ने राजधानी के प्रशासनिक और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों को टारगेट बनाने की योजना तैयार की थी। जांच में सामने आया कि विधानभवन और बापू भवन जैसे सरकारी परिसरों के अलावा बड़ा इमामबाड़ा, लालबाग और अमीनाबाद जैसे भीड़भाड़ वाले इलाकों को भी निशाने पर रखा गया था।

सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि इन संभावित हमलों का मकसद शहर में दहशत फैलाना और प्रशासनिक व्यवस्था को प्रभावित करना था।

फरीदाबाद से लखनऊ पहुंचे थे मुख्य आरोपी

जांच में सामने आया है कि मामले के मुख्य आरोपित बताए जा रहे डॉ. मुजम्मिल शकील और डॉ. शाहीन सईद अगस्त 2025 में फरीदाबाद से लखनऊ आए थे। दोनों कुछ दिनों तक शहर में एक रिश्तेदार के यहां रुके थे।

सूत्रों के मुताबिक, इसी दौरान आरोपियों ने संभावित टारगेट वाले इलाकों का निरीक्षण किया और सुरक्षा व्यवस्था का आकलन किया। एजेंसियों को शक है कि रेकी के आधार पर आगे की साजिश को अंतिम रूप दिया जाना था।

विस्फोटक तैयार करने के लिए तलाश रहे थे सुनसान जगह

एनआईए जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी शहर के बाहरी या सुनसान इलाकों में ऐसी जगह तलाश रहे थे, जहां गुप्त रूप से विस्फोटक तैयार किए जा सकें।

सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, पूरी साजिश बेहद सुनियोजित तरीके से तैयार की जा रही थी। इसमें संभावित टारगेट चुनने से लेकर ठिकाने और संसाधनों की व्यवस्था तक कई स्तरों पर तैयारी की गई थी।

7500 पन्नों की चार्जशीट में दर्ज हुआ खुलासा

एनआईए ने इस मामले में 14 मई को करीब 7500 पन्नों का विस्तृत आरोपपत्र दाखिल किया है। इसी चार्जशीट में लखनऊ में संभावित आतंकी हमलों, रेकी और संदिग्ध गतिविधियों का उल्लेख किया गया है।

फिलहाल जांच एजेंसियां आरोपियों के नेटवर्क, फंडिंग, संपर्कों और संभावित सहयोगियों की भूमिका की भी गहन जांच कर रही हैं। राजधानी लखनऊ में सामने आई इस साजिश के बाद सुरक्षा एजेंसियां और सतर्क हो गई हैं।

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