“चंद्रनाथ रथ हत्याकांड में सीबीआई को वांछित ज्ञानेंद्र सिंह उर्फ मनु ने बलिया की गैंगस्टर कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया। सीबीआई ने उसके सहयोगी गोलू सिंह को गिरफ्तार किया है। जानिए बलिया से जुड़े इस हाई-प्रोफाइल मामले की पूरी कहानी।“
बलिया। चर्चित चंद्रनाथ रथ हत्याकांड में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को जिस आरोपी की तलाश थी, उसने जांच एजेंसियों की कार्रवाई से पहले ही अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया। बलिया के शीतल दवनी गांव निवासी ज्ञानेंद्र सिंह उर्फ मनु ने गुरुवार को बलिया की गैंगस्टर कोर्ट में सरेंडर कर दिया।
जानकारी के अनुसार, सीबीआई, एसटीएफ, एसओजी और स्थानीय पुलिस लगातार ज्ञानेंद्र सिंह की तलाश में जुटी हुई थीं। जांच एजेंसियों को सूचना मिली थी कि वह बांसडीह रोड क्षेत्र में मौजूद है, जिसके बाद बुधवार रात इलाके में दबिश भी दी गई। हालांकि, कार्रवाई की भनक लगने के बाद वह वहां से निकल गया।
सहयोगी गोलू सिंह की गिरफ्तारी के बाद बढ़ी थी दबिश
सीबीआई ने बुधवार देर रात ज्ञानेंद्र सिंह के करीबी सहयोगी गोलू सिंह को गिरफ्तार किया था। गोलू सिंह बलिया के वासुदेवपुर गांव का रहने वाला बताया गया है। जांच एजेंसियों को उम्मीद थी कि गोलू की गिरफ्तारी के बाद ज्ञानेंद्र तक पहुंचना आसान होगा, लेकिन इससे पहले ही उसने अदालत का रुख कर लिया।
सूत्रों के अनुसार, जब सीबीआई की टीम गिरफ्तार आरोपी की ट्रांजिट रिमांड लेने की प्रक्रिया में व्यस्त थी, उसी दौरान ज्ञानेंद्र सिंह ने बलिया की गैंगस्टर अदालत में पहुंचकर आत्मसमर्पण कर दिया।
गैंगस्टर एक्ट मामले में था वांछित
ज्ञानेंद्र सिंह के खिलाफ वर्ष 2023 में बांसडीह रोड थाने में गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। अदालत में लगातार अनुपस्थित रहने के कारण उसके खिलाफ गैर-जमानती वारंट (एनबीडब्ल्यू) जारी किया गया था। इसी मामले में उसने न्यायालय में आत्मसमर्पण किया है।
चंद्रनाथ रथ हत्याकांड से जुड़ने के बाद बढ़ी चर्चा
ज्ञानेंद्र सिंह का नाम उस समय चर्चा में आया जब सीबीआई ने उसे चंद्रनाथ रथ हत्याकांड की जांच में महत्वपूर्ण कड़ी माना। इस मामले में जांच एजेंसियां कई राज्यों में छानबीन कर रही हैं और विभिन्न संदिग्धों से पूछताछ भी की जा रही है।
पत्नी ने कहा- सीबीआई पर पूरा भरोसा
ज्ञानेंद्र सिंह की पत्नी मेघना सिंह ने कहा कि उनके पति कानून का सम्मान करते हैं और उन्हें सीबीआई की जांच पर पूरा भरोसा है। उन्होंने दावा किया कि ज्ञानेंद्र पहले भी सार्वजनिक रूप से जांच एजेंसी के सामने पेश होने की बात कह चुके थे।
बताया जा रहा है कि आत्मसमर्पण से पहले ज्ञानेंद्र सिंह ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा कर सीबीआई के समक्ष सरेंडर करने की इच्छा भी जताई थी। अब अदालत में आत्मसमर्पण के बाद आगे की कानूनी प्रक्रिया और सीबीआई की कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं।
गौरतलब है कि चंद्रनाथ रथ हत्याकांड पूर्वी भारत के चर्चित मामलों में शामिल है और इसकी जांच सीबीआई द्वारा की जा रही है। ऐसे में ज्ञानेंद्र सिंह का आत्मसमर्पण जांच के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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