“बीजेपी सांसद और अभिनेता रवि किशन ने सोशल मीडिया पर चल रहे विवाद के बीच सफाई देते हुए कहा कि उनका एनकाउंटर संबंधी बयान केवल उत्तर प्रदेश के अपराधियों और माफिया के संदर्भ में था। उन्होंने भ्रामक पोस्ट हटाने और गलत प्रचार बंद करने की अपील की है।“
गोरखपुर। भारतीय जनता पार्टी के सांसद और अभिनेता रवि किशन इन दिनों सोशल मीडिया पर अपने एक बयान को लेकर चर्चा और विवाद के केंद्र में हैं। एनकाउंटर को लेकर दिए गए उनके बयान के बाद सोशल मीडिया पर कई तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आईं, जिसके बाद सांसद को सफाई जारी करनी पड़ी।
रवि किशन ने एक वीडियो संदेश जारी कर कहा कि उनके बयान को गलत संदर्भ में प्रस्तुत किया जा रहा है और कुछ लोग उन्हें बदनाम करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका बयान केवल उत्तर प्रदेश में अपराधियों और माफिया के खिलाफ चल रही कार्रवाई के संदर्भ में था।
उन्होंने कहा कि कुछ सोशल मीडिया यूजर्स उनके बयान को बिहार के भरत तिवारी मामले से जोड़कर प्रचारित कर रहे हैं, जबकि उनका उस घटना से कोई संबंध नहीं है। सांसद ने लोगों से अपील की कि वे किसी की भावनाओं से न खेलें और भ्रामक सामग्री साझा करने से बचें।
रवि किशन ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि गलत और भ्रामक पोस्ट हटाई नहीं गईं तो उन्हें कानूनी कार्रवाई करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में मुकदमा दर्ज कराया जाएगा और संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
क्या था विवाद?
कुछ दिन पहले एनकाउंटर के मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए रवि किशन ने कहा था कि उत्तर प्रदेश में जिन लोगों का एनकाउंटर हुआ है, वे अपराधी और माफिया थे तथा किसी निर्दोष या सभ्य व्यक्ति का एनकाउंटर नहीं हुआ है। उनके इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर बहस तेज हो गई थी।
अखिलेश यादव को दी थी नसीहत
समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव द्वारा एनकाउंटर को लेकर उठाए जा रहे सवालों के जवाब में रवि किशन ने कहा था कि राजनीति विकास और जनहित के मुद्दों पर होनी चाहिए। उन्होंने कहा था कि एनकाउंटर अपराधियों का होता है, न कि सामान्य और कानून का पालन करने वाले नागरिकों का।
सोशल मीडिया पर बढ़ी राजनीतिक बहस
रवि किशन के बयान के बाद सोशल मीडिया पर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। समर्थक और विरोधी दोनों पक्ष अपने-अपने तर्क रख रहे हैं। इसी बीच सांसद की ओर से जारी वीडियो को विवाद को शांत करने और स्थिति स्पष्ट करने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।
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