उत्तर प्रदेश विधान सभा में हंगामा: अध्यक्ष सतीश महाना ने गुस्से में फेंका हेडफोन

सतीश महाना हेडफोन फेंका — यूपी विधानसभा बजट सत्र 2026 के दौरान भाजपा विधायक केतकी सिंह की टोका-टोकी पर स्पीकर सतीश महाना नाराज़ हो गए और 10 मिनट के लिए सदन स्थगित कर दिया। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने शायरी सुनाकर माहौल हल्का किया। जानें पूरा घटनाक्रम, जिला लखनऊ, उत्तर प्रदेश की राजनीतिक खबर।

हाइलाइट्स :

  • विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने गुस्से में हेडफोन फेंका
  • भाजपा विधायक केतकी सिंह पर जताई नाराज़गी
  • 10 मिनट के लिए सदन की कार्यवाही स्थगित
  • वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने शायरी से माहौल बदला

लखनऊ । यूपी विधानसभा के बजट सत्र के पांचवें दिन सदन की कार्यवाही के दौरान उस समय माहौल गरमा गया, जब टोका-टोकी से नाराज विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना भाजपा विधायक केतकी सिंह पर भड़क उठे।

सदन शुरू होने के कुछ ही देर बाद सपा विधायक रागिनी सोनकर ने लोक सेवा आयोग की भर्तियों को लेकर सवाल उठाया। इसका जवाब वित्त मंत्री सुरेश खन्ना दे रहे थे। इसी दौरान बीच में हुई टिप्पणी पर अध्यक्ष ने आपत्ति जताई। जब केतकी सिंह खड़ी हुईं तो महाना ने नाराजगी जताते हुए कहा, “क्या आप सदन चलाएंगी? सदन चलाना मेरा काम है।”

इसके बाद उन्होंने गुस्से में हेडफोन निकालकर फेंक दिया और करीब 10 मिनट के लिए सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी।

शायरी से बदला माहौल

10 मिनट बाद जब अध्यक्ष वापस लौटे तो माहौल हल्का करने की कोशिश हुई। कांग्रेस विधायक आराधना मिश्रा ने कहा, “आप मुस्कुराते अच्छे लगते हैं।” इस पर सपा विधायक कमाल अख्तर ने शायरी सुनाई—
“तुम रूठा न करो, सबकी जान चली जाती है,
तुम हंसते रहते हो तो बिजली-सी चमक जाती है।”

इस पर वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने मुस्कुराते हुए कहा, “महबूबा वाली शायरी यहां न सुनाया करो।” फिर उन्होंने खुद शेर पढ़ा—
“आज दुनिया को तरकीब बता दी जाए,
दुश्मनी प्यार की लहरों में बहा दी जाए।”

इसके बाद सदन तालियों से गूंज उठा और कार्यवाही सामान्य हो गई।

कौन हैं केतकी सिंह

केतकी सिंह बलिया की बांसडीह विधानसभा सीट से भाजपा विधायक हैं। उन्होंने 2022 के चुनाव में सपा के वरिष्ठ नेता रामगोविंद चौधरी को 21,855 मतों से हराकर पहली बार जीत दर्ज की थी।

आउटसोर्स कर्मचारियों पर सरकार का रुख

विधानसभा में आजमगढ़ के सपा विधायक संग्राम सिंह यादव ने मेडिकल कॉलेज के आउटसोर्स कर्मचारियों का मुद्दा उठाया। जवाब में श्रम मंत्री अनिल राजभर ने कहा कि आउटसोर्स कर्मचारियों को नियमित नहीं किया जा सकता। उनके हितों की सुरक्षा के लिए अलग से निगम बनाया गया है।

16 साल के बच्चों को लाइसेंस पर प्रस्ताव

परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने कहा कि पहले 50CC गाड़ियों के लिए 16 साल के बच्चों को लाइसेंस मिल जाता था। अब इलेक्ट्रिक वाहनों को देखते हुए सरकार ने केंद्र से अनुरोध किया है कि 16 वर्ष के युवाओं को भी लाइसेंस देने पर विचार किया जाए।

विधान परिषद में भी उठा मुद्दा

विधान परिषद में एक शिक्षक के निलंबन के मुद्दे पर बहस हुई। सभापति ने शिक्षा मंत्री संदीप सिंह को नसीहत दी कि अधिकारी को बचाने का प्रयास न करें।

बजट सत्र के दौरान विपक्ष ने शिक्षा, भर्ती और कर्मचारियों के मुद्दों पर सरकार को घेरा, जबकि सरकार ने अपनी नीतियों और उपलब्धियों का बचाव किया।

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