संजू सैमसन बने भारत की जीत के हीरो, तीसरी बार वर्ल्ड चैंपियन बना भारत

“संजू सैमसन की शानदार पारियों के दम पर भारत ने न्यूजीलैंड को 96 रन से हराकर तीसरी बार T20 विश्व कप जीत लिया। वेस्टइंडीज के खिलाफ 97*, इंग्लैंड के खिलाफ 89 और फाइनल में 89 रन की पारी से सैमसन बने टीम इंडिया के असली गेम चेंजर।“

अहमदाबाद। क्रिकेट भले ही टीम गेम हो, लेकिन भारत को तीसरी बार ICC Men’s T20 World Cup का चैंपियन बनाने में अगर किसी एक खिलाड़ी की भूमिका सबसे अहम रही तो वह रहे Sanju Samson। शुरुआती मुकाबलों में अंतिम एकादश से बाहर रहने के बावजूद सैमसन ने जब मौका मिला तो लगातार तीन शानदार पारियां खेलकर टीम की जीत की नींव रख दी।

टूर्नामेंट के निर्णायक चरण में सैमसन ने वेस्टइंडीज के खिलाफ करो या मरो मुकाबले में नाबाद 97 रन बनाए। इसके बाद सेमीफाइनल में England national cricket team के खिलाफ 89 रनों की महत्वपूर्ण पारी खेलकर भारत को फाइनल में पहुंचाया।

फाइनल मुकाबले में भारत का सामना New Zealand national cricket team से हुआ, जहां सैमसन ने फिर 89 रनों की दमदार पारी खेली। उनकी इस पारी की बदौलत भारतीय टीम ने 255 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। इसके जवाब में न्यूजीलैंड की टीम लक्ष्य से काफी दूर रह गई और India national cricket team ने 96 रन से जीत दर्ज करते हुए तीसरी बार टी-20 विश्व कप का खिताब अपने नाम किया।

प्रतिभा और संघर्ष से भरा रहा करियर

भारतीय क्रिकेट में संजू सैमसन को लंबे समय से बेहद प्रतिभाशाली बल्लेबाज माना जाता रहा है। उनका करियर हालांकि उतार-चढ़ाव से भरा रहा और उन्हें टीम में स्थायी जगह बनाने के लिए लंबे समय तक इंतजार करना पड़ा।

महज 17 वर्ष की उम्र में प्रथम श्रेणी क्रिकेट में पदार्पण करने वाले सैमसन ने अगले ही सीजन में दो शतक और एक अर्धशतक लगाकर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। इसके बाद उन्हें Rajasthan Royals की ओर से Indian Premier League में खेलने का मौका मिला, जहां उस समय टीम के कोच Rahul Dravid ने उन्हें भविष्य का भारतीय स्टार बताया था।

आईपीएल में लगातार अच्छे प्रदर्शन के बाद सैमसन को 2015 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में मौका मिला, लेकिन शुरुआती दौर में वह टीम में अपनी जगह पक्की नहीं कर सके। घरेलू क्रिकेट और आईपीएल में शानदार प्रदर्शन के बावजूद उन्हें लंबे समय तक टीम में अंदर-बाहर होना पड़ा।

मौके को बनाया यादगार

हालिया टूर्नामेंट में भी शुरुआत में सैमसन बेंच पर बैठे रहे, लेकिन जब टीम संयोजन में बदलाव के बाद उन्हें मौका मिला तो उन्होंने उसे पूरी तरह भुनाया। उनकी मैच जिताऊ पारियों ने न सिर्फ भारत को फाइनल तक पहुंचाया, बल्कि टीम को तीसरी बार टी-20 विश्व कप चैंपियन बनाने में भी निर्णायक भूमिका निभाई।

इस प्रदर्शन के बाद संजू सैमसन को भारतीय टीम की जीत का असली ‘गेम चेंजर’ माना जा रहा है।

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