“रांची में आयोजित द्वितीय साउथ एशियन थ्रो बॉल चैंपियनशिप 2026 में भारत ने पुरुष और महिला दोनों वर्गों में स्वर्ण पदक जीतकर ओवरऑल चैंपियन का खिताब अपने नाम किया। महिला फाइनल में बांग्लादेश ने रेफरी के फैसलों पर विवाद भी जताया।“
रांची। झारखंड की राजधानी रांची में आयोजित द्वितीय साउथ एशियन थ्रो बॉल चैंपियनशिप 2026 का समापन भारत के शानदार प्रदर्शन के साथ हुआ। पांच देशों की भागीदारी वाली इस अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में भारतीय पुरुष और महिला दोनों टीमों ने स्वर्ण पदक जीतकर अपना वर्चस्व कायम रखा। इसके साथ ही भारत ने ओवरऑल चैंपियन का खिताब भी अपने नाम कर लिया।
इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में भारत के अलावा श्रीलंका, बांग्लादेश, नेपाल और भूटान की टीमों ने हिस्सा लिया था। पूरे टूर्नामेंट में भारतीय खिलाड़ियों ने बेहतरीन खेल भावना, तकनीकी दक्षता और टीमवर्क का प्रदर्शन किया।
पुरुष वर्ग में श्रीलंका को हराकर जीता स्वर्ण
पुरुष वर्ग का फाइनल मुकाबला भारत और श्रीलंका के बीच खेला गया। मैच की शुरुआत से ही दोनों टीमों ने शानदार खेल दिखाया और दर्शकों को रोमांचक मुकाबला देखने को मिला।
तीन सेट तक चले इस संघर्षपूर्ण मुकाबले में श्रीलंका ने भारतीय टीम को कड़ी चुनौती दी, लेकिन निर्णायक सेट में भारतीय खिलाड़ियों ने अनुभव और संयम का परिचय देते हुए मुकाबला अपने नाम कर लिया।
इस जीत के साथ भारत ने पुरुष वर्ग का स्वर्ण पदक हासिल किया, जबकि श्रीलंका को रजत और बांग्लादेश को कांस्य पदक मिला।
महिला वर्ग में भारत का दबदबा
महिला वर्ग के फाइनल में भारत का सामना बांग्लादेश से हुआ। भारतीय टीम ने शुरुआत से ही मुकाबले पर नियंत्रण बनाए रखा और शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया।
हालांकि मुकाबले के दौरान विवाद भी देखने को मिला। बांग्लादेश की खिलाड़ियों ने रेफरी के कुछ फैसलों पर आपत्ति जताते हुए खेल रोक दिया और कोर्ट छोड़ दिया। बाद में आयोजकों और अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद मैच दोबारा शुरू कराया गया।
अंततः भारतीय टीम को विजेता घोषित किया गया। महिला वर्ग में भारत को स्वर्ण, बांग्लादेश को रजत और श्रीलंका को कांस्य पदक मिला।
बांग्लादेश ने रेफरी के फैसलों पर उठाए सवाल
मुकाबले के बाद बांग्लादेश महिला टीम की कप्तान झरना अख्तर ने आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि मेजबानी शानदार रही, लेकिन कुछ रेफरी निर्णयों से उनकी टीम असहमत थी।
वहीं भारतीय खिलाड़ियों ने कहा कि खेल में निर्णयों का सम्मान करना खेल भावना का हिस्सा है और किसी भी विवाद का समाधान निर्धारित प्रक्रिया के तहत होना चाहिए।
फेडरेशन अध्यक्ष ने दिया बयान
थ्रो बॉल फेडरेशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष रमन कुमार सहनी ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में कभी-कभी ऐसी परिस्थितियां सामने आती हैं। उन्होंने कहा कि रेफरी का फैसला खेल का हिस्सा होता है और सभी खिलाड़ियों को उसका सम्मान करना चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि कुल मिलाकर प्रतियोगिता बेहद सफल रही और इससे दक्षिण एशियाई देशों के बीच खेल संबंधों को मजबूती मिलेगी।
भारतीय खिलाड़ियों ने मनाया जीत का जश्न
दोनों वर्गों में स्वर्ण पदक जीतने के बाद भारतीय खिलाड़ियों ने तिरंगे के साथ शानदार जश्न मनाया। स्टेडियम में मौजूद दर्शकों ने भी तालियों और नारों के जरिए खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया।
पूरे टूर्नामेंट में भारतीय टीमों का प्रदर्शन प्रभावशाली रहा, जिसके चलते भारत ने न केवल दोनों वर्गों के खिताब जीते बल्कि ओवरऑल चैंपियन बनने का गौरव भी हासिल किया।
भारत ने फिर साबित की अपनी ताकत
रांची में आयोजित इस अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता ने एक बार फिर साबित कर दिया कि थ्रो बॉल के खेल में भारत दक्षिण एशिया की सबसे मजबूत टीमों में से एक है। खिलाड़ियों के उत्कृष्ट प्रदर्शन और दर्शकों के उत्साह ने इस आयोजन को यादगार बना दिया।
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