निपाह वायरस: दो केस के बाद WHO ने कहा- घबराने की जरूरत नहीं

निपाह वायरस के दो मामले सामने आने के बाद WHO ने कहा है कि भारत में संक्रमण फैलने का खतरा कम है और ट्रैवल या ट्रेड पर किसी तरह की रोक लगाने की जरूरत नहीं है।

   हाइलाइट्स : 
  • निपाह वायरस के दो मामलों की पुष्टि
  • WHO ने बताया, भारत में जोखिम सीमित
  • यात्रा और व्यापार पर रोक लगाने की जरूरत नहीं
  • दोनों केस पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले में
  • मानव से मानव संक्रमण की आशंका कम

नई दिल्ली। निपाह वायरस को लेकर भारत में दो मामलों के सामने आने के बाद विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है। WHO के अनुसार, भारत में निपाह वायरस के व्यापक स्तर पर फैलने का खतरा फिलहाल कम बना हुआ है।

WHO ने शुक्रवार, 30 जनवरी 2026 को अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर जारी अपडेट में बताया कि इन दोनों मामलों के बावजूद मानव से मानव संक्रमण बढ़ने के कोई ठोस संकेत नहीं मिले हैं। इसी कारण राष्ट्रीय, क्षेत्रीय और वैश्विक स्तर पर जोखिम सीमित माना जा रहा है।

भारत में निपाह वायरस पर WHO का आकलन

WHO के मुताबिक, निपाह वायरस के ये दोनों मामले पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले तक सीमित हैं। जब मरीजों में लक्षण दिखाई दिए, उस दौरान उनके किसी अन्य राज्य या देश की यात्रा करने की कोई पुष्टि नहीं हुई।

WHO ने यह भी स्पष्ट किया कि इन मामलों के चलते भारत के अन्य हिस्सों में संक्रमण फैलने की संभावना बेहद कम है।

ट्रैवल और ट्रेड को लेकर WHO की सलाह

WHO ने कहा है कि मौजूदा हालात को देखते हुए भारत के लिए यात्रा (Travel) या व्यापार (Trade) पर किसी भी प्रकार का प्रतिबंध लगाने की जरूरत नहीं है। संगठन लगातार स्थानीय प्रशासन और स्वास्थ्य एजेंसियों के संपर्क में है और हालात पर नजर बनाए हुए है।

क्या है निपाह वायरस?

निपाह वायरस एक गंभीर वायरल संक्रमण है, जो मुख्य रूप से फल खाने वाले चमगादड़ों से इंसानों में फैलता है। यह वायरस दूषित भोजन या संक्रमित व्यक्ति के लंबे और करीबी संपर्क से फैल सकता है।

हालांकि, WHO के अनुसार यह वायरस आसानी से नहीं फैलता और केवल सीमित परिस्थितियों में ही एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति तक पहुंचता है।

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