“मतदान से पहले नरेंद्र मोदी ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर सांसदों से समर्थन की अपील की। कहा—करोड़ों महिलाओं की नजर इस फैसले पर है।“
नई दिल्ली, 17 अप्रैल 2026। संसद में नारी शक्ति वंदन अधिनियम में संशोधन पर होने वाली वोटिंग से ठीक पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के सभी सांसदों और राजनीतिक दलों से भावनात्मक अपील की है। उन्होंने कहा कि इस फैसले पर देश की करोड़ों महिलाओं की नजर टिकी है, इसलिए सभी को जिम्मेदारी के साथ निर्णय लेना चाहिए।
प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया पर अपने संदेश में कहा कि संसद में इस मुद्दे पर देर रात तक गंभीर चर्चा हुई और उठाए गए सभी सवालों व आशंकाओं का समाधान कर दिया गया है। उन्होंने दावा किया कि जिन सदस्यों के पास जानकारी का अभाव था, उन्हें भी पूरी जानकारी उपलब्ध करा दी गई है।
पीएम मोदी ने कहा कि महिला आरक्षण का मुद्दा पिछले चार दशकों से राजनीति का विषय बना हुआ है, लेकिन अब समय आ गया है कि देश की आधी आबादी को उनका अधिकार मिले। उन्होंने चिंता जताई कि आज भी निर्णय प्रक्रिया में महिलाओं की भागीदारी अपेक्षाकृत कम है, जिसे बदलना जरूरी है।
उन्होंने सभी दलों से अपील करते हुए कहा कि वे संवेदनशीलता और गंभीरता के साथ इस विधेयक का समर्थन करें। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि कोई भी ऐसा कदम नहीं उठाया जाना चाहिए जिससे महिलाओं की भावनाएं आहत हों।
प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में जोर देकर कहा कि यह केवल एक विधेयक नहीं, बल्कि देश की नारी शक्ति के सम्मान और सशक्तिकरण का सवाल है। उन्होंने कहा कि यह ऐतिहासिक अवसर है, जिसे गंवाना नहीं चाहिए।
संसद में होने वाली वोटिंग से पहले प्रधानमंत्री की इस अपील ने राजनीतिक माहौल को और गर्मा दिया है। अब यह देखना अहम होगा कि विभिन्न दल इस मुद्दे पर क्या रुख अपनाते हैं और यह बहुचर्चित विधेयक किस दिशा में जाता है।
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