“नोएडा में ऑनलाइन क्रिकेट बेटिंग और साइबर ठगी करने वाले गिरोह का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। थाना सेक्टर-113 पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर 15 सिम कार्ड, 35 एटीएम कार्ड, 14 मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए हैं। जानिए पूरा मामला।“
नोएडा, 20 जून। क्रिकेट मैचों पर ऑनलाइन सट्टेबाजी और बेटिंग ऐप के माध्यम से लोगों को ठगी का शिकार बनाने वाले एक गिरोह का नोएडा पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। थाना सेक्टर-113 पुलिस ने शुक्रवार को तीन आरोपितों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से बड़ी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, बैंकिंग दस्तावेज और अन्य आपत्तिजनक सामग्री बरामद की है। पुलिस का मानना है कि यह गिरोह लंबे समय से ऑनलाइन बेटिंग और निवेश के नाम पर लोगों को ठग रहा था।
लोकल इंटेलिजेंस और सर्विलांस से मिली सफलता
अपर पुलिस उपायुक्त मनीषा सिंह ने बताया कि थाना सेक्टर-113 पुलिस ने लोकल इंटेलिजेंस और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस की सहायता से सेक्टर-122 स्थित एक मकान पर छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान प्रमांशु कुमार, प्रदीप सिंह और कुलदीप सिंह को गिरफ्तार किया गया। तीनों आरोपी अलग-अलग जनपदों के निवासी हैं, लेकिन पिछले कुछ समय से नोएडा में रहकर अवैध ऑनलाइन गतिविधियों का संचालन कर रहे थे।
बेटिंग वेबसाइट और ऐप के जरिए रचा जाता था जाल
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से विज्ञापन देकर लोगों को कम समय में रकम दोगुनी करने का लालच देते थे। इसके लिए वे लोगों को विशेष ऑनलाइन बेटिंग वेबसाइट और मोबाइल एप्लीकेशन से जोड़ते थे। क्रिकेट मैचों पर सट्टा लगाने और भारी मुनाफा कमाने का सपना दिखाकर लोगों से निवेश कराया जाता था।
जैसे ही लोग उनके बताए प्लेटफॉर्म पर पैसा जमा करते थे, आरोपी विभिन्न तकनीकी तरीकों से रकम अपने नियंत्रण वाले खातों में स्थानांतरित कर लेते थे। इसके बाद पीड़ितों का पैसा वापस नहीं किया जाता था और उनसे संपर्क भी तोड़ दिया जाता था।
भारी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक और बैंकिंग सामग्री बरामद
छापेमारी के दौरान पुलिस ने आरोपितों के कब्जे से 15 सिम कार्ड, 14 मोबाइल फोन, 4 लैपटॉप, 35 एटीएम कार्ड, 3 पैन कार्ड, 3 आधार कार्ड, 4 मेट्रो कार्ड, 9 चेकबुक, 4 बैंक पासबुक, एक वाई-फाई राउटर और लेनोवा कंपनी का एक टैबलेट बरामद किया है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार बरामद सामग्री से संकेत मिलता है कि गिरोह फर्जी या किराए के बैंक खातों और मोबाइल नंबरों का उपयोग कर ऑनलाइन लेन-देन और ठगी के नेटवर्क का संचालन करता था। जब्त उपकरणों की फोरेंसिक जांच कराई जा रही है ताकि गिरोह के पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जा सके।
पढ़े-लिखे युवकों ने चुना ठगी का रास्ता
गिरफ्तार आरोपितों में प्रमांशु कुमार पॉलिटेक्निक का छात्र है, जबकि प्रदीप सिंह बीटेक की पढ़ाई पूरी कर चुका है। तीसरा आरोपी कुलदीप सिंह इंटरमीडिएट तक शिक्षित है। पुलिस का कहना है कि शुरुआती जांच में सामने आया है कि तकनीकी जानकारी का इस्तेमाल कर ये लोग ऑनलाइन ठगी को अंजाम दे रहे थे।
पीड़ितों और ठगी की रकम का लगाया जा रहा पता
थाना सेक्टर-113 में तीनों आरोपितों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि गिरोह ने अब तक कितने लोगों को अपना शिकार बनाया और करोड़ों रुपये की संभावित ठगी में किन-किन बैंक खातों का इस्तेमाल किया गया।
अधिकारियों के अनुसार आरोपितों से पूछताछ जारी है और जांच के आधार पर गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की गिरफ्तारी भी की जा सकती है। पुलिस को आशंका है कि इस नेटवर्क के तार अन्य राज्यों तक भी जुड़े हो सकते हैं।
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