NEET पेपर लीक विवाद: सोनिया गांधी का केंद्र पर हमला, बोलीं- छात्रों से दुश्मनों जैसा व्यवहार कर रही सरकार

NEET पेपर लीक विवाद 2026 में सोनिया गांधी ने केंद्र सरकार पर हमला बोला। उन्होंने छात्रों के प्रदर्शन पर पुलिस कार्रवाई रोकने और संवाद शुरू करने की मांग की। जानिए दिल्ली NEET Protest, कांग्रेस प्रतिक्रिया और पूरे विवाद की जानकारी।

नई दिल्ली। NEET पेपर लीक विवाद को लेकर देशभर में जारी छात्र विरोध प्रदर्शन के बीच कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ सरकार ने कायरता और क्रूरता का व्यवहार किया है।

एक लेख के माध्यम से सोनिया गांधी ने कहा कि छात्रों की मांग केवल जवाबदेही और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की है, लेकिन सरकार ने उनकी आवाज सुनने के बजाय दमन का रास्ता अपनाया।


‘छात्रों के साथ देश के दुश्मनों जैसा व्यवहार’

सोनिया गांधी ने कहा कि पिछले कुछ हफ्तों से देशभर में छात्र परीक्षा पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था की खामियों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने छात्रों के साहस का जवाब “कायरता और क्रूरता” से दिया। उन्होंने कहा कि युवाओं के साथ ऐसा व्यवहार किया गया जैसे वे देश के दुश्मन हों।

सोनिया ने केंद्र सरकार से अपील की कि पुलिस कार्रवाई तुरंत रोकी जाए और छात्रों के साथ बातचीत कर उनकी समस्याओं का समाधान निकाला जाए।


20 जुलाई के संसद मार्च को बताया ‘कलंक का दिन’

सोनिया गांधी ने 20 जुलाई को छात्रों के संसद मार्च के दौरान हुई कार्रवाई को लेकर सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली पुलिस और केंद्रीय बलों ने प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल किया।

उन्होंने दावा किया कि कई शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारी घायल हुए और घर लौट रहे छात्रों को भी परेशान किया गया।

सोनिया गांधी ने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारियों के शरीर पर चोटों के निशान हैं और इस कार्रवाई की जिम्मेदारी सरकार को लेनी चाहिए।


शिक्षा बजट में कटौती का लगाया आरोप

सोनिया गांधी ने केंद्र सरकार की शिक्षा नीति पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले वर्षों में शिक्षा बजट में कमी की गई है।

उन्होंने कहा कि स्कूल शिक्षा के हिस्से में करीब 50 प्रतिशत और उच्च शिक्षा के बजट में 33 प्रतिशत तक कटौती हुई है। उन्होंने यह भी दावा किया कि पिछले 12 वर्षों में बड़ी संख्या में सरकारी स्कूल बंद हुए हैं।


NTA की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल

कांग्रेस नेता ने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) की व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि NTA स्टाफ की कमी और निजी ठेकेदारों पर निर्भरता जैसी समस्याओं से जूझ रही है।

सोनिया गांधी ने दावा किया कि पिछले 12 वर्षों में देश में बड़ी संख्या में पेपर लीक की घटनाएं सामने आई हैं, जिनमें NTA के गठन के बाद भी कई मामले शामिल हैं।


बेरोजगारी को भी बताया छात्रों की नाराजगी की वजह

सोनिया गांधी ने कहा कि छात्रों की नाराजगी केवल परीक्षा विवाद तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे बेरोजगारी और शिक्षा के बढ़ते निजीकरण जैसी समस्याएं भी हैं।

उन्होंने कहा कि रोजगार के अवसरों की कमी और महंगी होती शिक्षा व्यवस्था के कारण युवाओं में निराशा बढ़ रही है।


राहुल गांधी ने भी पीएम मोदी पर साधा निशाना

वहीं लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी NEET विवाद को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला बोला।

उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि छात्र केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। राहुल गांधी ने सरकार के सामने तीन मांगें रखीं—

  1. धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाया जाए।
  2. छात्रों पर कार्रवाई करने वालों के खिलाफ कार्रवाई हो।
  3. सरकार छात्रों से माफी मांगे।

NEET विवाद को लेकर विपक्ष और सरकार के बीच सियासी टकराव लगातार तेज होता जा रहा है। वहीं छात्र संगठन भी अपनी मांगों को लेकर आंदोलन जारी रखे हुए हैं।

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