“प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हरियाणा के जींद में ₹14,700 करोड़ की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। उन्होंने कहा कि वैश्विक युद्ध और तेल संकट के बावजूद भारत की विकास यात्रा जारी है तथा देश का लगभग 99% रेलवे नेटवर्क विद्युतीकृत हो चुका है।“
जींद, हरियाणा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को हरियाणा के जींद में आयोजित कार्यक्रम के दौरान करीब ₹14,700 करोड़ की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर युद्ध और तेल संकट जैसी चुनौतियों के बावजूद भारत की विकास यात्रा और कनेक्टिविटी प्रभावित नहीं हुई है।
प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि पिछले 12 वर्षों में देश के करीब 99 प्रतिशत रेलवे नेटवर्क का विद्युतीकरण किया जा चुका है, जो भारतीय रेलवे के आधुनिकीकरण की दिशा में बड़ी उपलब्धि है।

जींद बना विकास और सुशासन का प्रतीक
सभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि हरियाणा का जींद अब भाजपा-एनडीए सरकार के सुशासन मॉडल का प्रतीक बन चुका है। उन्होंने कहा कि राज्य ने पिछले कुछ वर्षों में विकास की नई दिशा पकड़ी है और डबल इंजन सरकार विकास को नई गति दे रही है।
भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को दिखाई हरी झंडी
प्रधानमंत्री ने जींद रेलवे स्टेशन से जींद-सोनीपत के बीच चलने वाली भारत की पहली हाइड्रोजन फ्यूल सेल ट्रेन को हरी झंडी दिखाई।
उन्होंने कहा कि जिस तरह भारत की पहली ट्रेन के लिए मुंबई-ठाणे मार्ग को याद किया जाता है, उसी तरह भविष्य में हाइड्रोजन ट्रेन का उल्लेख होने पर जींद, सोनीपत और हरियाणा का नाम भी याद किया जाएगा।
₹14,700 करोड़ की परियोजनाओं का उद्घाटन
कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने कई बड़ी विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया, जिनमें प्रमुख हैं—
- ₹12,470 करोड़ से अधिक की राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाएं।
- दिल्ली-अमृतसर-कटरा एक्सप्रेसवे के कई पैकेज राष्ट्र को समर्पित।
- अंबाला-काला अंब हाईवे का उद्घाटन।
- जींद-गोहाना ग्रीनफील्ड हाईवे राष्ट्र को समर्पित।
- हांसी-बरवाला हाईवे परियोजना का शिलान्यास।
- कुरुक्षेत्र एलिवेटेड रेलवे ट्रैक का उद्घाटन।
- भिवानी और नारनौल में दो नए सरकारी मेडिकल कॉलेज राष्ट्र को समर्पित।
- कुरुक्षेत्र में सिख संग्रहालय की आधारशिला रखी।
रेलवे के आधुनिकीकरण पर जोर
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारतीय रेलवे तेजी से आधुनिक हो रहा है। रेलवे का लगभग पूरा नेटवर्क विद्युतीकृत किया जा चुका है, जिससे ईंधन लागत कम होगी, पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा और ट्रेनों का संचालन अधिक कुशल होगा।
हाइड्रोजन ट्रेन की खासियत
रेल मंत्रालय के अनुसार भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन पूरी तरह स्वदेशी तकनीक पर आधारित है।
इसकी प्रमुख विशेषताएं—
- हाइड्रोजन फ्यूल सेल तकनीक।
- संचालन के दौरान लगभग शून्य कार्बन उत्सर्जन।
- उप-उत्पाद के रूप में केवल जलवाष्प और गर्मी।
- 10 कोच वाली भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन।
- 3200 हॉर्सपावर क्षमता वाला शक्तिशाली प्रोपल्शन सिस्टम।
- डीजल ट्रेनों की तुलना में कम प्रदूषण और कम शोर।
हरित परिवहन की दिशा में बड़ा कदम
विशेषज्ञों के अनुसार हाइड्रोजन ट्रेन परियोजना भारत के स्वच्छ ऊर्जा, आत्मनिर्भर भारत और नेट-जीरो कार्बन उत्सर्जन लक्ष्य की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। इससे भविष्य में रेलवे में हरित ईंधन के उपयोग को बढ़ावा मिलेगा।
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