“राहुल गांधी ने पीएम मोदी पर गंभीर आरोप लगाए। कहा कि एपस्टीन फाइल और अडाणी केस के दबाव में मोदी ने अमेरिका के साथ व्यापार समझौता किया। पढ़ें पूरा मामला और संसद में उठे विवाद।“
हाइलाइट्स :
- लोकसभा में पहली बार विपक्षी नेता को बोलने की अनुमति नहीं मिली।
- राहुल गांधी का आरोप: मोदी पर एपस्टीन फाइल और अडाणी केस के कारण दबाव।
- व्यापार समझौते से किसानों और कृषि क्षेत्र को बड़ा नुकसान।
- कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने संसद में पूरी जानकारी साझा करने की मांग की।
- भारत-अमेरिका संबंधों में मोदी की कूटनीति पर उठे सवाल।
नई दिल्ली। लोकसभा में प्रतिपक्ष के नेता राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर सीधा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि उन्हें सदन में बोलने की अनुमति नहीं दी गई, जो इतिहास में पहली बार हुआ है। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री मोदी पर बहुत अधिक दबाव है और इसी कारण उन्होंने अमेरिका के साथ व्यापार समझौता स्वीकार कर लिया।
राहुल गांधी ने कहा, “एपस्टीन फाइल और अडाणी केस की वजह से मोदी अमेरिका की बात मान रहे हैं। ये दो मुख्य दबाव बिंदु हैं। देश को यह समझना चाहिए। मोदी जी डरे हुए हैं और उन्होंने व्यापार समझौते में हमारी मेहनत बेच दी है। उनकी छवि खराब हो गई है और इसका असर देश पर भी पड़ेगा।”
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि सरकार को संसद में विश्वास में लेना चाहिए और दोनों सदनों के पटल पर व्यापार समझौते के मसौदे रखे जाएं। उन्होंने बताया कि भारत-अमेरिका संबंध पहले कभी इतने संभावनाओं से भरे नहीं लगे थे। लेकिन हालिया घटनाक्रम और व्यापार समझौते की प्रक्रिया में भारत की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा है।
रमेश ने कहा, “राष्ट्रपति ट्रंप ने भारतीय समयानुसार सोमवार देर रात व्यापार समझौते की घोषणा की। इससे स्पष्ट है कि प्रधानमंत्री मोदी ने पूरी तरह समर्पण किया है। यह दुर्भाग्यपूर्ण घटनाक्रम देश की प्रतिष्ठा पर असर डालता है।”
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