“PM Modi G7 Summit 2026 के लिए फ्रांस के एवियन पहुंचे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर, कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी और UAE राष्ट्रपति से अहम द्विपक्षीय बैठकें प्रस्तावित हैं।“
लखनऊ/नई दिल्ली। PM Modi G7 Summit 2026 के तहत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को फ्रांस के एवियन-ले-बैंस (Évian-les-Bains) पहुंच गए, जहां वे जी-7 शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। इस वैश्विक मंच पर दुनिया के प्रमुख नेता ईरान-इजराइल तनाव, यूक्रेन युद्ध, वैश्विक अर्थव्यवस्था, ऊर्जा सुरक्षा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा करेंगे।
फ्रांस इस वर्ष जी-7 समूह की अध्यक्षता कर रहा है और 15 से 17 जून तक आयोजित इस सम्मेलन में भारत को साझेदार देश के रूप में आमंत्रित किया गया है। प्रधानमंत्री मोदी की मौजूदगी को भारत की बढ़ती वैश्विक भूमिका और रणनीतिक महत्व के रूप में देखा जा रहा है।
ट्रंप से होगी महत्वपूर्ण द्विपक्षीय वार्ता
शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच बुधवार को अहम द्विपक्षीय बैठक प्रस्तावित है। दोनों नेताओं के बीच यह मुलाकात ऐसे समय में हो रही है जब भारत-अमेरिका व्यापार वार्ताएं जारी हैं और पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण वैश्विक सुरक्षा पर नई चुनौतियां सामने आई हैं।
सूत्रों के अनुसार, बैठक में व्यापार, रक्षा सहयोग, हिंद-प्रशांत क्षेत्र की सुरक्षा, ऊर्जा आपूर्ति और वैश्विक रणनीतिक साझेदारी जैसे विषय प्रमुख रहेंगे।
कनाडा, ब्रिटेन और यूएई के नेताओं से भी मुलाकात
प्रधानमंत्री मोदी सम्मेलन के इतर कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर तथा संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से भी द्विपक्षीय वार्ता करेंगे।
इन बैठकों में आर्थिक सहयोग, निवेश, तकनीकी साझेदारी, ऊर्जा सुरक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है।
विश्व नेताओं की मौजूदगी में होगा मंथन
फ्रांस में आयोजित इस सम्मेलन में अमेरिका, ब्रिटेन, जर्मनी, इटली, जापान, कनाडा और यूरोपीय संघ के शीर्ष नेता शामिल हो रहे हैं। इसके अलावा भारत, ब्राजील, दक्षिण कोरिया, केन्या और चीन के प्रतिनिधि भी सम्मेलन का हिस्सा हैं।
सम्मेलन के दौरान वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए नई साझेदारियों और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को मजबूत बनाने पर विशेष जोर दिया जाएगा।
AI, युद्ध और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर फोकस
जी-7 शिखर सम्मेलन का प्रमुख विषय “Forging New Partnerships and Rebuilding International Solidarity” रखा गया है। इस दौरान कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के बढ़ते प्रभाव, वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं, जलवायु परिवर्तन, ऊर्जा संकट तथा सुरक्षा चुनौतियों पर विस्तृत चर्चा होगी।
भारत डिजिटल नवाचार, हरित ऊर्जा, वैश्विक दक्षिण की आवाज और बहुपक्षीय सहयोग जैसे विषयों पर अपना दृष्टिकोण प्रस्तुत करेगा।
स्लोवाकिया दौरे के बाद पहुंचे फ्रांस
फ्रांस पहुंचने से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने स्लोवाकिया का दौरा किया, जिसे उन्होंने “ऐतिहासिक और परिणामोन्मुख” बताया। स्लोवाकिया के प्रधानमंत्री रॉबर्ट फिको ने व्यक्तिगत रूप से उन्हें विदाई दी। इससे पहले स्विट्जरलैंड में भी उनका गर्मजोशी से स्वागत किया गया था।
भारत की वैश्विक भूमिका और मजबूत होगी
विशेषज्ञों का मानना है कि जी-7 सम्मेलन में प्रधानमंत्री मोदी की सक्रिय भागीदारी भारत की वैश्विक कूटनीतिक स्थिति को और मजबूत करेगी। अमेरिका, यूरोप और खाड़ी देशों के साथ होने वाली बैठकों से व्यापार, निवेश और रणनीतिक सहयोग के नए अवसर खुल सकते हैं।
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