RSS प्रमुख मोहन भागवत बोले- Gen Z पर भरोसा है, सोशल मीडिया पर फर्जी कंटेंट से रहें सावधान

मोहन भागवत जेन जी बयान में RSS प्रमुख ने मुंबई में कहा कि Gen Z और Gen Alpha ईमानदार पीढ़ी हैं, उन्हें राष्ट्रविरोधी कहना गलत है। पैलेट गन, सोशल मीडिया, लोकतंत्र, चीन-पाकिस्तान और संवाद पर उनके प्रमुख बयान पढ़ें।

मुंबई। मोहन भागवत जेन जी बयान गुरुवार को उस समय चर्चा का विषय बन गया जब राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत ने मुंबई में आयोजित इंडियाज इंटरनेशनल मूवमेंट टू यूनाइट नेशन्स (IIMUN) के 15वें स्थापना समारोह में करीब 2,000 युवाओं को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि Gen Z और Gen Alpha ईमानदार, तार्किक और देशभक्ति की भावना रखने वाली पीढ़ियां हैं तथा उन्हें किसी भी आंदोलन में शामिल होने मात्र से राष्ट्रविरोधी नहीं कहा जाना चाहिए।

लोकतंत्र में विरोध भी संवाद का माध्यम

मोहन भागवत ने कहा कि लोकतंत्र में विरोध प्रदर्शन भी संवाद का एक तरीका है। अलग-अलग विचारों के बीच बातचीत और सहमति लोकतांत्रिक व्यवस्था की मजबूती का आधार है। उन्होंने कहा कि यदि संवाद से समाधान नहीं निकलता, तभी आंदोलन की स्थिति आती है, लेकिन उसका उद्देश्य विभाजन नहीं बल्कि समाधान होना चाहिए।

पैलेट गन के इस्तेमाल पर क्या बोले?

नीट परीक्षा पेपर लीक विरोध प्रदर्शन के दौरान जंतर-मंतर पर पैलेट गन के इस्तेमाल का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि किसी भी कार्रवाई से पहले उसके कारणों को समझना आवश्यक है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर ऐसी स्थिति क्यों बनी और इसकी निष्पक्ष समीक्षा होनी चाहिए।

‘Gen Z राष्ट्रविरोधी नहीं’

RSS प्रमुख ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि Gen Z किसी आंदोलन में भाग लेती है तो इसका अर्थ यह नहीं कि वे राष्ट्रविरोधी हैं। उन्होंने कहा कि यह देश की अगली पीढ़ी है, जिसकी चिंताओं को समझना और सम्मान देना समाज तथा सरकार दोनों की जिम्मेदारी है।

सोशल मीडिया पर फर्जी कंटेंट से रहें सावधान

मोहन भागवत ने सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव पर चिंता जताते हुए कहा कि आज तकनीक इतनी विकसित हो चुकी है कि नकली वीडियो और झूठे बयान आसानी से बनाए जा सकते हैं। इसलिए किसी भी जानकारी को साझा करने या उस पर विश्वास करने से पहले विश्वसनीय स्रोत से सत्यापन करना जरूरी है।

उन्होंने युवाओं से डिजिटल अनुशासन अपनाने और जिम्मेदारी के साथ सोशल मीडिया का उपयोग करने की अपील की।

चीन और पाकिस्तान पर भी रखी राय

अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि राजनीतिक मतभेद और सीमाई विवाद अलग विषय हैं, लेकिन मानवता और सांस्कृतिक रिश्तों को स्थायी दुश्मनी में नहीं बदलना चाहिए। संघर्ष के समय देश, सरकार और सेना के साथ खड़ा होना आवश्यक है, लेकिन स्थायी समाधान संवाद और सहयोग से ही निकलता है।

युवाओं को दिया संदेश

भागवत ने कहा कि आज की युवा पीढ़ी हर बात का तार्किक उत्तर चाहती है। यह बदलाव सकारात्मक है क्योंकि सवाल पूछने से बेहतर निर्णय और मजबूत लोकतंत्र का निर्माण होता है। उन्होंने युवाओं से संविधान, लोकतांत्रिक मूल्यों और जिम्मेदार नागरिकता को अपनाने का आह्वान किया।

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